Sunday , 21 January 2018

Home » खबर खास » आइए अभी तो वक्त है

आइए अभी तो वक्त है

January 4, 2018 1:49 pm by: Category: खबर खास Leave a comment A+ / A-

आइए अभी तो वक्त है

आइए अभी तो वक्त है

मजदूर संगठन समीति को
गैरकानूनी घोषित करती है सत्ता
हजारों मजदूर संगठन चुप्पी की चादर ओढे रहते हैं

नहीं करते आह्वान
सड़को पर निकलने का
नहीं करते आह्वान
फैक्ट्रियों में काम बंद कर
लोगों को जागरूक करने का

मुझे नहीं आता गुस्सा
ऐसे संगठनों पर, लेकिन –
जो संगठन फासीवाद चिल्ला रहे हैं
जगह-जगह ब्रेख्त की कविता पढ़ रहे हैं  

जिसका अंतिम वाक्य है
“तुम्हारे लिए बोलने वाला कोई नहीं बचेगा”

आज वो चुप हैं
सवाल है मेरा उनसे-
बताएं कल आपके लिए बोलने वाला कौन बचेगा ?

मगर सन्नाटा है
कहीं कोई आवाज नहीं है
मजदूरों के खून से रंगे झण्डे की
दलाली करने वालो

सावधान रहना जनता जब उठेगी
तुमसे भी सवाल करेगी
जब तुम्हारे पास
सवालों का कोई जवाब नहीं होगा

तुम्हें इतिहास के कुङे में
फैंक देगी
और इतिहास में जिक्र आएगा तो
तुम्हें नफरत से याद किया जाएगा

अभी समय है
आइए अपने मजदूर भाईयों के साथ
अभी वक्त है
इतिहास में आपका नाम भी
सुनहरे अक्सरों में लिखा जा सकता है
कर सकती है जनता तुम्हें भी याद
प्यार भरे शब्दों के साथ
फैंसला तुम्हे ही लेना है

कुङे के ढेर में मिल जाना है या
जनता के दिल-दिमागों पर छा जाना है

– संदीप कुमार

लेखक परिचय – संदीप कुमार स्वतंत्र लेखक हैं एवं सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता हैं। 
              लेंगिक समानता पर काम करते है। दलित एवं पीड़ितों के हक की आवाज़ के लिये अपने संगठन के माध्यम से उठाते रहते हैं।

नोट:- प्रस्तुत कविता में दिये गये विचार या जानकारियों की पुष्टि हरियाणा खास नहीं करता है। 
      यह लेखक के अपने विचार हैं जिन्हें यहां ज्यों का त्यों प्रस्तुत किया गया है। 
      लेख के किसी भी अंश के लिये हरियाणा खास उत्तरदायी नहीं है।
आइए अभी तो वक्त है Reviewed by on . आइए अभी तो वक्त है आइए अभी तो वक्त है मजदूर संगठन समीति को गैरकानूनी घोषित करती है सत्ता हजारों मजदूर संगठन चुप्पी की चादर ओढे रहते हैं नहीं करते आह्वान सड़को प आइए अभी तो वक्त है आइए अभी तो वक्त है मजदूर संगठन समीति को गैरकानूनी घोषित करती है सत्ता हजारों मजदूर संगठन चुप्पी की चादर ओढे रहते हैं नहीं करते आह्वान सड़को प Rating: 0

Leave a Comment

scroll to top