Saturday , 25 November 2017

Home » खबर खास » कब थमेगी एयरपोर्ट पर बहस ?

कब थमेगी एयरपोर्ट पर बहस ?

September 17, 2016 6:48 pm by: Category: खबर खास 1 Comment A+ / A-

chandigarhairport

देश और प्रदेश में बनी सामाजिक चीजें चुनाव के वक्त राजनैतिक हो जाती है; ये कोई बड़ी बात नहीं है। हरियाणा ही नहीं पूरे देश में ऐसी राजनीतियां वक्त वक्त पर होती रही है। चंडीगढ़-मोहाली के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से तो आप भली भांति वाकिफ हैं। सिटी सेंटर से करीब 11 किमी. दूर दिल्ली मार्ग पर ये बना हुआ है, जहां से देश के मुख्य शहरों के वायु मार्ग के जरिए आप यात्रा कर सकते हैं। एयरपोर्ट के नाम को लेकर एक लंबे समय से हरियाणा और पंजाब के बीच वाक-युद्ध चल रहा है। इसके नाम की राजनीति मंगलसेन और शहीद भगत सिंह  के बीच अटकी हुई है। हाल-फिलहाल पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल भी एक नए एंगल से उसमें कूद पड़े हैं। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को मोहाली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा ही कहा जाता है क्योंकि यह मोहाली क्षेत्र में है, इसलिए किसी को कोई ऐतराज नहीं होना चाहिए। खैर, हरियाणा और पंजाब के बीच खड़ा हुआ ये कोई पहला मसला नहीं है इससे पहले भी अधिकारों को लेकर पंजाब और हरियाणा में हमेशा संघर्ष चलता रहा है। चाहे वो एसवाईएल नहर का मामला हो या फिर चंडीगढ़ पर अधिकार को लेकर।

भगत सिंह नाम पर बन चुकी सहमति

आपको बता दें कि भगत सिंह नाम को लेकर हरियाणा और पंजाब दोनों सरकारों के बीच सहमति पहले ही बन चुकी थी। साल 2007 में दोनों सरकारों ने इसका नाम भगत सिंह किए जाने की बात कही थी मगर ऐसा नहीं हो पाया। उधर भगत सिंह के प्रपौत्र यादवेंद्र सिहं संधू ने दोनों सरकारों के नुमाइंदों से सवाल किया है कि भगत सिंह के नाम पर अगर ये नाम रख दिया जाए तो आखिर आपत्ति किसको है। उन्‍होंने कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 100वीं जयंती पर अमृतसर में एक कार्यक्रम हुआ था जिसमें केंद्र के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा सरकार के नुमाइंदे भी मौजूद थे। इन सब की मौजूदगी में ये सहमति बनी थी कि इसका नाम भगत सिंह के नाम पर रखा जाए लेकिन फिलहाल दोनों सरकारें अपने वादे को भूल गई है।

क्या बोले कैप्टन अमरिंदर

अलग-अलग पार्टियों की राय अलग-अलग होती है। उधर छपार में आयोजित एक कांफ्रेंस में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने चंडीगढ़ के पास अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के साथ मोहाली का नाम जोड़ने के संबंध में हरियाणा के विरोध संबंधी सवाल पर कहा कि इस नाम को लेकर कोई भी सहमति दोनों तरफ से बननी चाहिए। वे बोले कि इसका नाम शहीद भगत सिंह पर रखा जाना चाहिए, जिस पर दोनों राज्य पहले ही रजामंद हो चुके हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने भी इसके नाम को लेकर कहा कि इसका नाम शहीद भगत सिंह ही ही होना चाहिए जिस पर कि दोनो राज्य़ सहमत हो चुके हैं। पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल ने भी इसे लेकर केंद्रीय उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू को पत्र लिखकर मांग की है कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट ही रखा जाए। उन्होंने पुराने डोमेस्टिक एयरपोर्ट को पहले की तरह चलाए रखने की मांग की है।

क्या लिखा बंसल ने

बंसल ने अपने पत्र में लिखा है कि डोमेस्टिक फ्लाइट के लिए बनाए गए एयरपोर्ट में काफी खर्चा आया था। उन्होनें कहा कि इसके साथ-साथ यहां 4 साल पहले मॉडर्न टर्मिनल बनाया गया था, ऐसे में इस करोड़ों रुपये की राशि को बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए।

पूर्व रेल मंत्री ने मांग की है कि मोहाली में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का निर्माण करने के लिए वर्ष 2008 में एसपीवी का गठन किया गया था। उनके अनुसार 51 प्रतिशत शेयर होल्डर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया थी, जबकि 24.5-24.5 प्रतिशत शेयर होल्डर पंजाब व हरियाणा को बनाया गया था। बंसल के मुताबिक इन सबके बावजूद भी पंजाब ने खुद ही मोहाली इंटरनेशनल एयरपोर्ट का बोर्ड लगाकर विज्ञापन कर दिया है, जबकि हरियाणा ने भी काफी राशि इस एयरपोर्ट के निर्माण पर खर्च की है। बंसल ने ये मांग भी रखी है कि शहर के पुराने बने एयरपोर्ट से लेकर मोहाली में बने नए एयरपोर्ट तक जाने के लिए लोगों की सुविधा हेतु छोटा अंडरपास बनाना चाहिए।

अभिमन्यु उवाचः

वहीं हरियाणा के वितमंत्री कैप्टन अभिन्यु ने कहा कि चंडीगढ़ का ये एयरपोर्ट दोनों सरकारों का इकट्ठा उपक्रम है, इससे ज्यादा इसे नहीं समझना चाहिए। उन्होनें ये भी कहा कि इसका नाम अगर भगत सिंह के नाम पर रख दिया जाए तो इससे युवाओं को प्रेरणा मिलती रहेगी। वहीं उन्होनें ये भी कहा कि भगत सिंह के नाम पर इसका नाम रख देने से हम उनके ऋण से मुक्त नहीं हो सकते। नाम के विवाद को लेकर मुख्यमंत्री के पत्र पर कै. अभिमन्यु ने कहा कि यह विवाद का विषय नहीं है, इस एयरपोर्ट से सभी को फायदा होने वाला है।

खट्टर का पत्र पंजाब सरकार के नाम

वहीं सीएम ने भी पत्र लिखकर पंजाब को अपनी भावनाओं से अवगत करवा दिया है। सीएम ने अपने पत्र के साथ पंजाब सरकार का ध्यान उन विज्ञापनों की तरफ दिलवाया है जिनमें इस एयरपोर्ट का नाम मोहाली अन्तराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में प्रकाशित है। सीएम ने कहा है कि ये विज्ञापन तथ्यों के हिसाब से गलत है क्योंकि इसमें हरियाणा की भी साढे चौबीस फीसदी इक्विटी है। बता दें कि हाल ही में इस अड्डे से पहली उड़ान भरी थी जिसके संबंध में पंजाब सरकार ने अपने सूबे में ये विज्ञापन प्रकाशित करवाए हुए थे, जिसे लेकर सीएम खट्टर ने ये नाराजगी जाहिर की।

गौरतलब है कि बीजेपी मंगलसेन के नाम पर एक लंबे समय से अटकी हुई है। तो वहीं पंजाब में भी अगली साल चुनाव होने वाले हैं तो यहां पर भी इसका राजनैतिक मसला बनाया जाना स्वभाविक है। वहीं हरियाणा बीजेपी को देखा जाए तो नाम बदलने की राजनीति इनकी नई नहीं है। बीजेपी एक लंबे समय से विभागों, शहरों, जगहों पुरस्कारों, योजनाओं के नाम बदलती रही है। जाने बीजेपी इसे मंगलसेन किए जाने को लेकर क्या तर्क होगा मगर हाल बीजेपी ने हरियाणा में एक विभागा का नाम बदलकर खादय एवं आपूर्ति विभाग की जगह खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग कर दिया है। पूछे जाने पर संबंधित विभाग के मंत्री ने कहा था इससे पहले विभाग के नाम से विभाग के कार्यों की व्याख्या सही ढंग से नही हो रही थी। खैर उसके पीछे क्या कारण रहा होगा लेकिन कारण यहां पर जानना भी अहम होगा।

कब थमेगी एयरपोर्ट पर बहस ? Reviewed by on . देश और प्रदेश में बनी सामाजिक चीजें चुनाव के वक्त राजनैतिक हो जाती है; ये कोई बड़ी बात नहीं है। हरियाणा ही नहीं पूरे देश में ऐसी राजनीतियां वक्त वक्त पर होती रह देश और प्रदेश में बनी सामाजिक चीजें चुनाव के वक्त राजनैतिक हो जाती है; ये कोई बड़ी बात नहीं है। हरियाणा ही नहीं पूरे देश में ऐसी राजनीतियां वक्त वक्त पर होती रह Rating: 0

Comments (1)

Leave a Comment

scroll to top