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सॉरी, आपकी सोच घिनोनी है, सपना का डांस नहीः अनुराधा बेनीवाल

September 8, 2016 8:21 am by: Category: खबर खास 2 Comments A+ / A-

anuradha

मैंने अभी तक सपना पर कुछ नहीं लिखा ना कभी कोई बहस की। लेकिन अब जब इज़्ज़तदार समाज उसे हरयाणा की बदनामी का कारण और हरयाणा में बढ़ते बलात्कार का कारण बताने लगा है तो लिखना जरुरी हो जाता है।

सपना अच्छा डांस करती है। मैंने कई बार उसके गाने यूट्यूब पे देखें हैं, और कई बार उसकी नक़ल करके नाचने की कोशिश भी की है! मैंने शिल्पा शेट्टी के गाने “यूपी बिहार लूटने” के गाने पे भी खूब प्रैक्टिस की है। प्रियंका का रामलीला का डांस भी काफी सही है। शिला की जवानी पे भी खूब ठुमके लगाए हैं। राखी का “आँखों की मस्ती” तो एवर ग्रीन है। शकीरा “हिप्स डोंट लाइ”, बियॉन्से का “पार्टीशन”, मडोना का “हंग अप” और जाने कितने ही “उत्तेजक” समझे जाने वाले गानो को खूब पसंद किया है और नक़ल करने की कोशिश की है।

बियॉन्से गाती है…
Oh there daddy, d-daddy now you ripped my fur
Oh baby, b-baby be sweatin’ on my hair
Took 45 minutes to get all dressed up
We ain’t even gonna make it to this club

उसे मिशेल ओबामा स्ट्रेंथ/साहस का ब्रांड अम्बेसडर बताती है। लड़कियों के रोल मॉडल बताती है। मैडोना लेजेंड है।

नंगी लड़की बलात्कार का कारण नहीं है। उसका कारण कुंठित सोच है। सेक्सुअल होना और बलात्कारी होने में बहुत अंतर है। बलात्कारी आदमी दूसरे इंसान को इंसान नहीं समझता, वो उसे अपना हक़, अपनी प्रॉपर्टी, अपना शिकार समझता है। ये सोच पितृसतात्‍मक ढांचे से उपजी है। जहाँ औरत को बराबर का इंसान नहीं माना जाता (ये विदेशो के लिए भी सच है), ये सोच हमारे समाज से पैदा हुई है, सपना के डांस से नहीं। उस डांस को देखने मर्द अपनी बीवियों के साथ आये होते तो घर जाके एक अच्छी रात गुजारते। लेकिन वो बीवियों को घर छोड़ के आएं हैं, वो बीवी को उत्तेजक रूप में नहीं देखना चाहते। वो सपना का ही सपना देखना चाहते हैं। तो बीवियां घर में कुढ़ रही हैं, और ये बाहर।

उत्तेजना हमारा स्वाभाव है। हमें अच्छा लगता है। सबको। हम सब देखते हैं। देखना चाहते हैं। दिक्कत सिर्फ इतनी है के हमारे मार्किट में सिर्फ औरत को उत्तेजक मटेरियल बना के पेश किया जाता है। (उस पर बहस फिर कभी)

लेकिन आप सपना के पीछे पड़ जाते हैं, और उसके मरने की दुहाई देते हैं। क्योंकि वो आपके बीच नाचती है। वो आपकी पहुँच में है। वही लड़की सूट तो क्या कच्छी पहन के किसी हॉलीवुड स्टार के साथ नाचती तो आप उसके ऑटोग्राफ के लिए लाइन लगाते। इसी लड़की को कल बॉलीवुड में ब्रेक मिल जाए (काश उसे मिल जाए) तो आप उसे कुछ सालों में मुख्यमंत्री बनाना चाहेंगे। क्यों रणदीप को नहीं चाहते। क्या उसने न्यारे सोशल वर्क के झंडे गाड़े हैं?

सॉरी आपकी सोच घिनोनी है, उसका डांस नहीं। ये जो तुम बीवी, गिर्ल्फ्रेंड और वैश्या को अलग अलग रखते हो, रखना चाहते हो। ये जब दोस्त हो जाएंगी ना, तब छुपने को जगह नहीं होगी।

सॉरी, आपकी सोच घिनोनी है, सपना का डांस नहीः अनुराधा बेनीवाल Reviewed by on . मैंने अभी तक सपना पर कुछ नहीं लिखा ना कभी कोई बहस की। लेकिन अब जब इज़्ज़तदार समाज उसे हरयाणा की बदनामी का कारण और हरयाणा में बढ़ते बलात्कार का कारण बताने लगा है तो मैंने अभी तक सपना पर कुछ नहीं लिखा ना कभी कोई बहस की। लेकिन अब जब इज़्ज़तदार समाज उसे हरयाणा की बदनामी का कारण और हरयाणा में बढ़ते बलात्कार का कारण बताने लगा है तो Rating: 0

Comments (2)

  • Dharmveer

    बहुत अच्छा लिखा है शुक्रिया हरियाणा खास
    समाज के ऐसे विषय को बहुत ही सपष्टता के साथ करने के लिए साधुवाद
    वास्तव में लोगों की सोच और तंग मानसिकता महिलाओं पर थोपी जा रही है

  • भारती

    आपने बिलकुल सही कहा हैं- यदि वो इतनी ही बुरी हैं तो इन तथाकथित समाज के ठेकेदारो में उसकी इतनी मांग क्यूँ हैं। क्यों चाहते हैं उसे अपने हर कार्यक्रम में बुलाना। क्यूँ मशहूर हो रही हैं वो इतना ज्यादा। इन्ही की वजह, से जो अपने व्यक्तिगत फायदे के लिए राजनितिक कार्यक्रमो में सपना का डांस आयोजित करते हैं। कथनी और करनी में बहुत अंतर हैं हमारे सरमायेदारों की।

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