Wednesday , 24 October 2018

About haryanakhas

गोगा नवमी – गूगा पीर की छड़ी दादी कूद कै पड़ी

गोगा नवमी – गूगा पीर की छड़ी दादी कूद कै पड़ी

गूगा पीर की छड़ी दादी कूद कै पड़ी ये रुके इन दिनां मैं बाळका कै मूंह तै एक टेम मैं खूब सुणाई दिया करते। गूगा की छड़ी लेएं गूगा पीर के भगत घर-घर गूगा नौमी तै पहले ए डेरू की ढूं ढूं ढूं – ढूं ढूं ढू अर ...

Read More »
सावन शिवरात्रि – 9 अगस्त नै चढ़ावैंगें कांवड़िये शिवजी पै जल

सावन शिवरात्रि – 9 अगस्त नै चढ़ावैंगें कांवड़िये शिवजी पै जल

  आज कल बम बम भोले, हर-हर महादेव का नारा हर और गूंज रहा है। पूरा वातावरण बाबा भोलेभंडारी के जयकारों, नारों से गूंजायमान है। सब कुछ शिवमय हो गया है। सड़कों पर अपने कंधों पर रंग-बिरंगी कांवड़ को लट ...

Read More »
अगस्त क्रांति दिवस – क्या है अगस्त क्रांति?

अगस्त क्रांति दिवस – क्या है अगस्त क्रांति?

क्या है अगस्त क्रांति दिवस ? 9 अगस्त 1942, यानि भारतीय इतिहास का एक ऐसा दिन जिसे क्रांति दिवस के नाम से भी जाना जाता है। यूं तो क्रांतियों के इतिहास बड़े ही जटिल और व्यापक रहे हैं। मगर बदलाव की आहट के ...

Read More »
रक्षाबंधन – 26 अगस्त नै है सलोमण, हरियाणा मैं गाये जां हैं ये गीत

रक्षाबंधन – 26 अगस्त नै है सलोमण, हरियाणा मैं गाये जां हैं ये गीत

सामण की पणवासी नै मनाया जा है सलोमण का त्यौहार। सलोमण यानि रक्षाबंधन यानि राखी। इस त्यौहार के समय हरियाणा में कई जगहों पर मेलों का तो कई जगह खेलों का आयोजन किया जाता है। बहनों को तो आप जानते ही हैं वि ...

Read More »
सामण की रुत हे मां मेरी आ रही

सामण की रुत हे मां मेरी आ रही

-सोनिया सिंह जांगड़ा सावन का महीना बहुत ही रोमांटिक महीना होता है, हर दिल में अहसास उमड़ने लगते हैं। असल में सावन के महीने को प्रेम की रुत कहा जाये तो कोई दो राय नहीं। देश भर में इस महीने को लेकर उत्स ...

Read More »
कबीर- धार्मिक आंडम्बरो के खिलाफ लङने वाले महान समाज सुधारक

कबीर- धार्मिक आंडम्बरो के खिलाफ लङने वाले महान समाज सुधारक

कबीर- धार्मिक आंडम्बरो के खिलाफ लङने वाले महान समाज सुधारक विभिन्न साक्ष्यों और विद्वानों के मतानुसार यह ज्ञात होता है कि कबीर अनपढ़ थे, अतः उन्होंने स्वयं कोई भी रचना लिपिबद्ध नहीं की। इनके नाम से प्र ...

Read More »
मा. सतबीर – गायकी में भी मास्टरी थी मास्टर जी की

मा. सतबीर – गायकी में भी मास्टरी थी मास्टर जी की

आज की पीढ़ी को पंडित लख्मीचंद को देखना नसीब नहीं हुआ क्योंकि वह बहुत पहले अपना सबकुछ आने वाली पीढियों को समर्पित करके जा चुके हैं लेकिन पुरानी के साथ आज की पीढ़ी पंडित लख्मीचंद, मांगेराम, बाजे भगत, धन ...

Read More »
मलमास और रमज़ान की एकसाथ शुरुआत गज़ब का संयोग

मलमास और रमज़ान की एकसाथ शुरुआत गज़ब का संयोग

16 मई की तारीख को धर्म-कर्म में आस्था रखने वाले नोट कर लें। यह बहुत ही शुभ तारीख है। यही वो दिन है जिस दिन हिंदूओं के लिये अधिकमास जिसे मलमास और पुरुषोतम मास कहा जाता है की शुरुआत हुई तो रमदान का महीन ...

Read More »
2 अप्रैल भारत बंद – एक मूल्यांकन

2 अप्रैल भारत बंद – एक मूल्यांकन

2 अप्रैल भारत बंद - एक मूल्यांकन 2 अप्रैल को हुआ "भारत बंद" जिसमे दलित-आदिवासी एकता मजबूत नजर आयी। बहुमत आदिवासी और दलित जातियां इस बन्द में शामिल रही। इसके साथ ही देश के प्रगतिशील, बुद्विजीवी, लेखक, ...

Read More »
खत्म होता लोकतंत्र

खत्म होता लोकतंत्र

माफ कीजिएगा आज बड़ा मजबूर होकर के लिखना पड़ रहा है कि हमारे देश के बड़े नामचीन पत्रकारों, संपादको ने अपनी आत्मा अपने संस्थान के मालिकों के पास गिरवी रख दी है नही तो यह ख़बर आपको इस पोस्ट के माध्यम से नही ...

Read More »
scroll to top