Thursday , 19 October 2017

Home » खबर खास » कालेधन को गोरा बनाने की क्रीम या स्कीम…?

कालेधन को गोरा बनाने की क्रीम या स्कीम…?

December 5, 2016 10:14 am by: Category: खबर खास Leave a comment A+ / A-

black-money

ल्यो जी, इस कालेधन को लेकर संसद से लेकर सडक़ तक हो रहे हंगामे के बीच एक बड़ा रोचक खुलासा हुआ है। वह खुलासा है कि गोरेपन की क्रीम लगाने में भारतीय एशिया में तीसरे स्थान पर है। गोरेपन के लिए सिर्फ लड़कियां ही क्रीम नहीं लगातीं बल्कि लडक़े भी गोरा दिखने के लिए क्रीम लगाते हैं। यह सर्वेक्षण कैमिकल यूथ प्रोजैक्ट ने अपनी रिसर्च में किया है। गोरेपन की क्रीम लगाने में हम चाहे तीसरे नंबर ही सही लेकिन ‘टाइम पर्सन ऑफ द ईयर’ में हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दौड़ में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओमाबा, नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप व पुतिन आदि महारथियों व महाबलियों के बीच 21 प्रतिशत वोट लेकर सबसे आगे चल रहे हैं।

‘टाइम पर्सन ऑफ द ईयर’ में मोदी को सबसे आगे इसलिए माना जा रहा है कि क्योंकि उन्होंने नोटबंदी जैसा बहुत बड़ा कदम उठाया। पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक की। मोदी का कहना है कि इससे आतंकवादियों, नक्सलवादियों व भ्रष्टाचारियों की कमर टूट जाएगी और कालाधन बाहर आ जाएगा। अब मजेदार बात यह है कि कश्मीर में मारे गए आतंकवादियों के शवों की तलाशी के दौरान दो-दो हजार रुपए के नोट मिले हैं। दूसरी बात यह कि दावा किया जा रहा था कि नए नोटों की नकल इतनी आसान नहीं होगी लेकिन हम नकल में तो सबसे आगे हैं और यही हुआ भी। बाजार में असली के साथ ही नकली दो-दो हजार के नोट भी आ गए। खैर, कश्मीर में सेना के जवानों पर पत्थरबाजी पर विराम लग गया है, यानी नोट लेकर पत्थर बरसाने वाले बेकार व बेरोजगार हो गए हैं। यह खुशखबरी है।

खबर यह भी है कि नोटबंदी के बाद दाल, सब्जी सस्ती हो गई पर महंगी हुई तो चायपत्ती। क्यों भला? अरे, समझे नहीं, मोदी जी की बनाई कडक़ चाय सबको अच्छी लगने लगी है। मुंबई के पालिका चुनाव के परिणामों से मोदी और भाजपा गदगद हैं। दूसरी तरफ मायवती कह रही हैं कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम नोटबंदी पर भाजपा को सबक सिखा देंगे जबकि पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि देश में आर्थिक इमरजेंसी लग गई है और मैं इससे आजादी दिलाकर ही दम लूंगी। ममता बनर्जी का आरोप है कि भाजपा नेताओं ने पहले ही अपना पैसा विदेश भेजा, उसके बाद देश में 500 व 1000 के नोट बंद कर दिए। क्या सच, क्या झूठ, मोदी ने अपने सांसदों व विधायकों को आठ नवंबर से 30 दिसंबर तक की बैंक बैलेंसशीट जमा कराने के आदेश सुना दिए हैं। ल्यो भई, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। बस, अब तो खुश?

नहीं, विपक्ष खुश नहीं है। तब तक खुश नहीं है जब तक प्रधानमंत्री मोदी संसद में आकर नोटबंदी की चर्चा में खुद मौजूद नहीं रहेंगे। इसलिए रोज ही राज्यसभा व लोकसभा की कार्यवाही स्थगित हो जाती है और सभापति विवश होकर उठ जाते हैं। इधर समय बीतता जा रहा है और कालेधन को सफेद करने के लिए कोई क्रीम या स्कीम ढूंढ़ी जा रही है। सरकार ने इस हंगामे के बीच नया आयकर संशोधन बिल पास करवा लिया है। अब 50 फीसदी टैक्स देकर बचा सकेंगे कालाधन। यानी नई फेयर एंड लवली स्कीम आ गई है। क्या बैंकों या एटीएम की कतारों से राहत मिलेगी? बाजारों में रौनक कब तक लौटेगी? कितने शादी वाले पांच सौ रुपए के चाय-पानी में शादी करवाने को तैयार हैं? कितने युवराज की तरह जश्न मनाएंगे? हम तो इतना ही कहेंगे, गालिब के शब्दों में

या रब्ब वो समझे हैं, न समझेंगे मेरी बात,

दे और दिल उनको, या मुझको जुबां और…

kamlesh-bhartiya

लेखक परिचय

लेखक कमलेश भारतीय हरियाणा ग्रंथ अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष रहे हैं। इससे पहले खटकड़ कलां में शहीद भगतसिंह की स्मृति में खोले सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ग्यारह साल तक हिंदी अध्यापन एवं कार्यकारी प्राचार्य।  फिर चंडीगढ से प्रकाशित दैनिक ट्रिब्यून समाचारपत्र में उपसंपादक,  इसके बाद हिसार में प्रिंसिपल रिपोर्टर । उसके बाद नवगठित हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष बने। कथा समय मासिक पत्रिका का संपादन। मूल रूप से पंजाब के नवांशहर दोआबा से, लेकिन फिलहाल रिहाइस हिसार में। हिंदी में स्वतंत्र लेखन । दस संकलन प्रकाशित एवं एक संवाददाता की डायरी को प्रधानमंत्री पुरस्कार।

कालेधन को गोरा बनाने की क्रीम या स्कीम…? Reviewed by on . ल्यो जी, इस कालेधन को लेकर संसद से लेकर सडक़ तक हो रहे हंगामे के बीच एक बड़ा रोचक खुलासा हुआ है। वह खुलासा है कि गोरेपन की क्रीम लगाने में भारतीय एशिया में तीसरे ल्यो जी, इस कालेधन को लेकर संसद से लेकर सडक़ तक हो रहे हंगामे के बीच एक बड़ा रोचक खुलासा हुआ है। वह खुलासा है कि गोरेपन की क्रीम लगाने में भारतीय एशिया में तीसरे Rating: 0

Leave a Comment

scroll to top