Wednesday , 22 November 2017

Category: धरोहर खास

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धरोहर खास

  • आमिर ख़ान नोज़ पिन – कोका तेरा कुछ-कुछ कैंहदा

    आमिर ख़ान नोज़ पिन – कोका तेरा कुछ-कुछ कैंहदा

    अपनी हर आने वाली फिल्म से पहले आमिर खान चर्चा में आ जाते हैं। बस उनका नया लुक भर आने की देर होती है। दंगल में आमिर को हरियाणा इतना भा गया है कि अपनी आने वाली फिल्म में के लिये भी उ ...

  • धरोहर की शोभा बढ़ाएगा गुहणा का दरवाजा

    धरोहर की शोभा बढ़ाएगा गुहणा का दरवाजा

    कहते हैं कुछ अलग करने की ललक अगर दिल में सवार हो जाए तो वो रातों को नींद नहीं आने देती। बात चाहे अभिनय की हो, साहित्य लेखन की हो, मिट्टी की मूर्तियां बनाने की  हो या फिर लकड़ी से ब ...

  • सुखना के सुख को निगल रही है जंगली घास

    सुखना के सुख को निगल रही है जंगली घास

    सुखना लेक... या सुखना झील... एक झील... जो कुदरत की दास्तां कहती है... एक झील... जो देहात के लोगों में भी सागर के ख़ाब पैदा करती है... एक झील... जो आनंद की पराकाष्ठा को आंखों से नाप ...

  • सामण की रुत हे मां मेरी आ रही

    सामण की रुत हे मां मेरी आ रही

    -सोनिया सिंह जांगड़ा सावन का महीना बहुत ही रोमांटिक महीना होता है, हर दिल में अहसास उमड़ने लगते हैं। असल में सावन के महीने को प्रेम की रुत कहा जाये तो कोई दो राय नहीं। देश भर में इ ...

आमिर ख़ान नोज़ पिन – कोका तेरा कुछ-कुछ कैंहदा

आमिर ख़ान नोज़ पिन – कोका तेरा कुछ-कुछ कैंहदा

अपनी हर आने वाली फिल्म से पहले आमिर खान चर्चा में आ जाते हैं। बस उनका नया लुक भर आने की देर होती है। दंगल में आमिर को हरियाणा इतना भा गया है कि अपनी आने वाली फिल्म में के लिये भी ...

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धरोहर की शोभा बढ़ाएगा गुहणा का दरवाजा

धरोहर की शोभा बढ़ाएगा गुहणा का दरवाजा

कहते हैं कुछ अलग करने की ललक अगर दिल में सवार हो जाए तो वो रातों को नींद नहीं आने देती। बात चाहे अभिनय की हो, साहित्य लेखन की हो, मिट्टी की मूर्तियां बनाने की  हो या फिर लकड़ी से ...

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सुखना के सुख को निगल रही है जंगली घास

सुखना के सुख को निगल रही है जंगली घास

सुखना लेक... या सुखना झील... एक झील... जो कुदरत की दास्तां कहती है... एक झील... जो देहात के लोगों में भी सागर के ख़ाब पैदा करती है... एक झील... जो आनंद की पराकाष्ठा को आंखों से ना ...

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सामण की रुत हे मां मेरी आ रही

सामण की रुत हे मां मेरी आ रही

-सोनिया सिंह जांगड़ा सावन का महीना बहुत ही रोमांटिक महीना होता है, हर दिल में अहसास उमड़ने लगते हैं। असल में सावन के महीने को प्रेम की रुत कहा जाये तो कोई दो राय नहीं। देश भर में ...

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रानी तालाब – यहीं करने आती थी जींद रियासत की रानी स्नान

रानी तालाब – यहीं करने आती थी जींद रियासत की रानी स्नान

तेरी दुनिया से होके मजबूर चला गाना तो आपने सुना ही होगा, देखा भी है क्या? देखा होगा तो गौर से नहीं देखा होगा। अब जब भी समय लगे तो जरुर गौर से देखियेगा। दरअसल हम आपसे इतना अनुरोध इ ...

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बुद्ध पूर्णिमा – आज भी सीख देते हैं बुद्ध

बुद्ध पूर्णिमा – आज भी सीख देते हैं बुद्ध

  वैसाख माह की पूर्णिमा को महात्मा बुद्ध के जन्मोत्सव के रुप में मनाया जाता है। बोद्ध धर्म के अनुयायियों के लिये इस दिन  का  महत्व बहुत अधिक है। माना जाता है कि महात्मा बुद्ध ...

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हरियाणवी कविता – थूल्ली

हरियाणवी कविता – थूल्ली

खेल्या हामनै डंडा सौलिया कदे बगाई लाल मैं गुल्ली लुकमी चाई, पकड़म पकड़ाई भाजे-रूकगे फेर खाई थुली.... शक्कर भीजी, नुणियां घण्टी फिटो, घूते, कदे गुलर बरबंटी बिजो, बरफी, राम के खाने कद ...

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आजादी मेरा ब्रांड – अनुराधा बेनीवाल की बेहतरीन किताब

आजादी मेरा ब्रांड – अनुराधा बेनीवाल की बेहतरीन किताब

मैं घुम घुम देखूंगी सारा हरियाणा ये गीत तो आपने सुना ही होगा। इसमें महिला की सिर्फ हरियाणा भर को देखने की इच्छा है। आप सोच सकते हैं जिन महिलाओं को घर की चारदिवारी से बाहर सिर्फ गा ...

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