Tuesday , 24 April 2018

Category: शख्सियत खास

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शख्सियत खास

  • बलवन्त सिंह आजाद – एक गुमनाम योद्धा

    बलवन्त सिंह आजाद – एक गुमनाम योद्धा

    बलवन्त सिंह आजाद - एक गुमनाम योद्धा                     पिछले दिनों राजस्थान में संगरिया, हनुमानगढ़ के पास गया हुआ था एक दोस्त से मिलने। दोस्त से किसान, मजदूर, महिला मुद्दों पर चर्च ...

  • महर्षि दयानंद – आर्यसमाज के संस्थापक

    महर्षि दयानंद – आर्यसमाज के संस्थापक

    स्वामी दयानन्द सरस्वती। एक सुधारवादी सन्यासी, विद्वान, दार्शनिक और आर्यसमाज के संस्थापक। स्वामी जी का जब भी जिक्र आता है तो हमारी समीक्षक दृष्टि एक बार फिर उस समाज की ओर चली जाती ह ...

  • रविदास  जयंती 2018 – बेगमपुरा शहर का नाउ

    रविदास जयंती 2018 – बेगमपुरा शहर का नाउ

    रविदास  जयंती 2018 (31 जनवरी) - रैदास हिंदी साहित्य के स्वर्णयुग माने जाने वाले भक्तिकाल की एक ऐसी आवाज़ जिसमें कबीर का साहस भी है और तुलसी की नम्रता भी। जो दुत्कार भी पुचकार के सा ...

  • रेड सेल्यूट ! कॉमरेड अजीत सिंह ज्याणी

    रेड सेल्यूट ! कॉमरेड अजीत सिंह ज्याणी

      आदमी की महानता बाजार और भीड़ ही तय करे ये जरूरी नहीं, बुद्धिमता या व्यक्तित्व तौर पर कुछ आदर्श हमारे आसपास भी हो सकते हैं। हमारे पास किसी की कितनी भी यादें हो, जिए हुए पल हो, ...

हम सभी के भीतर होते हैं सृजन के बीज: वाजदा खान

हम सभी के भीतर होते हैं सृजन के बीज: वाजदा खान

एस.एस.पंवार : वाजदा मैम आप एक चित्रकार है और चित्रकार होने के साथ-साथ आप एक कवयित्री भी हैं। यानि एक साथ दो कलाओं से आपका जुड़ाव रहा है, तो किसे आप अपना प्रेरणा स्त्रोत मानते हैं, ...

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सर छोटूराम: कैसे बने राम रिछपाल से रहबर ए आजम

सर छोटूराम: कैसे बने राम रिछपाल से रहबर ए आजम

रहबर ए आजम, दीनबंधु, सर, चौधरी छोटूराम शारीरिक रूप से छोटे से कद के इस व्यक्ति के व्यक्तित्व का कद बहुत बड़ा था। वे दीन दुखियों गरीबों के बंधु, रहबर ए आज़म, अंग्रेजी हुकूमत के लिय ...

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शायर-ए-मशरीक़ सर मुहम्मद इक़बाल

शायर-ए-मशरीक़ सर मुहम्मद इक़बाल

  यूनान-मिस्र-रोमा सब मिट गए जहाँ से अब तक मगर है बाक़ी नामो-निशाँ हमारा कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा देशभक्ति और राष्ट्रीय एकत ...

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राममनोहर लोहिया – गांधी और मार्क्स के बीच की कड़ी

राममनोहर लोहिया – गांधी और मार्क्स के बीच की कड़ी

अयं निजः परोवेति गणना लघुचेतसाम। उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्।। संस्कृत के इस श्लोक में वर्णित ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की कसौटी पर खरा उतरता था भारतीय समाजवादी विचारक राम मनोहर ल ...

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क्या वाल्मीकि, कबीर व रैदास के साथ खड़े हो सकते हैं ?

क्या वाल्मीकि, कबीर व रैदास के साथ खड़े हो सकते हैं ?

आज वाल्मीकि जयंती है। पूरे देश मे सरकार इसे धूमधाम से मना रही है। जगह-जगह सरकार कार्यक्रम कर रही है। पिछले 2-3 दिनों से वाल्मीकि जयंती की बधाइयों व कार्यक्रमो के सन्देश भी सोशल मी ...

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शहीद-ए-आज़म भगत सिंह और इंक़लाब

शहीद-ए-आज़म भगत सिंह और इंक़लाब

शहीद-ए-आज़म भगत सिंह और इंक़लाब         23 मार्च 1931 भारत की क्रांति के  इतिहास का वो ऐतिहासिक दिन है जिस दिन इंग्लैंड की साम्राज्यवादी सरकार ने साम्राज्यवादी इंग्लैंड के खिलाफ भा ...

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भगत सिंह – कितने दूर कितने पास

भगत सिंह – कितने दूर कितने पास

भगत सिंह हमारी राष्ट्रीय चेतना में कितने गहरे बसे हैं इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि धुर दक्षिणपंथी दलों से लेकर धुर वामपंथी दलों तक उन्हें अपना नायक बनाने और उनसे अपन ...

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राम चन्द्र छत्रपति –  एक जिद का सफरनामा

राम चन्द्र छत्रपति – एक जिद का सफरनामा

दरअसल छत्रपति केवल एक पत्रकार का नाम नहीं है। वे गणेश शंकर विद्यार्थी की परंपरा के एक ऐसे पत्रकार थे जो  सच्चाई के पक्ष में निर्भीकता के साथ खड़े रहे।  उनके जीते जी हम उनका सही मूल ...

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रफ एंड टफ रणदीप ! जन्मदिन मुबारक

रफ एंड टफ रणदीप ! जन्मदिन मुबारक

हरियाणा की दूध-घी से जुड़ी उपजाऊ धरती ताकतवर खिलाड़ी तो जनती ही है, वहीं इस मिट्टी से भारतीय सिनेमा को भी अनेक अभिनेता मिले हैं, ऐसे अभिनेता जिन्होंने अपनी खास पहचान बनाई, जिन्हें ...

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अमृता प्रीतम – इन्हें जानना ज़रूरत है जिंदगी की

अमृता प्रीतम – इन्हें जानना ज़रूरत है जिंदगी की

अमृता प्रीतम, एक ऐसी शख्सियत जिन से आप सभी बखूबी परिचित होंगे, और अगर नहीं है ..तो सच मानिए ...इन्हें जानना ज़रूरत है जिंदगी की। अमृता एक देह नहीं, एक आत्मा है जो हर एक औरत के दिल ...

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