Saturday , 23 September 2017

Category: शख्सियत खास

Feed Subscription

शख्सियत खास

  • राम चन्द्र छत्रपति –  एक जिद का सफरनामा

    राम चन्द्र छत्रपति – एक जिद का सफरनामा

    दरअसल छत्रपति केवल एक पत्रकार का नाम नहीं है। वे गणेश शंकर विद्यार्थी की परंपरा के एक ऐसे पत्रकार थे जो  सच्चाई के पक्ष में निर्भीकता के साथ खड़े रहे।  उनके जीते जी हम उनका सही मूल् ...

  • रफ एंड टफ रणदीप ! जन्मदिन मुबारक

    रफ एंड टफ रणदीप ! जन्मदिन मुबारक

    हरियाणा की दूध-घी से जुड़ी उपजाऊ धरती ताकतवर खिलाड़ी तो जनती ही है, वहीं इस मिट्टी से भारतीय सिनेमा को भी अनेक अभिनेता मिले हैं, ऐसे अभिनेता जिन्होंने अपनी खास पहचान बनाई, जिन्हें ...

  • अमृता प्रीतम – इन्हें जानना ज़रूरत है जिंदगी की

    अमृता प्रीतम – इन्हें जानना ज़रूरत है जिंदगी की

    अमृता प्रीतम, एक ऐसी शख्सियत जिन से आप सभी बखूबी परिचित होंगे, और अगर नहीं है ..तो सच मानिए ...इन्हें जानना ज़रूरत है जिंदगी की। अमृता एक देह नहीं, एक आत्मा है जो हर एक औरत के दिल ...

  • पाकिस्तान की मशाल को सलाम

    पाकिस्तान की मशाल को सलाम

    पाकिस्तान में "वली खान यूनिवर्सिटी" के छात्र नेता व पत्रकारिता विषय के छात्र कामरेड मशाल खान की उसी यूनिवर्सिटी के धार्मिक आंतकवादी छात्रों द्वारा की गयी निर्मम हत्या पाकिस्तान, भा ...

बाबुल का ये घर बहना, कुछ दिन का ठिकाना है…

बाबुल का ये घर बहना, कुछ दिन का ठिकाना है…

बाबुल का ये घर गोरी बस कुछ दिन का ठिकाना है दुल्हन बनके तुझे पिया घर जाना है बापू तेरे आँगन की मैं तो खिलती कली हूँ इस आँगन को छोड़ क्यों किसी और का घर सजाना है   बेटी बाबुल के घर ...

Read More »
राजेंद्र यादवः साहित्य के ‘द ग्रेट शो मैन’

राजेंद्र यादवः साहित्य के ‘द ग्रेट शो मैन’

लम्बी जिंदगी से रूखसती यूं अच्छी तो नहीं गर तीरगी-सा हो जाता सुबह का सितारा कोई   84 साल की उम्र में कलमकार राजेन्‍द्र यादव का चला जाना इतना दर्द नहीं देता अगर वे सुबह के सितारों ...

Read More »
साहित्य जगत को अपूर्णनीय क्षति, नहीं रहे प्रोफेसर गुरदयाल सिंह

साहित्य जगत को अपूर्णनीय क्षति, नहीं रहे प्रोफेसर गुरदयाल सिंह

ज्ञानपीठ, पद्मश्री, सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार, साहित्य अकादमी पुरस्कार, चार बार बेस्ट फिक्शन बुक अवॉर्ड एवं पंजाब साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकार प्रोफेसर गुरदयाल ...

Read More »
तुलसीदास पर विमर्श की जरूरत

तुलसीदास पर विमर्श की जरूरत

विभिन्न धर्मों, भाषाओं, मतों, सम्प्रदायों के देश को समझने के लिए विभिन्न दृष्टियों की भी जरूरत होती है; इसमें कोई दो राय नहीं है पर विधि और कानून को देखें तो समझ ये भी लेना चाहिए ...

Read More »
भीष्म साहनीः एक प्रगतिशील कथाकार

भीष्म साहनीः एक प्रगतिशील कथाकार

कहते हैं लेखन जब मानवीय मूल्यों के पक्ष की बात करे तभी वो ‘लेखन’ है। यूं तो हिंदी रचनाकारों के इतिहास में साहित्य के नाम पर खुद के लिए लिखने वालों की भी कमी नहीं रही, मगर जनहित के ...

Read More »
वरिष्ठ लोककवि, गायक पंडित जगन्नाथ समचाना से रोशन वर्मा की बातचीत

वरिष्ठ लोककवि, गायक पंडित जगन्नाथ समचाना से रोशन वर्मा की बातचीत

जिले रोहतक म्हं आ जाईये एक बसै गाम समचाणा हेरै के बुझैगी खटक लगी सुण्या जगन्नाथ का गाणा ______________________________________ हरियाणा प्रदेश के लोक संगीत एवं लोक साहित्य के संदर् ...

Read More »
लोक कवि कृष्ण चंद – 22 जुलाई को सिसाना में हुआ जन्म

लोक कवि कृष्ण चंद – 22 जुलाई को सिसाना में हुआ जन्म

कृष्ण चंद्र इनका जन्म 22 जुलाई 1922 को लोक कवियों की धरती सोनीपत जिले के सिसाना गांव में हुआ। बाजे भगत और पंडित मांगेराम जैसे लोक कवि भी इसी गांव में जन्में हैं। कविताई के मामले म ...

Read More »
लोक कवि मान सिहं खनौरी वाले

लोक कवि मान सिहं खनौरी वाले

कहते हैं असली लोकजीवन की झलक लोककविताओं में मिलती है लेकिन हरियाणा की लोक कविता पर गाहे बगाहे इसके आरोप भी लगे हैं कि उसने पौराणिक आख्यानों के जरिये ही लोक को परिभाषित और मार्गदर् ...

Read More »
मा. सतबीर – गायकी में भी मास्टरी थी मास्टर जी की

मा. सतबीर – गायकी में भी मास्टरी थी मास्टर जी की

आज की पीढ़ी को पंडित लख्मीचंद को देखना नसीब नहीं हुआ क्योंकि वह बहुत पहले अपना सबकुछ आने वाली पीढियों को समर्पित करके जा चुके हैं लेकिन पुरानी के साथ आज की पीढ़ी पंडित लख्मीचंद, म ...

Read More »
मास्टर सतबीर – लोक संस्कृति के एक युग का अंत

मास्टर सतबीर – लोक संस्कृति के एक युग का अंत

लोक गायक मास्टर सतबीर पंडित लख्मीचंद, बाजे भगत, धनपत, पंडित मांगेराम की पंरपरा को संभालने वाले एक मजबूत स्तंभ थे उनका चले जाना एक पूरे युग का चले जाना है। फेसबुक पर उनके बहुत से च ...

Read More »
scroll to top