Sunday , 27 May 2018

Category: शख्सियत खास

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शख्सियत खास सेक्शन में चर्चित हस्तियों का जिक्र हो रहा है जिन्होंने अपने बूते पर एक मुकाम हासिल किया है। सेलिब्रिटी सेक्शन आप इसे कह सकते हैं।

  • बलवन्त सिंह आजाद – एक गुमनाम योद्धा

    बलवन्त सिंह आजाद – एक गुमनाम योद्धा

    बलवन्त सिंह आजाद - एक गुमनाम योद्धा                     पिछले दिनों राजस्थान में संगरिया, हनुमानगढ़ के पास गया हुआ था एक दोस्त से मिलने। दोस्त से किसान, मजदूर, महिला मुद्दों पर चर्च ...

  • महर्षि दयानंद – आर्यसमाज के संस्थापक

    महर्षि दयानंद – आर्यसमाज के संस्थापक

    स्वामी दयानन्द सरस्वती। एक सुधारवादी सन्यासी, विद्वान, दार्शनिक और आर्यसमाज के संस्थापक। स्वामी जी का जब भी जिक्र आता है तो हमारी समीक्षक दृष्टि एक बार फिर उस समाज की ओर चली जाती ह ...

  • रविदास  जयंती 2018 – बेगमपुरा शहर का नाउ

    रविदास जयंती 2018 – बेगमपुरा शहर का नाउ

    रविदास  जयंती 2018 (31 जनवरी) - रैदास हिंदी साहित्य के स्वर्णयुग माने जाने वाले भक्तिकाल की एक ऐसी आवाज़ जिसमें कबीर का साहस भी है और तुलसी की नम्रता भी। जो दुत्कार भी पुचकार के सा ...

  • रेड सेल्यूट ! कॉमरेड अजीत सिंह ज्याणी

    रेड सेल्यूट ! कॉमरेड अजीत सिंह ज्याणी

      आदमी की महानता बाजार और भीड़ ही तय करे ये जरूरी नहीं, बुद्धिमता या व्यक्तित्व तौर पर कुछ आदर्श हमारे आसपास भी हो सकते हैं। हमारे पास किसी की कितनी भी यादें हो, जिए हुए पल हो, ...

बलवन्त सिंह आजाद – एक गुमनाम योद्धा

बलवन्त सिंह आजाद – एक गुमनाम योद्धा

बलवन्त सिंह आजाद - एक गुमनाम योद्धा                     पिछले दिनों राजस्थान में संगरिया, हनुमानगढ़ के पास गया हुआ था एक दोस्त से मिलने। दोस्त से किसान, मजदूर, महिला मुद्दों पर चर् ...

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महर्षि दयानंद – आर्यसमाज के संस्थापक

महर्षि दयानंद – आर्यसमाज के संस्थापक

स्वामी दयानन्द सरस्वती। एक सुधारवादी सन्यासी, विद्वान, दार्शनिक और आर्यसमाज के संस्थापक। स्वामी जी का जब भी जिक्र आता है तो हमारी समीक्षक दृष्टि एक बार फिर उस समाज की ओर चली जाती ...

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रविदास  जयंती 2018 – बेगमपुरा शहर का नाउ

रविदास जयंती 2018 – बेगमपुरा शहर का नाउ

रविदास  जयंती 2018 (31 जनवरी) - रैदास हिंदी साहित्य के स्वर्णयुग माने जाने वाले भक्तिकाल की एक ऐसी आवाज़ जिसमें कबीर का साहस भी है और तुलसी की नम्रता भी। जो दुत्कार भी पुचकार के स ...

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रेड सेल्यूट ! कॉमरेड अजीत सिंह ज्याणी

रेड सेल्यूट ! कॉमरेड अजीत सिंह ज्याणी

  आदमी की महानता बाजार और भीड़ ही तय करे ये जरूरी नहीं, बुद्धिमता या व्यक्तित्व तौर पर कुछ आदर्श हमारे आसपास भी हो सकते हैं। हमारे पास किसी की कितनी भी यादें हो, जिए हुए पल हो ...

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प्रो. जीएन साईबाबा का केंद्रीय जेल नागपुर से अपनी माँ को पत्र

प्रो. जीएन साईबाबा का केंद्रीय जेल नागपुर से अपनी माँ को पत्र

प्रो. जीएन साईबाबा का केंद्रीय जेल नागपुर से अपनी माँ को पत्र यह कविता प्रो. जीएन साईबाबा ने केंद्रीय जेल नागपुर में अपने अण्डा सेल से लिखी गई है। आशा है कि योग्य दोस्तों को इस मह ...

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काश मैं सिर्फ एक इंसान होता

काश मैं सिर्फ एक इंसान होता

काश मैं सिर्फ एक इंसान होता काश मैं सिर्फ एक इंसान होता मां हिंदू होती, बाप मुसलमान होता या मां मुसलमान होती, बाप हिंदू होता मेरे मौला इससे क्‍या फर्क पड़ता आखिर मालिक तो दोनों का ...

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पसीने के बल सृजन

पसीने के बल सृजन

किसी व्यक्ति को बढ़ी दाढ़ी व घिसे कपड़ों में ऊंटगाड़े पर बैठ नित खेत जाते देख कौन कह सकता है कि यह राजस्थानी का बड़ा कथाकार और कवि है। पर यह सच है। रामस्वरूप किसान राजस्थानी कथा-स ...

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सबसे खतरनाक होता है, हमारे सपनों का मर जाना

सबसे खतरनाक होता है, हमारे सपनों का मर जाना

सबसे खतरनाक होता है, हमारे सपनों का मर जाना #Pash मेहनत की लूट सबसे ख़तरनाक नहीं होती पुलिस की मार सबसे ख़तरनाक नहीं होती ग़द्दारी और लोभ की मुट्ठी सबसे ख़तरनाक नहीं होती बैठे-बिठ ...

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जनता के साथ खड़े रहने को ही तो वे देशद्रोह कहते हैं!

जनता के साथ खड़े रहने को ही तो वे देशद्रोह कहते हैं!

जनता के साथ खड़े रहने को ही तो वे देशद्रोह कहते हैं!      (देशद्रोह के आरोप में साढ़े छह साल से कानपुर जेल में बंद रहे 73 वर्षीय शिवराज सिंह बगड़वाल अभी 23 अगस्त को जमानत पर छूटकर पर ...

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तू किधर ?

तू किधर ?

तू किधर ? रामधारी खटकड़ ओ महा कवि !  कविता को नीलाम न कर मत रख गिरवी लेखनी को छोड़ चाटुकारिता का साज मत बजा चिरौरी की डफली आश्रय न खोज , ये राजभोग न चख..... कह दे खुलकर जमाने की प ...

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