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चौ. देवीलाल जयंती विशेषः देश के विकास का रास्ता खेतों से होकर गुज़रता है

September 25, 2016 11:35 am by: Category: शख्सियत खास Leave a comment A+ / A-

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प्रदेश की लालों से लबरेज राजनीति का दूसरा चेहरा था चौ. देवीलाल। ताऊ के नाम प्रख्यात चौ. देवीलाल चौ. बंसी लाल के बाद प्रदेश में दूसरे लाल के रूप में भी जाने जाते हैं।

एक समाजसेवी… स्वतंत्रता सैनानी… और किसानों के मसीहा चौ. देवीलाल का जन्म 25 सितम्बर, 1914 यानि आज ही के दिन सिरसा के तेजा खेड़ा गांव के एक किसान परिवार में हुआ। चौ. देवीलाल का जीवन भी काफी संघर्ष भरा रहा। साल 1962 से 1966 तक हरियाणा को पंजाब से अलग राज्य बनवाने में उनकी निर्णायक भूमिका मानी जाती है। 1971 में वे पहली बार सिरसा से चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे। साल 1977 से 1979 और 1987 से 1989 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहने के साथ-साथ एक बार वे देश के उप-प्रधानमंत्री की कुर्सी पर भी बैठे।

बताया जाता है कि महात्मा गांधी, लाला लाजपत राय और भगत सिंह के जीवन से वे काफी प्रेरित थे। वे अक्सर कहा करते थे कि भारत के विकास का रास्ता खेतों से होकर गुज़रता है, जब तक ग़रीब किसान, मज़दूर इस देश में सम्पन्न नहीं होगा, तब तक इस देश की उन्नति के कोई मायने नहीं हैं।

चौ. देवीलाल ने कांग्रेस से राजनीति की शुरूआत की और कई दल बनाए। आखिर में उन्होनें इंडियन नैशनल लोकदल पार्टी की नींव रखी जो आज भी हरियाणा प्रदेश की राजनीति में सक्रीय है। सन 2001 में 6 अप्रैल के दिन ह्रदय गति रूकने के कारण चौ. देवीलाल इस दुनिया से चले गए। उनके संघर्षों भरे जीवन और उनके विकास कार्यों को आज भी देशभर में याद किया जाता है।

चौ. देवीलाल जयंती विशेषः देश के विकास का रास्ता खेतों से होकर गुज़रता है Reviewed by on . प्रदेश की लालों से लबरेज राजनीति का दूसरा चेहरा था चौ. देवीलाल। ताऊ के नाम प्रख्यात चौ. देवीलाल चौ. बंसी लाल के बाद प्रदेश में दूसरे लाल के रूप में भी जाने जाते प्रदेश की लालों से लबरेज राजनीति का दूसरा चेहरा था चौ. देवीलाल। ताऊ के नाम प्रख्यात चौ. देवीलाल चौ. बंसी लाल के बाद प्रदेश में दूसरे लाल के रूप में भी जाने जाते Rating: 0

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