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धान खरीद में भी घोटाले के संकेत

October 27, 2016 10:28 am by: Category: खबर खास, खेती खास Leave a comment A+ / A-

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होपर नामक बिमारी के कारण एक तो धान का उत्पादन वैसे ही कम हुआ दूसरा मंडियों में किसानों को समझौता करना पड़ रहा है। लेकिन बात इसके बाद भी बनती नहीं दिख रही यहां तक कि अधिकारियों को सुविधा शुल्क (?) का भुगतान भी किसान अपनी धान बेचने के लिये कर रहे हैं। मसला सिर्फ इतना नहीं है बात इससे भी आगे है जो किसानों की धान न खरीदने का कारण भी नजर आती है। दरअसल मंडियों में दूसरों राज्यों से सस्ते दामों पर धान खरीद उसे सरकारी रेट पर अधिकारियों की मिलीभगत से कोटा पूरा किया जा रहा है। यह आरोप भारतीय किसान यूनियन और किसान संघ के नेताओं ने लगाये हैं।

 

यह सिर्फ एक मंडी का हाल है। जिक्र हो रहा है पूंडरी के ढांड का। यहां किसान नेताओं ने लगभग 25 टन धान से भरे एक ट्राले को 3 दिन पहले चंदलाना रोड़ पर पकड़ा। उपायुक्त व एसडीएम सहित ढांड थाना प्रभारी को भी इसकी शिकायत दी। किसान नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर प्रशासन इस घोटाले की सही से जांच नहीं करता तो किसानों को आंदोलन करने पर उतारू होना पड़ेगा।

 

किसान संघ के प्रदेश प्रवक्ता रणदीप आर्य फरल ने जानकारी देते हुए कहा कि चंदलाना गांव में पकड़े गए ट्राला चालक से किसानों द्वारा धान के कागजात मांगने पर काफी घंटे बाद एक अनजान व्यक्ति कागज व बिलटी देकर गया। जिसमें प्रति क्विंवटल 1259 रुपए रेट लिखा हुआ था। शिकायत करने के करीब एक घंटे बाद ढांड मार्कीट कमेटी सचिव सतबीर नैन मौके पर पहुंचे और किसानों ने धान से भरे ट्राले नंबर पी.बी. 23 टी, 9791 के साथ कागजात कमेटी सचिव को सौंपे।

 

युवा भाकियू प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना ने आरोप लगाया कि एक तरफ मंडी में धान धान लेकर आ रहे किसानों को मिलर यह कहकर धान खरीदने से परहेज कर रहे है कि उनका स्टॉक पूरा हो चुका है या फिर किसानों को कम रेट पर धान बेचने के लिए विवश किया जा रहा है। जबकि दूसरी तरफ सरेआम दूसरे राज्यों से सरकारी खरीद एजैंसियों की अधिकारियों की मिलीभगत से कम भाव पर धान खरीदकर ढांड लाया जा रहा है। मंडी में धान बेचने के लिए किसानों को अधिकारियों को सुविधा शुल्क देकर अपना धान बेचना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि धान सीजन के दौरान मिलरों ने धान खरीद कम करके जे.फार्मांे में अधिक खरीद दिखाकर सरकार से 1510 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान लिया गया है, जबकि बाहर से कम रेट पर धान खरीदकर घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है। मिलर धान के स्टॉक को पूरा करने के लिए सरकारी खरीद एजैंसियों के अधिकारियों की सांठगांठ से जो जे.फार्म फर्जी काटे गए थे, उनको पूरा किया जा रहा है। कसाना ने आरोप लगाया कि ढांड क्षेत्र में ही बाहर के प्रदेशों से हर रोज धान से भरे 30 से 40 ट्रक आ रहे है। जबकि कई ट्रक भाकियू द्वारा अधिकारियों व पुलिस को पकड़वाए जा चुके है।

 

ढांड पुलिस को दी लिखित में शिकायत

भारतीय किसान संघ प्रदेश प्रवक्ता रणदीप आर्य फरल ने इस मामले में ढांड पुलिस को लिखित रूप में शिकायत दी कि बाहर के राज्यों से ला जा रहे धान की जांच करके मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। शिकायत में कहा कि उक्त गैर कानूनी कार्य ढांड मार्कीट कमेटी अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। पुलिस मौके पर जाकर मामले की जांच करें।

 

सरकार का नही है किसानों की समस्या पर कोई ध्यान

प्रदेश प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने  सीजन शुरू होने से पहले ही सरकार से मांग की थी और कहा था कि ढांड क्षेत्र में ऐसा खेल हर सीजन चलता है लेकिन सरकार और जिला प्रशाशन इस बारे में कोई दिलचस्पी नही दिखा रहा जो सरकार और प्रसाशन की मिलीभगत को दर्शाता है जिसका भाकियू और भाकिस पुरजोर विरोध करता है। 

मुख्य मंत्री से किसान द्वारा धान खरीद सम्बन्धी पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री का करनाल में चुप्पी साधने का भी भाकिस ने पुरजोर विरोध किया। 

पूंडरी से कृष्ण प्रजापति की रिपोर्ट

धान खरीद में भी घोटाले के संकेत Reviewed by on . होपर नामक बिमारी के कारण एक तो धान का उत्पादन वैसे ही कम हुआ दूसरा मंडियों में किसानों को समझौता करना पड़ रहा है। लेकिन बात इसके बाद भी बनती नहीं दिख रही यहां त होपर नामक बिमारी के कारण एक तो धान का उत्पादन वैसे ही कम हुआ दूसरा मंडियों में किसानों को समझौता करना पड़ रहा है। लेकिन बात इसके बाद भी बनती नहीं दिख रही यहां त Rating: 0

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