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भाईयो-बहनों, ऐसा करना चाहिए के नहीं करना चाहिए ?

August 12, 2016 6:08 pm by: Category: खबर खास Leave a comment A+ / A-

dushyant and modiii

क्या यह संयोग है कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र से संबंध रखने वाले खिलाड़ी को राष्ट्रीय संस्था NADA ने क्लीन चिट दे दी और बाकियों के लिए कोई रियायत नहीं की। नर सिंह यादव के लिए खुद प्रधानमंत्री ने खेल विभाग के अधिकारियों को बुलाकर उनसे दखल देने को कहा था। विशेष बात यह है कि NADA ने स्वीकार किया है कि नर सिंह के सैंपल में प्रतिबंधित दवा मिली थी लेकिन साथ ही NADA ने अनजाने में, साजिश की आशंका आदि कहकर क्लीन चिट दे दी। ये रियायतें इंद्रजीत और धर्मवीर को भी दी जा सकती थी। उनके लिए प्रधानमंत्री या किसी अन्य की दरियादिली नजर नहीं आई।

नर सिंह का ओलंपिक में खेलना अभी तय नहीं है लेकिन देश चाहता है कि वे खेलें और पदक जीत कर लाएं। साथ ही, खिलाड़ियों में भी राजनीतिक फर्क करने का चलन खत्म होना चाहिए। बता दें कि इस मुद्दे को इनेलो नेता और हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने भी लोकसभा में उठाया। सांसद दुष्यंत ने इसे बाकि खिलाड़ियों के साथ भेदभाव बताते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होनें कहा कि सिर्फ प्रधानमंत्री के लोकसभा क्षेत्र से संबंध रखने वाले खिलाड़ी को रियो मेें खेलने के लिए भेजा गया है।

  • वरिष्ठ पत्रकार दीपकमल सहारण की फेसबुक वाल से संवर्धित कर
भाईयो-बहनों, ऐसा करना चाहिए के नहीं करना चाहिए ? Reviewed by on . क्या यह संयोग है कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र से संबंध रखने वाले खिलाड़ी को राष्ट्रीय संस्था NADA ने क्लीन चिट दे दी और बाकियों के लिए कोई रियायत नहीं की। क्या यह संयोग है कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र से संबंध रखने वाले खिलाड़ी को राष्ट्रीय संस्था NADA ने क्लीन चिट दे दी और बाकियों के लिए कोई रियायत नहीं की। Rating: 0

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