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दलित उत्पीड़न – कैथल का बालू बना मिर्चपुर

दबंगों ने दलितों पर किया हमला - राजेश कापड़ो की रिपोर्ट

May 2, 2017 2:25 pm by: Category: खबर खास Leave a comment A+ / A-

चित्र: साभार न्यूज 18

दलित बस्ती पर हमला, घरों के दरवाजे तोड़ दलितों को पीटने का आरोप

पिछले कुछ समय से दलितों पर होने वाले अत्याचारों में देश भर में बढ़ोतरी हुई है लेकिन हरियाणा लगता है इस मामले में देश से दो कदम आगे है। मिर्चपुर गांव की जली हुई बस्ती की तस्वीरें और विस्थापित लोगों के भय आज भी कहीं न कहीं एक दर्द एक टीस को उभार देते हैं।  2017 की शुरुआत में ही  करनाल के सग्गा गांव में दलित समुदाय के युवक द्वारा अपनी शादी में  घुड़चड़ी निकालना कुछ दबंगों को खटका जिसके कारण हुए विवाद में दलित परिवारों ने पलायन किया था। ताजा मामला कैथल जिले के गांव बालू में मिर्चपुर की तर्ज पर ही दलितों पर अत्याचार का मामला सामने आया है। जिस प्रकार की रिपोर्ट  एडवोकेट राजेश कापड़ो ने प्रस्तुत की है वह बहुत ही भयावह तस्वीर पेश करती है। हालांकि इस रिपोर्ट में  की तह तक हरियाणा खास नहीं गया है इसलिये तथ्यों की पुष्टि नहीं करता  पड़ताल डॉट कॉम और नेशनल दस्तक वेब पोर्टल भी यह रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। ख़बर पर आप अपनी प्रतिक्रिया कमेंट बॉक्स में आप दे सकते हैं। 

बालू दलित हमला: टूटा हुआ दरवाज़ा

दलितों पर हमले के लिए चर्चित हरियाणा फिर एक बार सुर्ख़ियों में है. लाठी—डंडों और धारदार हथियारों से लैस 100 से ज्यादा जाट हमलावर दलितों पर टूट पड़े। महिलाओं, ल​ड़कियों के साथ की बदसलूकी।

बालू गांव के डरे—सहमे दलित परिवार

मामला एक मई का है एक मई यह दिन मजदूरों का दिन माना जाता है संघर्षों के इतिहास का दिन माना जाता है इसी दिन हरियाणा के कैथल जिले के बालू गांव में गांव के ही जाट समुदाय के कुछ लोगों पर वाल्मीकि बस्ती पर हमला करने के आरोप हैं। बताया जा रहा है कि लाठी, डंडों व तेजधार हथियारों से लैश 100 से ज्यादा हमलावर दलित बस्ती पर टूट पड़े और बस्ती के बाहर खड़े दलित युवकों को बूरी तरह पीटना शुरू कर दिया। घरों के दरवाजे तोड़ डाले, जमकर पथराव किया।  म​हिलाओं—लड़कियों के साथ बदसलूकी करने के आरोप भी हैं।

पीड़ितों का कहना है कि हमलावर अपनी गाड़ी में ही ईंट—पत्थर डालकर लाए थे। इस हमले में दर्जनभर से ज्यादा दलित युवकों को चोट लगी है। दलितों के 20-25 घरों में तोड़फोड़ की गई है। मकानों के दरवाजे तोड़ डाले। घरों से निकाल—निकालकर दलितों को पीटा गया। हमलावर एक मोटरसाईकिल भी उठा कर ले गए।

चार-पांच दलित युवकों को कलायत सरकारी अस्पताल में स्थानीय पुलिस ने भर्ती करवाया था, जिन्हें बाद में हालत गम्भीर होने के कारण कैथल शहर के अस्पताल में रैफर कर दिया गया। हमले में घायल मजदूर नेता संजीव व संदीप दोनों का इलाज फिलहाल यहीं चल रहा है। गांव में दहशत का वातावरण व्याप्त है। लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे। कैथल में दाखिल घायलों ने बताया कि कई घायल लोग अभी भी गांव में ही हैं जो डर के मारे नहीं आ पा रहे। उन्हें भी डाक्टरी सहायता की आवश्यकता है।

पुलिस का कहना है कोई शिकायत नहीं मिली

घायलों ने बताया कि हमला सुबह आठ बजे ही हो गया था, लेकिन पुलिस साढे नौ बजे गांव में पहुंची और फिर भी हमलावरों की तरफ ही बैठी रही। बड़ी मुश्किल से चार-पांच घायलों को अस्पताल में दाखिल करवाया और अभी तक कोई मुकदमा पुलिस ने दर्ज नहीं किया । एस एच ओ कलायत से जब यह पूछा कि इस वारदात में अब तक कितने हमलावरों को गिरफ्तार किया गया है तो उनका जवाब था कि अभी तक इस घटना के संबंध में उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है इसलिए कोई केस अभी तक दर्ज नहीं किया गया है। जबकि पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को सुबह से ही है ।

पुलिस खुद घायलों को उठाकर अस्पताल लाई थी। जिला पुलिस कप्तान के रीडर के अनुसार एक डीएसपी रैंक का अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ गांव में डटा हुआ है। रात नौ बजे तक भी कोई पुलिस अधिकारी घायलों के ब्यान दर्ज करने कैथल के सरकारी अस्पताल नहीं पहुंचा था।

यह जानना महत्वपूर्ण है कि तीन महीने पहले भी दलित समाज के युवकों ने एससी/एसटी आयोग को एक लिखित शिकायत दी थी कि जाट जाति के कुछ बदमाश किस्म के लोग दलित बस्ती में आकर रौब जमाते है और दलित महिलाओं पर बूरी नियत रखते हैं । यह शिकायत पुलिस थाना कलायत ने यह कह कर वापस करवा दी कि तकनीकी आधार पर यह एक कमजोर शिकायत है । दलितों ने पुलिस के दबाव में उक्त शिकायत वापस ले ली ।

क्यों उठा विवाद?

हाल ही में दो दलित युवकों संजीव व मोहन लाल ने वर्तमान सरपंच के खिलाफ एक लिखित शिकायत सीएम विन्डो के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय को दी जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम सरपंच रमेश कुमार का दसवीं का प्रमाण-पत्र फर्जी है । इसकी जांच का जिम्मा जिला शिक्षा अधिकारी कैथल को सौंपा गया। जांच अभी चल रही है । 27 अप्रैल के पंजाब केसरी के स्थानीय संस्करण में इसी शिकायत के संबंध में एक समाचार छपा जिसमें सरपंच के दसवीं के प्रमाण-पत्र पर उंगली उठाई गई थी । दलित युवकों की यह हिम्मत जाट सरपंच बरदाश्त नही कर सका । इसलिए अल सुबह लाठी,डंडों व तेजधार हथियारों से लैश उन्मादी बदमासों को लेकर दलित बस्ती पर टूट पड़ा । दो गंभीर रूप से घायलों में एक शिकायत कर्ता संजीव है जिसकी दोनों बाजूओं की हड्डियां तोड़ डाली गई है । घायलों ने बताया कि हमलावर उसको मरा हुआ समझकर छोड़ कर गए हैं ।

डरी—सहमी हैं दलित महिलाएं

गांव में दहशत है। महिलाएं डरी हुई हैं। पुलिस गांव में तैनात है लेकिन उत्पीडि़त दलितों की बस्ती में नहीं बल्कि पुलिस हमलावर जाटों के बगल में बैठी है।

कैथल शहर के विभिन्न दलित कार्यकर्ता, जनवादी एवं प्रगतिशील संगठनों के नेता व पदाधिकारी देर शाम सरकारी अस्पताल कैथल में घायलों से मिले। मामले की जानकारी लेने के लिए एसपी कैथल से मिलने के लिए उनके निवास पर गए लेकिन जिला पुलिस कप्तान अपने निवास पर ना मिल सके। जनसंघर्ष मंच हरियाणा के नेता फूल सिंह ने बताया कि कल 2 मई को एसपी कैथल से मिलने का कार्यक्रम है, ताकि हमलावरों की गिरफ्रतारी एवं दलित महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।

एडवोकेट राजेश कापड़ो की रिपोर्ट

(ख़बर में दी गई जानकारी और तथ्यों की पुष्टि हरियाणा खास नहीं करता है लेखक द्वारा भेजी गई रिपोर्ट को ज्यों का त्यों यहां प्रस्तुत किया जा रहा है।)

दलित उत्पीड़न – कैथल का बालू बना मिर्चपुर Reviewed by on . [caption id="attachment_1832" align="aligncenter" width="459"] चित्र: साभार न्यूज 18[/caption] दलित बस्ती पर हमला, घरों के दरवाजे तोड़ दलितों को पीटने का आरोप प [caption id="attachment_1832" align="aligncenter" width="459"] चित्र: साभार न्यूज 18[/caption] दलित बस्ती पर हमला, घरों के दरवाजे तोड़ दलितों को पीटने का आरोप प Rating: 0

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