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हरियाणा आते ही भूल जाते हैं कांग्रेसी राहुल बाबा के पाठ

October 15, 2016 9:58 am by: Category: खबर खास 1 Comment A+ / A-

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छह अक्तटूबर को दिल्ली में भैरों मंदिर के पास हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के दो गुटों में हुई दुर्भाग्यपूर्ण, शर्मनाक मार-पिटाई के बाद खबर है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी दोषी कांग्रेसियों को पाठ पढ़ाएंगे। इससे महाभारत का प्रसंग याद आ रहा है। जब गुरु द्रोणाचार्य ने कोरवों-पांडवों को पाठ पढ़ाया। दूसरे दिन सबने याद से पाठ सुना दिया लेकिन सबसे बड़े भाई युधिष्ठिर को पाठ याद नहीं था। गुरुदेव हैरान कि एक ही पंक्ति का पाठ याद नहीं, यह कैसे हो सकता है? युधिष्ठिर ने दूसरे-तीसरे दिन भी कहा कि पाठ याद नहीं तब गुरुदेव से रहा नहीं गया। उन्होंने युधिष्ठिर से पूछ ही लिया कि क्या बात है, युवराज युधिष्ठिर? एक पंक्ति भी याद नहीं कर सकते? युधिष्ठिर का जवाब था कि पंक्ति तो याद है कि क्रोध न करो पर ‘पाठ’ याद नहीं।   गुरुदेव ने पूछा- इसका क्या मतलब है? तब युधिष्ठिर ने कहा- गुरुदेव, आप ही तो कहते हैं कि पाठ को जीवन में उतारो। अब क्रोध न करूं, इसका अभ्यास कर रहा हूं। इसलिए कैसे कहूं कि पाठ याद हो गया है

अब आइए, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस और राहुल गांधी के पाठ पढ़ाने के मामले पर। छह अक्टूबर के बाद से दिल्ली में हुई कांग्रेसी-गुटों की सिर फुटौवल के बाद भी मामला थमा कहां है? दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है प्रदेश कांग्रेस का बवाल। जैसे दिल्ली में डेंगू व चिकनगुनिया फैलता गया, ऐसे ही कांगे्रस की गुटबाजी की महामारी अपनी लपेट में लिए जा रही है, फैलती ही जा रही है। दिल्ली में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं पर एफआईआर भी दर्ज हो गई और घायल अशोक तंवर भी राहुल गांधी से मिल लिए। कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला भी राहुल बाबा से मुलाकात कर चुके। किरण चौधरी भी मिलने जा रही हैं और पूर्व सीएम हुड्डा पहले भी मिले हैं और एक बार फिर उन्हें राहुल बाबा याद करेंगे। सारी रिपोर्ट्स महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे को सौंपी जाएगी, जिन्होंने 18 अक्टूबर को हरियाणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुला रखी है। 

खैर, यह दृश्य तो दिल्ली का है। अब हरियाणा का दृश्य देखिए। हिसार, कुरुक्षेत्र व रोहतक के कांग्रेस भवनों में जो हो रहा है, वह और भी शर्मनाक है। हुड्डा के फोटो तंवर गुट वाले उतार रहे हैं और तंवर के फोटो हुड्डा समर्थक उतार रहे हैं। रोहतक में तो अशोक तंवर की फोटो उतारकर गंदे नाले में फेंक दी गई। बाद में पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा ने अशोक तंवर की फोटो दोबारा लगवा दी, पर साइज जरा छोटा रह गया। 

अभी राहुल गांधी से मुलाकातों का दौर और मंथन जारी है लेकिन हरियाणा में पुतले जलाने और फोटो बदलने, हटाने, लगाने का खेल जारी है। दशहरा बीते कई दिन हुए पर हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अभी तक पुतला दहन में जुटी है। बराड़ा का पुतला बड़ा जिद्दी निकला। दशहरा निकला, जला नहीं। दूसरे दिन मुश्किल से जलाया यह आखिरी पुतला था। अब बराड़ा में पुतला नहीं जलेगा अगले साल से। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस में भी गुटबाजी का पुतला बड़ा हठी है, जिद्दी इतना है कि जलता ही नहीं, जितना जलाओ उतना भडक़ता जा रहा है। इस पुतले से दबंग-दलित राजनीति से जोडक़र कांग्रेस के जनाधार को कांग्रेसी ही खिसका रहे हैं। घायल अशोक तंवर दिल्ली पुलिस पर भी समय पर कार्रवाई न करने का आरोप लगा रहे हैं और राम मनोहर लोहिया अस्पताल प्रशासन पर भी लापरवाही का आरोप जड़ रहे हैं। 

हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी कमलनाथ राज्य के नेताओं को गुटबाजी से दूर रहने की नसीहत देकर गए थे। तब विधायक दल की नेता किरण चौधरी को मुख्यमंत्री खट्टर को ईमानदार कहे जाने पर घेरा गया। अब अशोक तंवर को खट्टर ने सुरक्षा का भरोसा देकर भी अभी सुरक्षा नहीं दी। खैर, लौटते हैं महाभारत के पाठ पर। राहुल गांधी व प्रदेश कांग्रेस प्रभारियों की नसीहतों की किताब खत्म होने को आई पर हरियाणा प्रदेश कांग्रेस नेता एक पंक्ति का पाठ याद नहीं कर पाए कि गुटबाजी न करो। कब याद होगा ये सबक? कौन बनेगा बड़ा भाई युधिष्ठिर

अंत में इतना ही कहूंगा बशीर बद्र के शब्दों में:-

दुश्मनी जम कर करोमगर इतनी गुंजाइश रहे।

कि फिर कभी मिलेंतो शर्मिंदा न हों। 

लेखक परिचय

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लेखक कमलेश भारतीय हरियाणा ग्रंथ अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष रहे हैं। इससे पहले खटकड़ कलां में शहीद भगतसिंह की स्मृति में खोले सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ग्यारह साल तक हिंदी अध्यापन एवं कार्यकारी प्राचार्य।  फिर चंडीगढ से प्रकाशित दैनिक ट्रिब्यून समाचारपत्र में उपसंपादक,  इसके बाद हिसार में प्रिंसिपल रिपोर्टर ।

उसके बाद नवगठित हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष बने। कथा समय मासिक पत्रिका का संपादन। मूल रूप से पंजाब के नवांशहर दोआबा से, लेकिन फिलहाल रिहायस हिसार में। हिंदी में स्वतंत्र लेखन । दस संकलन प्रकाशित एवं एक संवाददाता की डायरी को प्रधानमंत्री पुरस्कार।

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Comments (1)

  • kamlesh

    bariya sehyog ke liye dhanywad, bus rehais ki jagah rehaish yani sh kar dijiye.

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