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गुटबाजी – इंडोर गेम्स से कब मुक्त होगी कांग्रेस?

June 30, 2017 10:11 am by: Category: खबर खास Leave a comment A+ / A-

हरियाणा कांग्रेस अब तक तो मैदान में खेल रही थी। इतना खुलकर खेल रही थी कि दिल्ली में राहुल बाबा के स्वागत में खड़े कार्यकर्ता मानो ओपन कुश्ती में डूब गए। इतना भी ध्यान नहीं रखा कि हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और कुश्ती के रैफरी जब बीच बचाव करवाने आए, उन्हें दो-चार हाथ जड़ ही दिए। फिर दिल्ली थाने तक में रपट दर्ज हो गई। फिर एक्टर ऋषि कपूर की जीवनी खुल्लम-खुल्ला की तरह कांग्रेस भवनों में खुला खेल फर्रूखाबादी शुरू हो गया। किसी का फोटो उतारा गया, किसी लगाया गया। आखिरकार कांग्रेस भवनों पर ताले ही जड़ दिए। बीच-बीच में बयानबाजी के कबड्डी मैच तो कांग्रेस में हर रोज कहीं न कहीं होते ही रहते हैं। जब कोई कांगरेस में गुटबाजी पर सवाल करता है तो बड़ा मासूम सा जवाब मिलता है कि कोई गुटबाजी नहीं। हम तो सोनिया गांधी और राहुल बाबा के हाथ मजबूत कर रहे हैं। अब भई, दूसरे को मजबूती देने के लिए पहले खुद भी तो मजबूत होना जरूरी है न। फिर ऊपर से देसां मैं देस हरियाणा, जित दूध-दही का खाना। फिर कुछ तो कसरत का प्रबंध होना चाहिए। कसरती बदन से ही गुटबाजी हो सकती है। कसरती बदन से ही हाईकमान के हाथ मजबूत होंगे।

अब कांग्रेस मैदानी खेल के साथ-साथ इंडोर गेम्स का श्रीगणेश भी कर चुकी है। चंडीगढ़ में कांग्रेस मुख्यालय में इसकी घोषणा प्रदीप कुमार जैन, जयेंद्र चंद रमोला और सतीश राठौर की ओर की गई क्योंकि इनकी मौजूदगी में कांग्रेस नेताओं ने अच्छी कहासुनी कर दिखाई। खूब रार, तकरार और खरी-खोटी कह सुनाई। भाजपा तो पहले ही लोकसभा-विधानसभा चुनावों को लेकर सक्रिय है। कांग्रेस ने भी संगठन को मजबूत बनाने के लिए बैठक बुलाई। अगस्त से अक्टूबर तक संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फिर भी सदस्यों की सूचियों पर बहस होती रही। वोटर लिस्ट न दिखाए जाने की बात भी सामने आई। संगठनात्मक चुनाव हुए सात साल हो गए। केंद्रीय मंत्री रही व अब राज्यसभा सांसद सैलजा ने कहा कि ब्लॉक व जिला स्तर पर तो पार्टी में कुछ बचा ही नहीं। अगर ऐसे ही हाल रहा और झगड़ा चलता रहा तो प्रदेश स्तर पर भी नुकसान तय है। उन्होंने वोटर सूची पार्टी में सावर्जनिक करने की मांग भी उठाई। इस तरह इंडोर गेम्स की घोषणा करने प्रदीप कुमार जैन ने बाहर आकर मीडिया कर्मियों को बताया कि बैठक बहुत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। मतलब इससे अच्छा सौहार्दपूर्ण माहौल हो ही नहीं सकता। उन्होंने एक अनुभवी कांग्रेसी की तरह गुटबाजी को एकदम नकार दिया और वही मुहावरा दोहराया कि कांग्रेस बड़ा परिवार है और सभी मिलजुल कर काम कर रहे हैं। हुड्डा साहब, हमारे नेता हैं, संगठनात्मक चुनावों में उनकी भूमिका अहम है।

दूसरी ओर विपक्ष को मौका मिल गया। भाजपा सरकार में शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा कह रहे हैं कि कांग्रेस के पास कुछ कहने को है ही नहीं। कांग्रेस तीन साल का हिसाब मांग रही है। पहले अपना सत्तर साल का तो दे दो। फिर हमारा तीन साल का हिसाब मांगों। खट्टर काका भी कह रहे हैं कि हमने किसानों को कांग्रेस सरकार से ज्यादा मुआवजा दिया। फिलहाल कांग्रेस इंडोर गेम्स में उलझी है। बस, फ्री होते ही भाजपा पर हल्ला-बोल शुरू होगा। पर यह इंडोर गेम्स समाप्त होंगे तब न?

लेखक परिचय

kamlesh-bhartiya

लेखक कमलेश भारतीय हरियाणा ग्रंथ अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष रहे हैं। इससे पहले खटकड़ कलां में शहीद भगतसिंह की स्मृति में खोले सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ग्यारह साल तक हिंदी अध्यापन एवं कार्यकारी प्राचार्य।  फिर चंडीगढ से प्रकाशित दैनिक ट्रिब्यून समाचारपत्र में उपसंपादक,  इसके बाद हिसार में प्रिंसिपल रिपोर्टर ।उसके बाद नवगठित हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष बने। कथा समय मासिक पत्रिका का संपादन। मूल रूप से पंजाब के नवांशहर दोआबा से, लेकिन फिलहाल रिहाइश हिसार में। हिंदी में स्वतंत्र लेखन । दस संकलन प्रकाशित एवं एक संवाददाता की डायरी को प्रधानमंत्री पुरस्कार।

गुटबाजी – इंडोर गेम्स से कब मुक्त होगी कांग्रेस? Reviewed by on . हरियाणा कांग्रेस अब तक तो मैदान में खेल रही थी। इतना खुलकर खेल रही थी कि दिल्ली में राहुल बाबा के स्वागत में खड़े कार्यकर्ता मानो ओपन कुश्ती में डूब गए। इतना भी हरियाणा कांग्रेस अब तक तो मैदान में खेल रही थी। इतना खुलकर खेल रही थी कि दिल्ली में राहुल बाबा के स्वागत में खड़े कार्यकर्ता मानो ओपन कुश्ती में डूब गए। इतना भी Rating: 0

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