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सुनने को फुर्सत हो तो आवाज है पत्थरों में…

September 23, 2016 1:45 pm by: Category: इतिहास खास Leave a comment A+ / A-

jahajkothi

सुनने को फुर्सत हो तो आवाज है पत्थरों में

उजड़ी हुई बस्तियों में आबादियां बोलती हैं

कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिनका स्वरूप तो बदल जाता है मगर उससे जीवंतता नष्ट नहीं होती।  हिसार में भी एक जगह है जिसका नाम है जहाज़ पूल। बगल में ही अंग्रेज़ों के वक़्त की एक खंडहरनुमा इमारत को अब पुरातत्व विभाग द्वारा एक छोटे से संग्राहलय में बदल दिया गया है जिसे जहाज़ कोठी के नाम से जाना जाता है। झज्जर जिले में एक गांव भी है जिसका नाम है जहाज़ गढ़। जहाज़ पूल वाली जगह अब कोई पूल नहीं है और ना ही जहाज़ गढ़ में कोई गढ़ है।

जॉर्ज थॉमस की  कहानी

इन सारे स्थानों का सम्बद्ध रहा है जॉर्ज थॉमस से जो मुग़ल साम्राज्य के पतन के दौर में हरियाणा के एक बड़े भूभाग का स्व-घोषित राजा बन गया था। वह आयरलैंड के गांव टिप्पेररी में एक आम परिवार में पैदा हुआ था. चूँकि वह इंग्लैंड से मद्रास तक एक जहाज़ में नाविक की नौकरी करते हुए आया था, इसलिए उसे जहाज़ी के नाम से भी जाना जाता था।

शब्द का देशीकरण

वहीं कुछ समय बाद उसके नाम अब जॉर्ज शब्द का देसीकरण या उसका भूतकाल में जहाज़ी होना – इनमे से कोई एक या दोनों कारण हो सकते हैं, जहाज़ कोठी, जहाज़ पूल और जहाज़ गढ़ जैसे नामकरणों का, जॉर्ज थॉमस का जीवन हमे इतिहास के अत्यंत दिलचस्प दौर में ले जाता है।

बिल्डिंग का होगा कायाकल्प

वहीं इमारत को लेकर पुरात्व विभाग भी गंभीर हो गया है। यहां के म्यूजियम प्रभारी ने इसके रखरखाव को लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा था जिसके बाद 14 लाख की राशि इसके लिए स्वीकृत हो गई है। वहीं उपायुक्त द्वारा इसकी साफ-सफाई को लेकर विशेष हिदायतें दी गई है। इसके साथ ही शहर के हर रास्तों पर एक-एक बोर्ड भी लगाया जाएगा जो आने जाने वाले यात्रियों को इसकी जानकारी देगा।

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