Friday , 24 November 2017

Home » खबर खास » राज हठ छोड़, आखिर काम आई डिनर डिप्लोमैसी

राज हठ छोड़, आखिर काम आई डिनर डिप्लोमैसी

March 22, 2017 10:07 am by: Category: खबर खास Leave a comment A+ / A-

चित्र गूगल से साभार

आखिर हरियाणा के लिए आज वो सुहानी सुबह आ ही गई, जिस ने खुशखबरी सुनाई। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने संयुक्त प्रैस वार्ता की। इस तरह जाट आरक्षण आंदोलन समाप्त हो गया। वो भी दिल्ली कूच से ठीक पहले। पुलिस, प्रशासन, सरकार के साथ हरियाणा की जनता ने भी राहत की सांस ली। पहले सात मांगों की बात थी, फिर पांच मांगों पर सहमति बनी। लिखित कुछ नहीं, जुबानी जमाखर्च हुआ। दिल्ली कूच से कितना नुकसान हो जाता, इस का ट्रेलर फतेहाबाद में ही दिख गया। जब ट्रैक्टर रोकने पर हथियारों से पुलिस पर हमला कर दिया। एसपी, डीएसपी समेत पचास लोग घायल हो गए। इधर सरकार दिल्ली में सक्रिय थी। चार घंटे लंबी बैठक के बाद आर्थिक सहमति बनी और दिल्ली कूच टल गया। खट्टर व मलिक के साथ चौधरी बीरेंद्र सिंह ने एक साथ मीडिया के सामने समझौते की घोषणा की। हालांकि धरने 26 मार्च तक उठेंगे, पर दिल्ली कूच से होने वाला खतरा टल गया। मुख्यमंत्री खट्टर व मलिक के बीच चार घंटे की चैट के बाद आठ जिलों में इंटरनेट सेवाएं भी शुरू कर दी गई। तीन दिन पहले तक राजहठ और जाटहठ टकरा रहे थे। राजहठ कुछ ढीला पड़ा। मुख्यमंत्री खट्टर ने उत्तर प्रदेश के नए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में जाने का कार्यक्रम टाला। दिल्ली में रूके रहकर इस बड़े मसले को हल किया। क्या सचमुच खट्टर को मीडिया के सामने आकर घोषणा करने के लिए मजबूर होना पड़ा?

                सांसद राजकुमार सैनी कह रहे थे कि मलिक मुख्यमंत्री को बाध्य नहीं कर सकते। अब क्या कहेंगे? सरकार में हठ नहीं चलता, लचीलापन ही चलता है। यदि तीन दिन पहले दिल्ली से पंचकूला कूच न करते तो बात तीन दिन पहले ही बन जाती। देर आयद, दुरूस्त आयद। जो हुआ, अच्छा हुआ। अंत भला, सौ भला। आंदोलन खत्म, लाखो पाए। आज से धरने हटाने की शुरूआत हो जाएगी।

                राजनीति अभी जारी है। सर्वजाट खाप पंचायत के राष्ट्रीय प्रवक्ता सूबे ङ्क्षसह समैण कह रहे हैं कि दिल्ली कूच फेल हेाने की आशंका से मलिक समझौतो को तैयार हुए। सांसद राजकुमार सैनी भी कह रहे है कि सरकार झुकी तो गलत संदेश जाएगा। इसा खामियाजा भविष्य में भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा इससे जनता में सरकार के प्रति गलत संदेश जाएगा और कुछ लोगों के हौंसले बुलंद होंगे। दिल्ली कूच टलने के बावजूद अभी फोर्स तैनात रहेगी। जाट युवा सेना का कहना है कि उनकी एक भी मांग मंजूर नहीं हुई। उन्होंने तो किसी को दिल्ली कूच के लिए नहीं कहा था। उनकी सरकार से कोई बात नहंी हुई।

                बेशक सरकार को मलिक से समझौता करने में सफलता मिल गई, पर लगता है कि अभी खतरा पूरी तरह टला नहीं। यह बात तो लगातार हवा में तरती रहती है कि कोई उत्तर प्रदेश से आकर आंदोलन या समझौता कैसे कर सकता है? पर इसे ही तो राजनीति कहते हैं, कुटनीति कहते हैं। फिलहाल सुलह-समझौते से हरियाणा की जनता ने राहत की सांस ली है।

kamlesh-bhartiyaलेखक परिचय

कमलेश भारतीय हरियाणा ग्रंथ अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष रहे हैं। इससे पहले खटकड़ कलां में शहीद भगतसिंह की स्मृति में खोले सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ग्यारह साल तक हिंदी अध्यापन एवं कार्यकारी प्राचार्य।  फिर चंडीगढ से प्रकाशित दैनिक ट्रिब्यून समाचारपत्र में उपसंपादक,  इसके बाद हिसार में प्रिंसिपल रिपोर्टर । उसके बाद नवगठित हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष बने। कथा समय मासिक पत्रिका का संपादन। मूल रूप से पंजाब के नवांशहर दोआबा से, लेकिन फिलहाल रिहाइश हिसार में। हिंदी में स्वतंत्र लेखन । दस संकलन प्रकाशित एवं एक संवाददाता की डायरी को प्रधानमंत्री पुरस्कार।

राज हठ छोड़, आखिर काम आई डिनर डिप्लोमैसी Reviewed by on . [caption id="attachment_1738" align="aligncenter" width="630"] चित्र गूगल से साभार[/caption] आखिर हरियाणा के लिए आज वो सुहानी सुबह आ ही गई, जिस ने खुशखबरी सुनाई [caption id="attachment_1738" align="aligncenter" width="630"] चित्र गूगल से साभार[/caption] आखिर हरियाणा के लिए आज वो सुहानी सुबह आ ही गई, जिस ने खुशखबरी सुनाई Rating: 0

Leave a Comment

scroll to top