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बजट 2018 – किसे मिली है छूट किसकी होगी लूट?

February 1, 2018 5:35 pm by: Category: खबर खास Leave a comment A+ / A-

budget

बजट को लेकर जितने कयास लगाये जा रहे थे, जितनी संभावनाएं जताई जा रही थी उन सब पर वित्त मंत्री के बजट भाषण के पश्चात विराम लग चुका है। हालांकि बजट की पूरी तस्वीर तो बजट रिपोर्ट लोगों के हाथ में आने के बाद साफ होगी लेकिन वित्त मंत्री अरूण जेटली के पांचवे बजट भाषण से जो मुख्य बातें उभर कर सामने आई जिनसे हम जान सकते हैं कि किन्हें इस बजट में छूट मिल रही है और कौन अपने आपको लुटा हुआ ठगा हुआ महसूस कर रहा है… वो कुछ इस प्रकार हैं।

#BUDGET2018 – किसके लिये क्या है

यह कयास लगाये जा रहे थे कि राजस्थान व मध्यप्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव और 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों का इस बजट में ध्यान रखा जायेगा। ग्रामीण भारत पर इसमें फोकस किया जायेगा तो कुछ कयास तो सही साबित हुए हैं।

किसानों का बजट

किसानों के लिये 2022 में फसल पर लागत का दोगुना मूल्य देने का लक्ष्य है लेकिन वह तो बाद की बात है फिलहाल इस बजट में सरकार ने लागत का ढ़ेड गुना दाम देने का लक्ष्य रखा है। किसानों को इस बात के लिये भी प्रेरित किया जायेगा कि वे कम लागत में अधिक फसल उगायें।

कृषि बाजार के लिये भी 2000 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगें। वहीं कृषि प्रोसेसिंग सेक्टर पर 1400 करोड़ रुपये का बजट रखा है। ऑपरेशन ग्रीन के लिये भी 500 करोड़ रखे गये हैं।

इतना ही नहीं 42 मेगा फूड पार्क बनाये जाने की घोषणा भी हुई है। साथ ही छोटे किसानों के लिये ग्रामीण कृषि बाज़ारों का विकास किया जायेगा। गांव की 22 हजार हाट कृषि बाज़ार बनेंगी।

मतस्यपालकों व पशुपालकों को भी किसानों की तर्ज पर क्रेडिट कार्ड दिये जायेंगे। इतना ही नहीं मछली एवं पशु पालन व्यवसाय में 10 हजार करोड़ रुपये से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आय में वृद्धि लाने के प्रयास रहेगा।

आर्गेनिक खेती के लिये भी किसानों को प्रेरित किया जायेगा। महिला समूहों को जैविक खेती करने के लिये प्रोत्साहन दिया जायेगा।

ग्रामीण व गरीबों का बजट

सौभाग्य योजना के जरिये चार करोड़ बीपीएल परिवारों को मुफ्त बिजली दी जायेगी। 2022 तक हर गरीब के पास अपना घर होने का लक्ष्य, गांव में ढांचागत विकास के लिये भी 14.34 लाख करोड़ रुपये दिये जायेंगे। उज्जवला योजना के तहत आठ करोड़ गरीब महिलाओं को मुफ्त में गैस कनेक्शन भी दिये जायेंगें। इतना ही नहीं गरीब परिवारों को नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के तहत पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा भी दिया जायेगा इसके लिये 10 करोड़ की राशि रखी गयी हैं।

नौकरीपेशा व कर्मचारियों का बजट

आयकर में कोई बदलाव नहीं किया गया है लेकिन वेतनभोगी कर्मचारियों को कन्वेंस एवं मेडिकल के लिये 40 हजार रुपये की टेक्स में सीधी छूट होगी यानि 40 हजार रुपये कम करने के बाद जो सैलरी बचेगी टैक्स उस पर लगेगा।

जो लोग इधर उधर अपना पैसा इन्वेस्ट करते हैं उन्हें भी एक लाख से अधिक के निवेश पर 10 फीसदी कैपिटल गेन टैक्स देना होगा।

बेरोजगारों का बजट

बेरोजगारों के लिये अच्छी खबर यह है कि सरकार ने 70 लाख नौकरियां बनाने की घोषणा इस बजट में की है।

व्यवसायियों का बजट

वैसे तो व्यवसायियों का हर बजट में ध्यान रखा जाता है लेकिन इसमें कुछ खास ही रखा गया है। पहले जो कंपनियों 100 करोड़ तक का टर्न ऑवर दिखाती थी उन्हें 25 प्रतिशत तक टैक्स देना पड़ता था इससे ज्यादा का टर्न ऑवर दिखाने वाली कंपनियों के लिये यह अधिक था 250 करोड़ तक के कारोबार वाली कंपनी को 25 प्रतिशत टैक्स देना पड़ेगा।

राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति व सांसदों का बजट

राष्ट्रपति का वेतन पांच लाख तो उपराष्ट्रपति का चार लाख, राज्यपाल की तनख्वाह साढ़े तीन लाख। सांसदों का वेतन भी बढ़ाया जायेगा व हर पांच साल बाद सांसदों के भत्ते की भी समीक्षा होगी।

किसकी टूटी कमर

आयकर में कोई बदलाव न होने से मध्यमवर्ग अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहा है। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इसके लिये काफी भड़ास निकाली है।

शिक्षा और स्वास्थ्य पर पहले 3 प्रतिशत सेस देना पड़ता था इसे भी बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर दिया गया है।

कस्टम ड्यूटी के बढ़ने से मोबाइल व टी.वी उपकरणों की कीमतें बढ़ सकती हैं।

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