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ज़ुल्मतों का दौर

December 12, 2017 5:19 pm by: Category: खबर खास Leave a comment A+ / A-

 

ज़ुल्मतों का दौर

2017 की साल
साल का अंतिम महीना
मोदी का कुरुर शासन
और ज़ुल्मतों का दौर
थमने का नाम ही नहीं ले रहा

बच्चे भूखे
नोजवान बेरोजगार
और ज़ुल्मतों का दौर
थमने का नाम ही नहीं ले रहा

मजदूर बेकार
किसान बदहाल
और ज़ुल्मतों का दौर
थमने का नाम ही नहीं ले रहा

महिलाओं के साथ बलात्कार
दलितों का बहिष्कार
और ज़ुल्मतों का दौर
थमने का नाम ही नहीं ले रहा

जनता लाचार
मुस्लिमों पर अत्याचार
और जुल्मतों का दौर
थमने का नाम ही नहीं ले रहा

इस काली घटा वाली
रात के बाद
जनता के गीतों-नारों -ओ- बुलन्द आवाज से
लालिमा से युक्त रौशनी
लाएगी नया सवेरा
एक नए उम्मीद की किरण
और
थम जाएगा
सामंतों, पूंजीपतियों, साम्राज्यवादियों का
हम पर
ज़ुल्मतों का दौर

अमनप्रीत सतीश

लेखक परिचय – अमनप्रीत सतीश हांसी सरकारी कॉलेज के छात्र है जो छात्र यूनियन PSF में काम करते है।

नोट:- प्रस्तुत Poem में दिये गये विचार या जानकारियों की पुष्टि हरियाणा खास नहीं करता है। यह लेखक के अपने विचार हैं जिन्हें यहां ज्यों का त्यों प्रस्तुत किया गया है। Poem के किसी भी अंश के लिये हरियाणा खास उत्तरदायी नहीं है।

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