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मैं हैरान हूँ

December 23, 2017 6:35 pm by: Category: खबर खास Leave a comment A+ / A-

मैं हैरान हूँ

हाथों में तलवार, तमंचा लहराते हुए मनुष्यों
हमारा जिस्म काटते समय
या फिर दागते हुए हमारे सीने में गोली
क्यों नहीं कांपते हाथ पांव तुम्हारे ?

मैं हैरान हूँ
आखिर लाते कहाँ से हो इतनी हिंसा, घृणा, द्वेष, नफरत ?
बाजारों में तो कहीं बिकती नहीं ?
ना तो खेतों में उगती ?

क्या माँ के दूध के साथ
प्रवेश करती है तुम्हारे भीतर
या फिर अभिमन्यु सरीखे
सीख लेते हो गर्भ में सब ?

या फिर उँगली थामे शख्स
सिखाता है तुम्हें जातीय नफरत

या फिर किसी स्कूल, कॉलेज में
दिया जाता है विशेष प्रशिक्षण ?

या फिर तुम्हारा धर्म, तुम्हारा ईश्वर
देता है तुम्हें निर्देश
कि जाओ जाकर रौंद दो दलितों, शोषितों, वंचितों को

बस अब बहुत हुआ
हथियारबद्ध मनुष्यो
क्या तुम जानते नहीं
हिंसा से हिंसा जन्म लेती है
और हमारा ह्रदय भरा हुआ है प्रेम से
बताओ तुम्हें क्या चाहिये

–अरविन्द भारती

समिक्षा मिलान की फेसबुक वाल से…..

 

 

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