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झारखंड सरकार द्वारा मजदूर संगठन समिति पर लगाये गये प्रतिबंध के खिलाफ बढते विरोध के स्वर

झारखंड सरकार की इन दमनकारी नीतियों का कई ट्रेड यूनियनों, मानवाधिकार संगठनों, छात्र संगठनों व राजनीतिक दलों ने विरोध करते हुए मजदूर संगठन समिति पर से प्रतिबंध वापस लेने की मांग की है। 

January 2, 2018 7:40 pm by: Category: खबर खास Leave a comment A+ / A-

            झारखंड सरकार द्वारा 22 दिसंबर, 2017 को पंजीकृत ट्रेड यूनियन ‘मजदूर संगठन समिति’ को भाकपा (माओवादी) का फ्रंटल संगठन बतलाकर प्रतिबंध करने की घोषणा के खिलाफ पूरे देश में इसका विरोध हो रहा है और यह विरोध लगातार बढ़ते ही जा रहा है।

इधर झारखंड सरकार का दमन भी तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है, 30 दिसम्बर को मजदूर संगठन समिति का तीन शाखा कार्यालय (मधुबन, गिरिडीह व बोकारो थर्मल) व मजदूर संगठन समिति के नेतृत्व में मधुबन में डोली मजदूर कल्याण कोष से संचालित ‘श्रमजीवी अस्पताल’ सील किया जा चुका है। इन तीनों शाखाओं का बैंक अकाउंट व डोली मजदूर कल्याण कोष का बैंक अकाउंट भी फ्रीज किया जा चुका है।

झारखंड सरकार की इन दमनकारी नीतियों का कई ट्रेड यूनियनों, मानवाधिकार संगठनों, छात्र संगठनों व राजनीतिक दलों ने विरोध करते हुए मजदूर संगठन समिति पर से प्रतिबंध वापस लेने की मांग की है।

25 दिसंबर को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर JOINT PLATFORM OF COAL CONTRACT WORKERS UNION (JPCCWU), जिसके घटक संगठन ALL ECLCWEU, ECLTSAU, ECLCSU, SCCWU, MSS, NTUI, IFTU, NDLF है, प्रतिबंध हटाने की मांग की।

28 दिसंबर को नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब में मजदूर एकता मंच (दिल्ली), PEOPLE’S UNION OF CIVIL RIGHTS (हरियाणा), इंकलाबी मजदूर केन्द्र, इंकलाबी मजदूर संगठन, मजदूर अधिकार संगठन, ALL INDIA UNION OF FOREST WORKING PEOPLE (AIUFWP) ने प्रेस कांफ्रेस आयोजित कर मसंस को प्रतिबंधित करने का विरोध किया व प्रतिबंध हटाने की मांग की।

छात्र संगठनों में से Bhagat Singh Chhatra Morcha, Students for society (SFS), Democratic Student organization (DSO) आदि ने भी मसंस पर प्रतिबंध का विरोध किया व प्रतिबंध हटाने की मांग की।
केन्द्रीय मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियन ‘ ऐक्टू’ ने मसंस पर प्रतिबंध का विरोध व प्रतिबंध हटाने की मांग प्रेस विज्ञप्ति जारी कर की।

रिवोल्यूशनरी डेमोक्रेटिक फ्रंट (आरडीएफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रसिद्ध क्रांतिकारी कवि वरवरा राव ने भी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रतिबंध का विरोध किया व अविलंब प्रतिबंध हटाने की मांग की।

मानवाधिकार संगठन PUDR ने भी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रतिबंध हटाने की मांग की।

राजनीतिक दलों में से सर्वप्रथम भाकपा (माले) लिबरेशन ने और आज भाकपा (माओवादी) ने भी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मजदूर संगठन समिति पर प्रतिबंध लगाने का विरोध किया है।

आप कब विरोध करेंगे साथी ?????

Rupesh Kumar कि फेसबुक से….

नोट:- प्रस्तुत लेख में दिये गये विचार या जानकारियों की पुष्टि हरियाणा खास नहीं करता है। यह लेखक के अपने विचार हैं जिन्हें यहां ज्यों का त्यों प्रस्तुत किया गया है। लेख के किसी भी अंश के लिये हरियाणा खास उत्तरदायी नहीं है।

 

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