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अपने बच्चे को असली मर्द कैसे बनाएँ?

चंद्रमोहन की फेसबुक वॉल से

September 14, 2018 11:43 am by: Category: खबर खास Leave a comment A+ / A-

बलात्कार के इस दौर में अपने बच्चे को असली मर्द कैसे बनाएँ ~

बच्चे गीली मिट्टी से होते हैं । ये अभिभावक ही हैं जो उसका कुल्हड़ बना उसमें लस्सी पी फोड़े या उस मिट्टी को कीचड़ बना उसमें कमल खिला डालें । पिता लोग ध्यान दें कि आप अपनी पत्नी के साथ जो व्यवहार करेंगे वो तय करेगा की आपका बेटा मर्द बनता है की इंसान । वहीं माताओं का विशेष योगदान रहता है क्योंकि माताओं की सहनशीलता ही बेटे को औरत की असली औक़ात बताती है । बच्चा जब बोलना सीख रहा हो तब उसके सामने माँ बहन बेटी दादी की गालियाँ देने की उचित व्यवस्था हो । वो भी जब धीरे धीरे तोतली आवाज़ में मददतोद बोलना सीख जाए तब सब हँस के, विशेषकर माँ अपनी साड़ी मुँह में ठूँस शर्मा के हँसते हुए उसे प्रोत्साहित करे ..

मर्द होने की अनिवार्य शर्त है – माँ के चरणों में स्वर्ग और नारी को नर्क का द्वार समझना । महात्मा गांधी ने भी कहा है की Be the change you want to be in the world. तो शुरुआत घर से होनी चाहिए । जब कभी आपका बच्चा छोटी/बड़ी बहन को नोचना, काटना, बाल खींचना चाहे तो लाड़ से देख मुस्कुराएँ । अगर बहन पलटवार करे तो दो तीन जमा के उसे लड़की होने का सुख बचपन से ही देना माँ बाप का फ़र्ज़ है । बच्चा मन ही मन अपनी बहन को छोटी जाति की समझने लगेगा और मर्द बनने की सही पहल आप कर चुके होंगे ..

जैसे जैसे बच्चा बड़ा हो प्रॉसेस और मज़बूत कर दें । पहले खाना बेटे को दें और रोटी डिलीवरी बेटी से ही करवाएँ । बेटे को कभी पानी ख़ुद से ना लेना पड़े इसका विशेष ध्यान रखें । बेटी को दहेज में डिस्काउंट मिलने लायक ही पढ़ाएँ । कोचिंग की जगह होम टूटर ही लड़की के लिए सही है । वहीं बेटे को कोचिंग भेजिए । उसके लिए उसपे बाइक होना चाहिए । बालक छोटा है तो बेटी को scooty दिलाइए, क्योंकि scooty लड़की की होती है पर मर्द बनने की राह में नर बच्चे उसे चला सकते हैं, फिर कभी कभी अपने भी सब्ज़ी लाने के काम आ जाएगी ..

बच्चे नादान होते हैं । उनकी पसंद के खिलौने की जगह लड़के को बंदूक़, कार, जेसीबी, ट्रक आदि दिलाएँ ना की किचन वाले खिलौने या बार्बी डॉल टाइप चीज़े । लड़कों का कुछ भी पिंक कलर का ना हो ये सुनिश्चित करना माँ बाप का काम है । उसके स्पोर्ट सिलेक्शन का विशेष ध्यान रखें । युवराज सिंह बचपन में स्केटिंग खेलना चाहता था पर उसके पिता ने उसे वो लड़कियों वाला खेल नहीं खेलने दिया । तो स्केटिंग, फुद्दी बल्ला, खो खो जैसे खेल नहीं खेलने देना है । चोट लगने वाले खेल सिर्फ़ लड़कों के लिए रखें । चोट के कारण जब वह रोए तब “ क्या लड़कियों की तरह रो रहा है “ कह उसका अनिवार्य रूप से उत्साह वर्धन किया जाए ..

बंदूक़, बुलट, जीप, और मयखाने हैं ।
कुछ शौक़ हैं मर्दों के जो बहुत पुराने हैं ।।

एक उम्र के बाद शुरू होता है स्वयं साधना का दौर । भला अकेले मोदी जी और माँ बाप आपके लिए कब तक क्या क्या करेंगे । इसके आगे मर्द बनने की ज़िम्मेदारी पूरी तरह हम पे आ जाती है । हालाँकि पिछली ट्रेनिंग का अपना महत्व है पर आपकी सही परवरिश ना होते हुए भी आप ख़ुद मेहनत कर मर्द बन सकते हैं ।सबसे पहली और ज़रूरी बात आपका सामान गिरी से गिरी हालत में नौ इंच का होना ही होना चाहिए उस से कम है तो आप अभी भी बछड़े ही हैं और ईरान से ले के जापान आपको मर्द बनाने के लिए प्रयासरत है । ध्यान रहे ..

मर्द का तो लिंग बड़ा होना चाहिए ।
मूँछे तो बिल्ली की भी बड़ी होती है ।।

एक असली मर्द ख़ुशी, ग़ुस्सा, आश्चर्य, हताशा आदि भावनाओं को हमेशा नारीसूचक गालियों से अभिव्यक्त करता है । मर्द दोस्त प्यार से एक दूसरे को समलैंगिक गाली एवम् चूतिया कहते हैं ( हालाँकि चूतिया गाली नहीं होती ये नासा ने गीता में पढ़के साफ़ कर दिया है ) । वहीं ज़्यादा घनिष्ट मर्द दोस्त एक दूसरे को प्यार के मारे माँ बहन वाली गालियों से सम्बोधित करते हैं । शुद्ध मर्द वो है जो अंधेरे में ठीक से ना दिखने के कारण अपनी बहन या किसी बुज़ुर्ग को तक छेड़ दे । कर्म है उसका । ध्यान रहे शारीरिक या मानसिक सुख हासिल करना मर्द का लक्ष नहीं, दुनिया को अपनी मर्दानगी का परिचय देना उद्देश्य हो ..

हो नज़र में तेरी वो मर्दानापन की
वो अपना दुपट्टा ठीक करने लगे ।।

महाकवि बच्चन साहब की औलाद बिग B ने साफ़ बताया है की मर्द को दर्द नहीं होता । मर्द की ज़बान की समाज में बहुत क़ीमत है, इसे हर कहीं वापर के गंदा नहीं करना है । foreplay नहीं जम के हार्ड्कॉर वाला इंटर्कॉर्स करना है । मर्द सिर्फ़ दर्द देता है । प्यार नहीं वार करना है । फिर भी ग़लत परवरिश या कुसंगति के कारण अगर तुम किसी से प्यार करने लगे हो तो ये उस की खुस नसीबी है की उसे सच्चा प्यार करने वाला मर्द मिला । वरना सर्वे से साफ़ है की लड़की तो होती ही बेवफ़ा है । मतलब सीधी बात है हाँ करने के अलावा उसके पास कोई चारा नहीं और असली मर्द का मूल मंत्र है ..

प्यार मोहब्बत धोखा है ।
पटक के मारो मौक़ा है ।।

फ़ेस्बुक पे फ़ोटो लगाई है यानी पक्का चालू है अच्छे घर की होती तो FB पर होती ही नहीं या किसी ऐक्ट्रेस या फूल पत्ते, सब्ज़ी की फ़ोटो लगाती । लगातार msg कर Fb इन्बाक्स से ले के कॉमेंटबॉक्स तक पीछा करो । फिर भी सावित्री बन रही है तो 9 इंचि किस दिन काम आएगा । लिंग की अलग अलग मुद्राओं में फ़ोटो ले के यहाँ तक की इंटर्नेट से किसी मॉडल लिंग को सेव कर इन्बाक्स में चू पड़ो । फिर भी ना माने तो उसे बताओ की आप सिर्फ़ उस से प्यार नहीं करते बल्कि शादी भी करोगे । अगर इस पर भी राज़ी ना हो तो अंत में महामर्द कुमार विश्वास की पंक्तियों को याद कीजिए ..

मेरी चाहत को दुल्हन तू बना लेना मगर सुन ले ।
जो मेरा हो नहीं पाया वो तेरा हो नहीं सकता ।।

प्रकृति ने भी साफ़ साफ़ मर्द का गुणगान किया है । मर्द मोर रंग बिरंगा एवं मोरपंख से सुसज्जित वहीं मोरनी काली सफ़ेद बोरिंग । दांत हाथी के होते है,हथिनी के नहीं । कस्तूरी मर्द हिरन में पायी जाती है, मादा हिरन में नहीं ।मणि नाग के पास होती है, नागिन के पास नहीं । नागिन ऐसे नागों की दीवानी होती है जिनके पास मणि होती है । रत्न महासागर में पाये जाते है, नदियो में नही एवं अंत में नदियो को उसी महासागर में गिरना पड़ता है ..

मर्दाना मूँछ, ग़ज़ब की दाड़ी, छाती के बाल, बुद्धि, विवेक और बल केवल मर्द के पास होता है औरत के पास नहीं । यहाँ तक कि मित्रों धर्म कोई सा भी हो उसमें भगवान केवल मर्द ही होते हैं । इसलिए अपनी पुत्रियों को गाय बनाएँ और पुत्रों को मर्द ..

मर्द भोगे वसुंधरा, मर्द जो करता है सही करता है, मर्द को
नहीं दोस गुसाँई, जय मर्द, जय मर्दाना, जय मर्दिसतान ..

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