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मार्गशीर्ष माह – महीना सै यू मंगसर का इसमैं कोए त्योहार नी ढंगसर का

November 15, 2016 9:52 am by: Category: खबर खास, तीज तयोहार Leave a comment A+ / A-

margashirsha

कात्तक जा लिया दिवाळी मना ली, कात्तक नहा भी लिये होंगे इब म्हीनां आग्या है मंगसर का इसका हिंदी मैं जो संस्कृतनिष्ठ नाम है वो तो बड़ा अजीब है मार्गशीर्ष, अगहन मास भी कह दें हैं मार्गशिरा भी सुण्या है कैंह है के ब्रह्मांड का जो तारामंडल है उसमैं ग्रहों का इस्तेमाल अपणै ज्योतिषी जी ब्होत करैं हैं इने नै इन ग्रहां कै साथ-साथ कुछ नक्षत्र भी बताये जिसकै हिसाब तै टेम घड़ी सरकै है। इन नक्षत्रां मैं एक नक्षत्र मार्गशिरा है इसे कै नाम पै कात्तक यानि कार्तिक कै बाद आण आळा यू म्हीना मार्गशिरा यानि मंगसर कुहावै है।

इसा है त्यौहारां का जो मजा कात्तक मैं आ लिया आ लिया इसकै पाच्छै तो जनवरी मैं जाकै लोहडी अर सकरांत मेन त्योहार पड़ैंगे फेर भी बुहकाण आळी बात करुं तो कुछ त्यौहार जिसी महत्वपूर्ण तिथि हैं जो इस म्हीनै म्हं पड़ैं हैं।

 

मंगसर कृष्ण पक्ष – उत्पन्न एकादशी व अगहन अमावस्या

मंगसर कै म्हीना का पहला पखवाड़ा यानि के कृष्ण पक्ष कुछ खास नहीं है फेर भी बरत राखण आळे एकादशी का व्रत रख सकैं हैं इस एकादशी नै उत्पन्न एकादशी कह्या करैं। असल मैं यू टेम गेंहू की फसल की बुवाई का भी टेम होवै है हो सकै इसनै सोचकै इसनै उत्पन्न एकादशी कह्या जांदा हो हालांकि इसकी धार्मिक कथा तो ओर ढ़ाळ की है वा फेर कदे। इसकै पाच्छै मंगसरी मौस यानि अमावस्या जो के अगहन अमावस्या भी कही जा है उसनै भी आप यमुना मैं गोता ला सको हो पर लाइयो देखभाळ कै कदे दिल्ली के कालिंदी कुंज मैं यमुना के झागां मैं बड़न की कोशिश करो। यमुनानगर धोरै को थोड़ा ब्होत ठीक ठ्याक ब्योंत मिल सकै है पाणी बाकि खेत कै ट्यूवल तै बढ़िया पाणी तो किते का होण तै रह्या जो मजा होदी या कह ल्यो घड़घोई मैं बड़कै टिवल नीचै स्यर देकै न्हाण मैं आवै है वो ओर किते नी आ सकदा लिखवा ल्यो फेर भी आप जै धार्मिक आदमी हो तो किसे तीर्थ पै जाकै न्हायां तै आत्मा सीळी होंदी हो तो मैं आपनै नहीं रुकण की कहंदा।

 

मंगसर शुक्ल पक्ष – विवाह पंचमी, मोक्षदा एकादशी, गीता जयंती, दत्तात्रेय जंयती मंगसर पणवासी (पूर्णिमा)

शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि भी ब्होत महत्वपूर्ण मानी जा है कह्या जा है के इस दिन राम अर सीता का ब्याह होया था ज्याएं तै या तिथि विवाह पंचमी कै नाम तै भी जाणी जा है। कुरुक्षेत्र मैं ब्रह्मसरोवर पै क्राफ्ट मेला भी इन्हें दिना लाग्या करै अर क्राफ्ट मेलै कै साथ-साथ मनाया जाया करै गीता जयंती का उत्सव। अर इबकै तो सुणी है गीता जयंती पै जमा डूंडा सा पाटैगा बाकि नोटबंदी मेलै की रौनक नै भी बिगाड़ सकै है। खैर मोक्षदा एकादशी का बरत इस म्हीनै मैं खास मान्या जा है इसे दिन मनाई जा है गीता जयंती भी अर ठीक चार दिन पाच्छै पणवासी नै मनाई जा है दत्तात्रेय की जयंती इसकै बारै मैं ज्यादा जानकारी तो नहीं पर सुणी है विष्णु का अवतार मान्या जा है। विष्णु जी भी कमाल के हैं दुनिया नै मोक्ष की राही पकड़ण की कहे जां है अर आप ब्होड़ ब्होड़ कै धरती पै अवतरित होये जां हैं कदे राम अर कदे स्याम जितणे लेदे उतणे नाम।

 

कब शुरु हो रहा है अगहन मास

2016 मैं अगहन या कह ल्यो मंगसर मास की शुरुआत 15 नवंबर तै हो री है। 14 नवंबर कार्तिक पूर्णिमा का दिन था इसे दिन गुरु नानक जंयती मनाई गई अर पूरै देश मैं यू बाळकां का दिन तो मनाया जावै ए सै चाचा नेहरु की याद मैं। बस आज खातर इतणा ब्होत हो बाकि फेर कदे।

मार्गशीर्ष माह – महीना सै यू मंगसर का इसमैं कोए त्योहार नी ढंगसर का Reviewed by on . कात्तक जा लिया दिवाळी मना ली, कात्तक नहा भी लिये होंगे इब म्हीनां आग्या है मंगसर का इसका हिंदी मैं जो संस्कृतनिष्ठ नाम है वो तो बड़ा अजीब है मार्गशीर्ष, अगहन मा कात्तक जा लिया दिवाळी मना ली, कात्तक नहा भी लिये होंगे इब म्हीनां आग्या है मंगसर का इसका हिंदी मैं जो संस्कृतनिष्ठ नाम है वो तो बड़ा अजीब है मार्गशीर्ष, अगहन मा Rating: 0

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