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नगर निगम चुनाव दिल्ली दांव पर लगी प्रतिष्ठा

मोदी प्रचार में आएं या ना आए नाम चलेगा

April 4, 2017 12:16 am by: Category: खबर खास Leave a comment A+ / A-

पांच राज्यों के चुनाव हो चुके और नई सरकारें नये मुख्यमंत्री भी मिल गए। अब बारी दिल्ली के तीन नगर निगमों के चुनाव की है। इसलिए सारे वादे, सारे दावे दिल्ली में जीत को लेकर किए जा रहे हैं। दिल्ली के ठाठ ही ठाठ हैं। वैसे नगर निगम चुनाव इतने महत्वपूर्ण भी नहीं हैं, लेकिन भाजपा ने इसे जीतना प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। दो साल पहले आप के हाथों विधानसभा में हुए करारी हार को भाजपा भूली नहीं हैं। कांग्रेस का तो सूपड़ा ही साफ हो गया था और भाजपा को मिली थी सिर्फ तीन सीटें। इसलिए भाजपा नगर निगम चुनाव जीतने के लिए कोई कसर नहीं छोडऩा चाहती। वैसे भी तीनों नगर निगमों पर भजपा का कब्जा है, इसलिए जो खोना है, वह भाजपा को ही खोना है और पांच राज्यों में भी बड़ी जीत का सिलसिला दिल्ली में भी जारी रखना चाहती है।

                भाजपा ने दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए अपनी पूरी ताकत झोकने का फैसला किया है। इसी के चलते भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री विशेष रूप से निगम चुनाव में प्रचार करने आएंगे। कितने ही केंदीय मंत्रियों के नाम भी स्टार प्रचारकों में शामिल किए गए हैं। लगता है कि किसी महाभारत की तैयारी की जा रही है। मोदी प्रचार नहीं करेंगे पर मोदी का नाम चलेगा। दिल्ली के भाजपा अध्यक्ष व सांसद भोजपुरी गायक मनोज तिवारी ने चुनाव के लिए गाना गाया है, जो दिल्ली को मोदी के सपनों की दिल्ली बनाने का वादा कर रहा है। भई, मितरां दा नां चलदै। मोदी प्रचार में आएं या ना आए नाम चलेगा।

                भाजपा के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी नगर निगम चुनावों में अपनी परफार्मेंस साबित करनी है। स्टार अकेले अरविंद केजरीवाल है। वैसे उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, कपिल मिश्रा और कुमार विश्वास भी सहयोग दे सकते हैं। आप से अलग होकर स्वराज इंडिया बनाने वाले यौगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण भी नगर निगम चुनाव लडऩे को तैयार हैं। जाहिर सी बात है कि इसका खामियाजा आप के अरविंद केजरीवाल को ही भुगतना होगा। केजरीवाल को एक झटका और भी लगा है-विज्ञापनों का खर्च, जो इस पार्टी पर डाल दिया गया है।

                कांग्रेस भी नगर निगम चुनावों में कुछ अच्छे प्रदर्शन की आस लगाए हुए है। इसी के चलते पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंद्र सिंह का सम्मान करने के बहाने नगर निगम में भी आप को हराने, सबक सिखाने का आहवान किया गया। गुरू नवजोत सिंह सिद्धू को भी कांग्रेस स्टार प्रचारक के रूप में लाएगी। सुना है कि अखिलेश भी प्रचार करने आएंगे। नीतिश कुमार भी आ सकते हैं। दिल्ली नगर निगम का चुनाव भाजपा व आप के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है, जबकि कांग्रेस तो विधानसभा चुनाव में सबकुछ खो चुकी, इसलिए कांग्रेस व स्वराज इंडिया को जो मिलेगा। वह भाजपा और आप का ही वोट मिलेगा, जो खिसक जाए तो ही, नहीं तो मुख्य लड़ाई भाजपा-आप के बीच ही है। पर जिस तरह से भाजपा ने इतने स्टार  प्रचारक झोंकने की रणनीति बनाई है, वह थोड़ी हास्यपद है, क्योंकि इतने बड़े स्तर के चुनाव नहीं है, जितनी तैयारी की जा रही है। फिर भी सफलता में कहीं कमी रह गई तो यही कहेंगे कि खोदा पहाड़़ निकली चुहिया।

kamlesh-bhartiyaलेखक परिचय

कमलेश भारतीय हरियाणा ग्रंथ अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष रहे हैं। इससे पहले खटकड़ कलां में शहीद भगतसिंह की स्मृति में खोले सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ग्यारह साल तक हिंदी अध्यापन एवं कार्यकारी प्राचार्य।  फिर चंडीगढ से प्रकाशित दैनिक ट्रिब्यून समाचारपत्र में उपसंपादक,  इसके बाद हिसार में प्रिंसिपल रिपोर्टर । उसके बाद नवगठित हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष बने। कथा समय मासिक पत्रिका का संपादन। मूल रूप से पंजाब के नवांशहर दोआबा से, लेकिन फिलहाल रिहाइश हिसार में। हिंदी में स्वतंत्र लेखन । दस संकलन प्रकाशित एवं एक संवाददाता की डायरी को प्रधानमंत्री पुरस्कार।

नगर निगम चुनाव दिल्ली दांव पर लगी प्रतिष्ठा Reviewed by on . पांच राज्यों के चुनाव हो चुके और नई सरकारें नये मुख्यमंत्री भी मिल गए। अब बारी दिल्ली के तीन नगर निगमों के चुनाव की है। इसलिए सारे वादे, सारे दावे दिल्ली में जी पांच राज्यों के चुनाव हो चुके और नई सरकारें नये मुख्यमंत्री भी मिल गए। अब बारी दिल्ली के तीन नगर निगमों के चुनाव की है। इसलिए सारे वादे, सारे दावे दिल्ली में जी Rating: 0

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