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मोदी जी के नाम खुला खत

November 9, 2017 11:27 am by: Category: इतिहास खास Leave a comment A+ / A-

आपको इतिहास में अमर होने की जबरदस्त चाहत है। इसीलिए आपने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छता अभियान जैसे अभियान चलाए लेकिन दूसरी तरफ पूंजीपतियों के फायदे के लिए आपने अपनी लोकप्रियता को दांव पर रखकर भी नोटबन्दी और जीएसटी जैसे कदम उठाए जिसकी वजह से करोड़ों अरबों जनता और अर्थव्यवस्था को बड़ा नुक्सान उठाना पड़ा। लेकिन आपको नहीं भूलना चाहिए कि इस देश का मुखिया होने के नाते इतने सारे बच्चों की मौत का दाग आपके ही सिर आएगा। इन मासूम बच्चों की हत्या के लिए इतिहास आपको कभी माफ नहीं करेगा।

मोदी जी के नाम खुला खत

आदरणीय मोदी जी,
खबरों में आपको एक छोटे से बच्चे भूटान के नन्हे राजकुमार के साथ खेलते अठखेलियाँ करते देखा। दिल को बहुत सुकून मिला। लगा कि आपके अंदर भी एक इंसान बसता है जिसके अंदर एक दिल है जो बच्चों से इंसानों से प्यार करता है। उस खबर को देखकर लगा कि अभी भी आपमें संवेदनाएं हैं। मेरा मानना है कि हर एक इंसान में एक संवेदनशील दिल होता है हालांकि ये अलग बात है कि वो किसके लिए धड़कता है, किसके लिए पसीजता है। आपके सरकार की विदेशमंत्री भी उस बच्चे पर बेहद प्यार लुटाती नजर आईं। वहीं महामहिम राष्ट्रपति भी परिवार समेत बच्चे को प्यार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे थे। हर व्यक्ति की एक वर्गीय विचारधारा होती है और उसी वर्ग के हितों व स्वार्थों की पूर्ति के लिए वह व्यक्ति काम करता है। प्यार, दया भी वर्गीय ही होती है। शायद इसीलिए आप और आपके सहयोगियों का इतना प्यार भूटान के नन्हे राजकुमार पर बरस रहा है। इसी प्रकार जब आपके विशेष मित्र मुकेश अम्बानी के खा खाकर मुटियाये बेटे ने अपना वजन कम किया था तब भी आप उससे स्पेशल मिले थे जैसे कि वह टैक्स चोरी करके मालामाल होने वाले एक पूंजीपति का बेटा न होकर राष्ट्रीय पुत्र हो। ऐसे ही जब अमित शाह के पुत्र जय शाह का नाम अवैध रूप से 16000 गुणा सम्पत्ति में वृद्धि के आरोप लगाए गए तब भी आपकी सरकार उसके बचाव में उतर आई थी, जैसे वे आरोप उस पर न होकर आपकी ही सरकार पर हों। इसी तरह अब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बेटे पर भी आपकी सरकार द्वारा अनुचित लाभ के तथ्य सामने आ रहे हैं। द वायर की एक रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बेटे शौर्य डोभाल द्वारा संचालित इंडिया फाउंडेशन में नरेंद्र मोदी सरकार के चार मंत्री निदेशक हैं. यह संस्थान कई ऐसे विदेशी और भारतीय कॉरपोरेट्स से चंदा लेता है, जो सरकार के साथ सौदे भी करते है। यह बहुत ही अच्छी बात है कि आपके साथियों में प्यार मोहब्बत अभी बाकी है। बस मेरी एक तमन्ना है कि आपका ये प्यार, ये लाड़ ये दुलार देश के करोड़ों गरीब बच्चों के लिए भी झलके। आपकी पार्टी के हिंदुत्व के सबसे बड़े फायरब्रांड योगी जी के राज में एक ही महीने में सैंकड़ों बच्चे ऑक्सिजन के अभाव में दम तोड़ गए जिन्हें बचाया जा सकता था। जिन्हें अभी फूल बनना था वो फूल खिलने से पहले ही बेरहम व्यवस्था द्वारा कुचल दिए गए। लेकिन योगी सरकार के सिपेहलसार दुःख जताने कि बजाए मृतक बच्चों के परिवार के जख्मो को कुरेदते रहे। लेकिन वो परिवार अपने बच्चों की लाशें लिए आपकी तरफ से सांत्वना के 2 शब्द सुनने के लिए तरसते रहे।
आपकी पार्टी द्वारा प्रशासित एक अन्य राज्य झारखंड में भी एक 11 वर्षीय बालिका संतोष कुमारी भूख से दम तोड़ गई क्योंकि राशन कार्ड में उसका नाम आधार से लिंक नहीं था और इस बेरहम व्यवस्था के पहरेदारों ने इंसानियत को ताक पर रख सिर्फ इसीलिए उसे राशन देने से मना कर दिया और संतोष की माँ के पास भूख से तड़पती अपनी बच्ची को देखने के अलावा कोई चारा नहीं था। आपके आधार की ही सनक के कारण दूर दराज के इलाकों के व शहरों में पलायन के शिकार लाखों बच्चे आधार नम्बर के अभाव में स्कूलों से बाहर हैं, शिक्षा और मिड डे मील से वंचित हैं। आप जो विदेश में भी किसी बच्चे की मौत पर तुरन्त सोशल मीडिया पर ट्वीट कर दुख जताते हो, इस्राएल यात्रा के दौरान भी आप 9/11 हादसे में बचे एक बच्चे से आप विशेष तौर पर मिले थे। अपने देश में इन लाखों मासूमों की इस हालत पर कोई दुख या संवेदना तक व्यक्त करते तो कितना अच्छा होता। आआपके गृह राज्य गुजरात में 17 साल से भी ज्यादा राज करने के बावजूद 1.47 लाख बच्चे भयंकर कुपोषण का शिकार हैं। हरियाणा में 3 साल के भाजपा राज के दौरान 700 से भी ज्यादा सरकारी स्कूल बंद किया जा चुका है जहाँ समाज के कमजोर तबके के बच्चे पढ़ते थे। मतलब कि आपकी सरकारें गरीब बच्चों को शिक्षा के बुनियादी अधिकार से वंचित कर चुकी है।
विपक्षी पता नहीं आपको यूँ ही तानाशाह और फासिस्ट कहते हैं। उनका आरोप है कि इसी कट्टर हिंदुत्व छवि के दम पर ही आप पिछले 15 साल से भी ज्यादा समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज रहे और इसी कारण आज आप प्रधानमंत्री बन पाए हो। जब भी आपकी कुर्सी पर कोई खतरा मंडराता है या किसी राज्य के चुनाव में आपकी पार्टी की हालत डांवाडोल होती है इसी साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण की डुगडुगी आपकी पार्टी द्वारा बजाई जाती है ताकि जनता रोजी रोटी का सवाल भूलकर हिन्दू मुस्लिम झगड़ों में उलझकर आपको वोट दे। 2002 के गुजरात कत्लेआम में हजारों मुस्लिमों के नरसंहार को भला कौन भूल सकता है। उस समय भी आपके उत्साही समर्थकों ने एक गर्भवती औरत के गर्भ से उसके अजन्मे भ्रूण को निकालकर त्रिशूल की नोंक पर टांगकर जय श्री राम का उदघोष लगाकर उसे आग में फेंककर पिशाची अट्टाहस लगाया था और आप पर आरोप हैं कि आप उनको निर्देश दे रहे थे और उनका बचाव कर रहे थे इसलिए उस समय आपकी ही पार्टी के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने आपको राजधर्म के पालन की भी सलाह दी थी जिसे आपने अपने घमंड में अनसुना कर दिया था। मतलब कि आप पूंजीपतियों, राजघरानो, नेताओं के बच्चों से ही प्यार करते हो, देश की कीमत पर उनको सामाजिक, राजनीतिक आर्थिक फायदा पहुंचाते हो। लेकिन उनको ये फायदा देश के करोड़ो बच्चों के मुंह से निवाला छीन कर, उनसे उनका स्कूल छीन कर, उनको कम उम्र में खदान, कारखानों, फैक्ट्रियों, ईंट भट्ठों, चाय की दुकानों, होटलों में धकेल कर पहुंचा रहे हो। राजाओं, पूंजीपतियों, नेताओं के बच्चों से आपके इस प्रेम के कारण देश के हजारों लाखों बच्चे अपने जल जंगल जमीन से उजड़कर बेघर होकर दयनीय स्थितियों के शिकार हो रहे हैं। “आप कितना ही बच्चों से प्यार करने का ढोंग करो, लेकिन आप जिस कुर्सी पर बैठे हो इस पर पहुंचने के लिए जो आपने सीढ़ी बनाई है उसमें अनगिनत बच्चों की लाशें लगी हुई है। ये लाशें आपकी नफरत की राजनीति के कारण बनाई गई है “
अगर आप वाकई बच्चों से इतना प्यार करते हैं, उनके प्रति इतने नरम दिल हैं, इसलिए आपसे ये गुजारिश है कि अपने नुमाइंदों को भी कुछ नसीहत दें कि बच्चों से कैसे पेश आया जाए। लेकिन शायद नहीं हम आपके प्रति कुछ ज्यादा ही आशावान हैं।
आपको इतिहास में अमर होने की जबरदस्त चाहत है। इसीलिए आपने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छता अभियान जैसे अभियान चलाए लेकिन दूसरी तरफ पूंजीपतियों के फायदे के लिए आपने अपनी लोकप्रियता को दांव पर रखकर भी नोटबन्दी और जीएसटी जैसे कदम उठाए जिसकी वजह से करोड़ों अरबों जनता और अर्थव्यवस्था को बड़ा नुक्सान उठाना पड़ा। लेकिन आपको नहीं भूलना चाहिए कि इस देश का मुखिया होने के नाते इतने सारे बच्चों की मौत का दाग आपके ही सिर आएगा। इन मासूम बच्चों की हत्या के लिए इतिहास आपको कभी माफ नहीं करेगा। चाहे हिटलर हो, मुसोलिनी या चंगेज खान सबको गुमनाम मौत मरना पड़ा और आज तक इतिहास में वो नफरत से ही याद किये जाते हैं। इसलिए एक मुफ्त की सलाह है कि नफरत और घृणा की राजनीति की जगह प्रेम और सौहार्द की राजनीति कीजिये। अम्बानी, अडानी, माल्या जैसे धनपशुओं को फायदा करने की जगह जनपक्षीय राजनीति करिये ताकि इस देश की अरबों जनता को फायदा हो और उन्हें बुनियादी सुविधाएं हासिल हों और देश की असली जनता का विकास हो, तभी इस देश के अरबों लोग आपको हमेशा अपने दिलों में याद रखेंगे।आपको एक मौका मिला है इस देश के लिए काम करने का। इन हजारों, लाखों बच्चों की आंखों से आंसू पोंछिए, इन्हें जीने का हक दीजिये, इनके सपनों को उड़ान दीजिये; देखिये आपको कितनी खुशी मिलेगी।
इन्हीं उम्मीदों के साथ एक आम नागरिक।

लेखक परिचय
संजय कुमार स्वतंत्र लेखक हैं एवं सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता हैं। लेंगिक समानता पर काम करते है। दलित एवं पीड़ितों के हक की आवाज़ के लिये अपने संगठन के माध्यम से उठाते रहते हैं।

 

  • नोट:- प्रस्तुत लेख में दिये गये विचार या जानकारियों की पुष्टि हरियाणा खास नहीं करता है। यह लेखक के अपने विचार हैं जिन्हें यहां ज्यों का त्यों प्रस्तुत किया गया है। लेख के किसी भी अंश के लिये हरियाणा खास उत्तरदायी नहीं है।
मोदी जी के नाम खुला खत Reviewed by on . आपको इतिहास में अमर होने की जबरदस्त चाहत है। इसीलिए आपने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छता अभियान जैसे अभियान चलाए लेकिन दूसरी तरफ पूंजीपतियों के फायदे के लिए आपने आपको इतिहास में अमर होने की जबरदस्त चाहत है। इसीलिए आपने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छता अभियान जैसे अभियान चलाए लेकिन दूसरी तरफ पूंजीपतियों के फायदे के लिए आपने Rating: 0

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