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नोटबंदी पर अपने होने लगे पराए…

December 22, 2016 9:50 am by: Category: खबर खास 1 Comment A+ / A-

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नोटबंदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 50 दिन मांगे थे, जिनमें से 40 दिन बीत चुके हैं। नोटबंदी के फैसले पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने महागठबंधन की सरकार और लालू प्रसाद यादव की नाराजगी की परवाह किए बगैर प्रधानमंत्री की तारीफ की और इस तरह कालेधन के खिलाफ छेड़ी गई लड़ाई का समर्थन किया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी पहले समर्थन किया था और उन्हें केंद्र सरकार द्वारा गठित नोटबंदी की केंद्रीय समिति की कमान सौंप दी गई। लोकसभा और राज्यसभा के शीतकालीन सत्र नोटबंदी की चर्चा किए बिना ही हंगामे की भेंट चढ़ गए, तब भी चंद्रबाबू नायडू ने कोई नाराजगी जाहिर नहीं की। अब अचानक ही चंद्रबाबू नायडू ने न केवल अपनी नाराजगी जाहिर की है बल्कि कड़ी बातें भी कही हैं। उन्होंने कहा कि 40 दिन बीत जाने के बाद भी नोटबंदी पर कोई हल ढूंढने में नाकाम हैं। नायडू ने एक वर्कशॉप में कहा कि वह हर रोज दो घंटे अपना फोड़ता हूं, जिससे कि नोटबंदी से हो रही परेशानियों को कम किया जा सके। इसके बावजूद नाकामी ही हाथ लगती है। नोटबंदी को लेकर गठित की गई 13 सदस्यीय समिति के अध्यक्ष ही नाराज हो गए हैं। विपक्ष तो नाराज है ही। शिवसेना के उद्धव ठाकरे भी नोटबंदी से नाराज चल रहे थे।

प्रधानमंत्री मोदी यूपी की परिवर्तन रैलियों में कह रहे हैं कि भ्रष्टाचार बंद करने के लिए नोटबंदी की तो विपक्ष भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए लोकसभा ही बंद करने लगा। उनका कहना है कि वह रोज दिमाग खपा रहा हूं कि कैसे जनधन खाते में जमा हुआ पैसा आपका ही हो जाए। इस तरह जन लुभावन बातें और भ्रष्टाचार, आतंकवाद व नक्सलवाद के खिलाफ नोटबंदी को प्रधानमंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक करार दिया। वे नहीं जानते थे कि कालेधन वाले लोग सीधे बैंक अधिकारियों से ही गठजोड़ कर लेंगे। यही हुआ भी। आम आदमी बैंकों के बाहर कतारों में लगा देशभक्ति का सबूत देता रहा जबकि कालेधन के खिलाड़ी नए नोटों को नए-नए पैंतरों से फिर से सफेद धन बनाने में जुटे रहे। कई पकड़े भी गए हैं और आम आदमी इस बात को लेकर परेशान है कि आखिर इतनी बड़ी रकम कैसे बड़े लोगों के हाथ में पहुंच गई? कुछ बैंक अधिकारी काबू भी किए गए लेकिन इससे आम आदमी को कोई राहत नहीं मिली।

कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपनी रैलियों में प्रधानमंत्री मोदी पर वार-प्रहार करने से नहीं चूकते। वे कहते हैं कि आरबीआई प्रधानमंत्री मोदी के कपड़ों की तरह अपने नियम बदल रहा है जिससे जनता की परेशानियां बढ़ती जा रही है। कभी वे मोदी सरकार को सूट-बूट और सूटकेस की सरकार कहते हैं। कभी वे कहते हैं कि मोदी अपने उद्योगपति मित्रों की मदद कर रहे हंै जबकि किसान व मजदूर वर्ग को संकट में डाल

रहे हैं।

राहुल के अनुसार केंद्र सरकार ने नोटबंदी पर 125 बार नियम बदले। राहुल के इस तरह के बयान को प्रधानमंत्री पर निजी हमला करार देते हुए भाजपा यह चेतावनी दे रही है कि यदि ऐसे ही निजी हमले जारी रहे तो राहुल की भी परेशानी बढ़ सकती है।

इस बीच चंडीगढ़ में स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा को भी बड़ी जीत को नोटबंदी पर मोहर बताया जा रहा है। चंडीगढ़ से भाजपा सांसद व अभिनेत्री किरण खेर इस जीत पर समर्थकों के साथ झूमती नजर आ रही हैं। पर क्या यूपी व पंजाब के चुनावों तक भी नोटबंदी अपना असर दिखाएगी? क्योंकि तब तक 50 दिन बीत चुके होंगे और लोगों के सामने नोटबंदी का सच भी आ जाएगा। नायडू की नाराजगी पर यही कह सकते हैं:-

मर्ज बढ़ता गया, ज्यों-ज्यों दवा की

kamlesh-bhartiya

लेखक परिचय

लेखक कमलेश भारतीय हरियाणा ग्रंथ अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष रहे हैं। इससे पहले खटकड़ कलां में शहीद भगतसिंह की स्मृति में खोले सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ग्यारह साल तक हिंदी अध्यापन एवं कार्यकारी प्राचार्य।  फिर चंडीगढ से प्रकाशित दैनिक ट्रिब्यून समाचारपत्र में उपसंपादक,  इसके बाद हिसार में प्रिंसिपल रिपोर्टर । उसके बाद नवगठित हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष बने। कथा समय मासिक पत्रिका का संपादन। मूल रूप से पंजाब के नवांशहर दोआबा से, लेकिन फिलहाल रिहाइश हिसार में। हिंदी में स्वतंत्र लेखन । दस संकलन प्रकाशित एवं एक संवाददाता की डायरी को प्रधानमंत्री पुरस्कार।

 

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Comments (1)

  • kamlesh bhartiya

    kab apne praye ho jayen aur kab praye apne ban jayen? yehi to rajneeti hai. shukriya.

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