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नोटबंदी – देशभक्ति की परीक्षा के साथ बेगपुर की मजदूर महिलाएं झेल रही हैं उत्पीड़न

ऋणदाता कंपनी के कर्मचारी सोहनलाल पर घर में घुसकर धमकाने व बदतमीज़ी करने के आरोप

November 29, 2016 10:20 am by: Category: खबर खास Leave a comment A+ / A-

pidit-mahliyein

पूंडरी (कृष्ण प्रजापति): नोटबंदी को लेकर आये दिन नई घोषणाएं हो रही हैं लेकिन लोगों की तकलीफ हैं कि कम होने का नाम नहीं ले रही। ज्यादा दिक्कत उन ग्रामीण इलाकों में हो रही है जहां पर बैंक नहीं हैं और उन्हें नजदीक के गांव, कस्बे या शहर तक जाना पड़ता है। तकलीफ सिर्फ इतनी हो तो भी लोग झेल लें लेकिन इतनी दूर से आकर और घंटों लाइन में लगने के बाद खाली लौटना पड़े तो इस तकलीफ का अंदाजा वही लगा सकता है जो खाली हाथ लौटता है और घर के सौ तरह के खर्च को चलाने की चिंता होती है। बात सिर्फ इतनी भी नहीं है लोगों के सब्र का बांध तब टूटता है जब ऐसे में कोई उन्हें और भी प्रताड़ित करने की ठान ले, या इस संकट की घड़ी में उनका शोषण करने लगे।

मामला पूंडरी के गांव बेगपुर का है। यहां 20-20 महिलाओं के कुछ स्वंय सहायता समूह हैं। इन्होंने एक निजी कंपनी से ऋण ले रखा है। समय पर अपनी किस्त की अदायगी भी करती हैं लेकिन नोटबंदी की घोषणा के बाद से इन्हें किश्त देने में दिक्कत आ रही है। गांव में बैंक है नहीं, दूसरे गांव में जाकर लाइन में घंटो खड़े रहने के बाद भी इनका नंबर नहीं आता। महिलाओं का आरोप है कि ऋणदाता कंपनी का एक सदस्य इन पर नये नोट के जरिये किश्त भुगतान का दबाव बना रहा है और हमारे घरों में आकर हमारे साथ बदतमीजी करता है। परेशान होकर महिलाओं ने मीडिया के सामने तो अपना दुखड़ा रोया ही है साथ ही उक्त व्यक्ति को चेतावनी भी दी है कि अगर वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो वे जिला उपायुक्त के सामने पेश होंगी। उन्हें कम से कम एक महीने की मोहलत और चाहिये।

बेगपुर के कई मजदूर परिवार इससे पीड़ित हैं। इनका आरोप है कि जब से पीएम मोदी ने देशभर में 1000 और 500 के पुराने नोटों पर रोक लगाई है तब से  एक लोन कम्पनी का कर्मचारी इन परिवारों की महिलाओं को घर में घुस कर धमकाता है। वह कई बार नए नोट देकर किश्त भरने के लिए घर पर आया और अभद्र व्यवहार किया है।

बेगपुर गांव की काफी संख्या में एकत्रित हुई महिलाओं ने जानकारी देते हुए बताया कि पिहोवा से एक सोहन लाल नामक व्यक्ति आता था जो अपने आपको ऐंबिशन कम्पनी से और अम्बानी ग्रुप का सदस्य बताता था। उसने हमको 20- 20 महिलाओं का एक ग्रुप बनाकर करीब 20 हजार रुपए प्रति महिला को लोन के रूप में राशि दी। उसके बाद से हम रूटीन में अपनी लोन किश्त भर रहे थे। लेकिन जब से नोट बंदी हुई है तब से उक्त कर्मचारी लोन किश्त रिकवरी के नाम पर हमारे साथ बड़ी बदतमीजी से बात करता है और घर पर आकर गन्दी गन्दी हरकत और गाली गलोच भी करता है। हम गरीब और मजदूर परिवार से हैं, हमने उस कर्मचारी से मांग की है कि उन्हें या तो नोट बदलवाने के लिए एक महीने का समय दे अथवा पुराने नोट स्वीकार करे। महिलाओं ने बताया कि उनके गांव में किसी भी बैंक की कोई शाखा नही है जिसके कारण उन्हें आसपास के गांव क्योड़क, गुमथला, बरोट-बन्दराणा  आदि गांव में जाना पड़ता है लेकिन घण्टो लाइन में लगने के बाद भी उन्हें खुले और नए नोट नहीं मिल पाते। जिसके कारण यह समस्या आई हुई है। उन्होंने उक्त कर्मचारी सोहन लाल की शिकायत डीसी कैथल और प्रसाशन को करने की बात भी मीडिया के समक्ष कही है।

एक और जहां पूरा देश अपनी देशभक्ति की परीक्षा दे रहा है ऐसे में वहीं महिलाओं की मजबूरी को दरकिनार कर उन्हें अवसर के रूप में तलाशने वाले ऐसे लोग प्रधानमंत्री मोदी के मनसूबों पर पानी फेर रहे हैं। प्रशासन को इस मामले में जल्द से जल्द संज्ञान लेना चाहिये और कथित आरोपी पर कार्रवाई करनी चाहिये।

नोटबंदी – देशभक्ति की परीक्षा के साथ बेगपुर की मजदूर महिलाएं झेल रही हैं उत्पीड़न Reviewed by on . पूंडरी (कृष्ण प्रजापति): नोटबंदी को लेकर आये दिन नई घोषणाएं हो रही हैं लेकिन लोगों की तकलीफ हैं कि कम होने का नाम नहीं ले रही। ज्यादा दिक्कत उन ग्रामीण इलाकों म पूंडरी (कृष्ण प्रजापति): नोटबंदी को लेकर आये दिन नई घोषणाएं हो रही हैं लेकिन लोगों की तकलीफ हैं कि कम होने का नाम नहीं ले रही। ज्यादा दिक्कत उन ग्रामीण इलाकों म Rating: 0

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