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शादी तो हुई कर्नाटक में, बाकी खड़े रहे कतारों में

November 21, 2016 9:31 am by: Category: खबर खास 2 Comments A+ / A-

notebandi me marriege

नोटबंदी के बाद से शुभ मुहूर्त निकालने के बावजूद तय की गई शादियों की भावी दुल्हनें टीवी चैनलों पर उदास दिखाई दीं कि यह कैसी शादी होने जा रही है, जिसमें बेगाने तो बेगाने अपने भी अब्दुल्ला दीवाने नहीं हो रहे। सब तरफ मायूसी, सब तरफ बेबसी, खामोशी। अरे, ब्याह के घर में न बैंड-बाजा न ढोलक पर थाप, ये क्या हुआ जनाब? एक पिता ने तो इस तरह के बेबसी के आलम में दम ही तोड़ दिया। न कोई हलवाई माना, न कैटरर, न लाइट वाला, कोई भी मदद को आगे नहीं आया, तो क्या करता बेचारा?

इतना कुछ हो जाने के बाद सरकार तक खबर पहुंची, तब कहीं जाकर शादी का कार्ड दिखाकर दूल्हा-दुल्हन दोनों के दोनों अढ़ाई-अढ़ाई लाख रुपए निकलवा सकेंगे। ये ऐलान कल ही हुआ। इससे पहले हुई शादियां कैसे हुई या टूट गई, इस पर कोई चिंता नहीं। इसलिए कर्नाटक के पूर्व मंत्री व भाजपा नेता जी रेड्डी की बेटी की ऐसे माहौल में हुई शाही शादी खूब चर्चा में है, जिस पर 500 करोड़ रुपए पानी की तरह बहाए जाने की खबर है। भई, तभी तो कह रहे हैं कि शादी तो हुई कर्नाटक के बैगलूर में, बाकी तो सभी शादियों वाले परिवार खड़े रह गए बैंकों की कतारों में।  अरे बैंक की कतार में लगकर भी कोई शादी की दुल्हन खुश होती है, लल्लू? शादी तो हुई जी रेड्डी की बेटी की, जिसका लहंगा ही सत्रह करोड़ रुपए का था और निमंत्रण पत्र नहीं डिजीटल इनविटेशन कार्ड पहुंचे, भाई। भाजपा ने अपने नेताओं को इस शादी से दूरी बनाए रखने यानी इसमें शामिल न होने का निर्देश जारी किया था। इसके बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा नेता येदियुरप्पा कन्या को आशीर्वाद देने पहुंच ही गए।

पांच सौ करोड़ रुपए की शादी पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कहा कि भाजपा नेता जेटली व जी रेड्डी की बेटियों की शादी तो करोड़ों में और गरीब की बेटी की शादी 24 हजार रुपए में? यह कैसा मजाक है? करोड़ों रुपए कब और कैसे बदल दिए गए? एक और मजेदार बात है कि वोट डालने की तरह नोट बदलवाने पर भी उंगली पर स्याही लगाने से भी बैंकों के आगे लगी लंबी-लंबी कतारें नहीं टूटीं। हां, अरविंद केजरीवाल व ममता बनर्जी ने तीन दिन का अल्टीमेटम जरूर दिया है कि नोटबंदी का फैसला वापिस न लिया तो आंदोलन करेंगे। वित्तमंत्री अरूण जेटली ने पलट कर जवाब भी दे दिया कि नोटबंदी का फैसला वापिस नहीं होगा। सरकार इस पर अडिग है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मुख्यालय के सामने जाने पर ममता बनर्जी व केजरीवाल के सामने ‘मोदी-मोदी’ के नारे जरूर लगे। इस पर केजरीवाल ने इन्हें भाजपा कार्यकर्ता बताया। शाम को राहुल गांधी भी रेहड़ी व फड़ीवालों का लाइन में लगने का दर्द जानने गए तो उन्हें भी मोदी-मोदी की आवाजें सुनाई दीं।

इस नोटबंदी में नोट बदलने वाले दिल्ली के एक बैंक मैनेजर ने रोते हुए व्यथा सुनाई कि कैंसर पीडि़त हूं, फिर भी सेवा कर रहा हूं पर कतारों में लगे लोग बुरा-भला कह रहे हैं। रोहतक में एक बैंक मैनेजर तो तीन दिन तक घर भी नहीं जा पाया और व्यथा सुनाने से पहले ही भगवान के पास पहुंच गया। संसद में विपक्षी दल मांग कर रहे हैं कि मोदी आकर जवाब दें नोटबंदी पर और जेटली कह रहे हैं कि हर बात का जवाब प्रधानमंत्री ही दें, यह जरूरी नहीं। शिवसेना भी ममता-केजरीवाल के साथ खड़ी हो गई है, राजनाथ मनाने में लगे हैं। पचास दिन का समय एक-एक दिन करके फिसलता जा रहा है और सरकार नित नए फरमान जारी कर रही है। मोदी की माता 4500 रुपए तो राहुल गांधी 4000 रुपए बदलवा गए। आम आदमी को मात्र 2000 हजार रुपए बदलवाने का, वो भी स्याही लगाकर, नया ऐलान जारी हो गया। ये भी चीटिंग है क्या?

दुष्यंत कुमार के शब्दों में:-

आपके कालीन देखेंगे फिर किसी दिन,

इस समय तो पांव कीचड़ में फंसे हैं

इसकी तर्ज पर कह सकते हैं:-

आपकी शादी में आएंगे फिर किसी दिन,

इस समय तो पांव बैंक की कतार में फंसे हैं

शादी तो हुई कर्नाटक में, बाकी खड़े रहे कतारों में Reviewed by on . नोटबंदी के बाद से शुभ मुहूर्त निकालने के बावजूद तय की गई शादियों की भावी दुल्हनें टीवी चैनलों पर उदास दिखाई दीं कि यह कैसी शादी होने जा रही है, जिसमें बेगाने तो नोटबंदी के बाद से शुभ मुहूर्त निकालने के बावजूद तय की गई शादियों की भावी दुल्हनें टीवी चैनलों पर उदास दिखाई दीं कि यह कैसी शादी होने जा रही है, जिसमें बेगाने तो Rating: 0

Comments (2)

  • kamlesh bhartiya

    dhanywad jagdeep. is shadi ki jankari logon tak pahunchane ke liye.

  • Ashok Garg

    Good information, jagdeep

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