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ओमपुरी – नहीं रहा आम आदमी का खास हीरो

18 अक्तूबर 1950 को हरियाणा के अंबाला में जन्मे थे ओमपुरी

January 6, 2017 11:32 am by: Category: शख्सियत खास Leave a comment A+ / A-

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वे कुछ ही दिन पहले किसी कार्यक्रम में कह रहे थे कि अमिताभ बच्चन अगर काम से छुट्टी ले लें तो सबसे ज्यादा फायदा मुझे होगा। जी हां ये हसरत रखने वाले ओमपुरी इस हसरत को अपने में समेट कर दुनिया से विदा ले गये हैं। खबर है कि शुक्रवार की सुबह उन्हें दिल का दौरा पड़ा। हरियाणा की मिट्टी में पले बढ़े इस लाल के चले जाने से एक दमदार अभिनेता फिल्म जगत ने खो दिया है। पर्दे पर आम आदमी को खास बनाकर पेश करने वाला हीरो अब हमारे बीच नहीं रहा….

भारतीय सिनेमा में अभिनेता, चरित्र अभिनेता और खलनायक के रुप में विख्यात कलाकार ओमपुरी। ओमपुरी 18 अक्तूबर 1950 को हरियाणा के अंबाला में पैदा हुए। हिंदी सिनेमा में उनके दमदार अभिनय और दमदार खनकती खास आवाज़ के लिए सब जानते हैं लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि हरियाणावी पृष्ठभूमि पर बनीं कुछ फिल्मों में भी ओमपुरी ने अभिनय किया है। 1985 में बनीं सांझी फिल्म में हरियाणवी लोक धुन बहर ए तबील पर गाए गीत ‘’मनैं महजिद मैं जाकै, या मांगी दुआ, मैं जिसे चाहता हूं वो मुझको मिले, जो मेरा फर्ज था, मनै पूरा करया, इब खुदा भूल ज्यावै तो मैं के करुं’’ को आज भी हरियाणावासी गुनगुना बैठते हैं।

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2011 में रिलिज होकर विवादों में रही खाप फिल्म में भी ओमपुरी ने खाप पंचायत के प्रतिनिधि की भूमिका को बखूबी निभाया। ओमपुरी का बचपन संघर्षों और अभावों से भरा रहा है। एक समय था जब वे रेलवे ड्राइवर बनने का सपना देखते थे। लेकिन एक बार मंच पर चढ़े और दर्शकों की तालियां सुनने को मिली तो फिर ये रंगमंच के ही होकर रह गए। जीवन यापन के लिए तो ढाबे में नौकर से लेकर वकील के यहां मुंशीगिरी तक करनी पड़ी, कॉलेज में लैब सहायक भी रहे लेकिन अभिनय की आग मन में सुलगती रही जिसे शांत करने के लिए राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से एफटीआई पूणे होते हुए मुंबई में कदम रखे। समानांतर सिनेमा में मुख्य भूमिका तो लोकप्रिय सिनेमा में खलनायक के रुप में पहचान बनाई, छोटे पर्दे के माध्यम से लोगों को हंसाया तो अभिनय के दम पर ही हॉलीवुड की फिल्में भी की। लेकिन अभिनय की ये ज्वाला राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय व पदम श्री जैसे पुरुस्कार मिलने के बाद भी शांत नहीं हुई। वे अतं तक चरित्र अभिनेता के रुप में अपनी छाप छोड़ते रहे।

हरियाणा की माटी के इस लाल को हरियाणा खास नमन करता है।

ओमपुरी – नहीं रहा आम आदमी का खास हीरो Reviewed by on . वे कुछ ही दिन पहले किसी कार्यक्रम में कह रहे थे कि अमिताभ बच्चन अगर काम से छुट्टी ले लें तो सबसे ज्यादा फायदा मुझे होगा। जी हां ये हसरत रखने वाले ओमपुरी इस हसरत वे कुछ ही दिन पहले किसी कार्यक्रम में कह रहे थे कि अमिताभ बच्चन अगर काम से छुट्टी ले लें तो सबसे ज्यादा फायदा मुझे होगा। जी हां ये हसरत रखने वाले ओमपुरी इस हसरत Rating: 0

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