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रियो पैरालिंपिक में भारत ने जीता स्वर्ण और कांस्य

September 10, 2016 3:11 pm by: Category: खबर खास Leave a comment A+ / A-

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खेल चाहे छोटा हो या खेल बड़ा हो, खेल को हम अक्सर खेल की भावना से खेलते हैं। हाल ही में हुए ओलिंपिक में भी जितनी उम्मीद भारत के एक-एक खिलाड़ी से थी ठीक उतनी अपेक्षाएं पैरालिंपिक में भी है। खुशी भरा समाचार ये है कि पैरालिंपिक में भारत ने गोल्ड पर कब्जा किय़ा है। आपको बता दें कि ऊंची कूद के टी-42 वर्ग में मरियप्पन थांगावेलू ने गोल्ड पर कब्जा जमाते हुए ये इतिहास अपने और भारत के नाम किया है। वहीं वरुण भाटी ने इसी स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर करोड़ों भारतीयों का दिल जीता है। विदित हो कि पैरालिंपिक खेलों के इतिहास में यह भारत का तीसरा स्वर्ण पदक है।

मंत्रालय देगा इनाम की राशि

आपको बता दें कि जब कोई खिलाड़ी विजयी होता है, तो उसके साथ-साथ उसका देश भी जीत हासिल करता है। क्योंकि जीत किसी भी देश के लिए फक्र की बात होती है। खेल मंत्रालय के नियमों के मुताबिक इस जीत के उपरांत मरियप्पन को 75 लाख और भाटी को 30 लाख रुपए इनामी राशि प्रदान की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश का गौरव बढ़ाने वाले मरियप्पन और भाटी को बधाई दी है।

खेल गतिविधियों पर नजर

आपको बता दें कि 20 वर्षीय मरियप्पन ने 1.89 मीटर की ऊंचाई पार करते हुए स्वर्ण पर कब्जा किया जबकि भाटी ने 1.86 मीटर की ऊंचाई पार कर तीसरा स्थान ही हासिल कर पाए। वहीं अमेरिकी सेम ग्रीव ने इल मुकाबले में रजत पदक जीता तो उधर भारत के ही संदीप भाला फेंक में कांस्य जीतने से चूक गए और वह चौथे स्थान पर रहे।

चूक गए ये खिलाड़ी

इससे पूर्व भी भारत पावरलिफ्टर में फरमान बाशा रियो पैरालिंपिक में कांस्य पदक से चूक गए थे जिसके बाद उन्हें पुरुषों के 49 किग्रा वर्ग में चौथे स्थान पर संतोष करना पड़ा। वहीं 42 वर्षीय पाशा ने भी भारतीयों को पदक की उम्मीद जगाई थी जब उन्होंने पहले प्रयास में 140 किग्रा वजन उठाया मगर आगे की जंग वो नहीं जीत पाए। विदित हो कि भारत के 19 खिलाड़ी इन खेलों में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

 

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