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कासनी ने बनाया तबादलों का कीर्तिमन

September 27, 2016 2:01 pm by: Category: खबर खास 1 Comment A+ / A-

pradeep-kashni

हरियाणा के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी प्रदीप कासनी ने तबादलों का ऐसा कीर्तिमान बना दिया है, जिसे शायद ही कोई अधिकारी तोड़ पाए । कासनी की 32 साल की नौकरी में यह 67 वां तबादला है । इससे भी मजेदार बात यह है कि महज 48 घंटे के भीतर उनका नवीनतम तबादला किया गया ।

अभी प्रदीप कासनी इस कीर्तिमान को और बढ़ा सकते हैं । जैसे क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के बारे में कहते रहे हैं कि रनों का जो पहाड़ उन्होंने खड़ा किया हैं,  उसे कोई मुश्किल से ही पार कर पायेगा । इसी प्रकार प्रदीप कासनी ने जो तबादलों का कीर्तिमान स्थापित किया है,  उसे भी तोड़ना हर किसी के बस की बात नहीं होगी । क्रिकेट खिलाड़ी के बारे में कहा जाता है कि अभी रनों की भूख बाकी है । इसी तरह प्रदीप कासनी के बारे में भी कहा जा सकता है कि कासनी के अंदर तबादलों की आग अभी बाकी है । किसी ने ध्यान नहीं दिया पर प्रदीप कासनी ने बार-बार के तबादलों को लेकर सीधे सरकार को कुछ न कहकर, सांकेतिक रूप में अपनी फेसबुक पर एक शेर डालकर अपनी बात कही है, जिसे आपके लिए पेश कर रहा हूं। वे लिखते हैं कि…

कुछ जुल्मो सितम सहने की आदत भी है हमको

कुछ ये कि दरबार में अपनी सुनवाई भी कम हे ।

प्रदीप कासनी ने यह शेर 24 सितम्बर को ही फेसबुक पर डाला है । लेकिन इतने तबादलों के बाद यह शेर सब कुछ बिना कुछ कहे बयां कर रहा है । सचमुच इतने तबादलों के बाद जुल्मों सितम सहने की आदत हो ही जाती है । फिर तो बोरिया-बिस्तर ले जाने की बजाय अधिकारी एक सूटकेस लेकर ही चल देता होगा । यह सोचकर कि जल्दी ही तबादला हो जाना है, फिर बोरिया-बिस्तर का क्या काम ?  इसीलिए सरकारी कोठी भी न लेकर विश्रामगृह में ही दिन बिता कर तबादले की नयी जगत पहुंच जाते हैं ।

हरियाणा में प्रदीप कासनी के बाद तबादलों में अगर किसी अधिकारी का नाम आता है तो वे हैं अशोक खेमका । वे भी कभी अपना विरोध दर्ज कराने के लिए गाँधीगिरी का सहारा लेते हुए सरकारी कार न मिलने पर साइकिल पर ही हरियाणा सचिवालय पहुंचते हैं। जहां तक मेरी जानकारी है, अशोक खेमका भी तबादलों का अर्धशतक लगाने के बहुत करीब हैं। वे भी कम नहीं हैं । उन्होंने भी निदा फाजली के एक दोहे के साथ अपनी बात,  अपने दर्द को कुछ इस तरह बयां किया है…

वो सूची का कौल हो या पंडित का ज्ञान

जितनी बीते आप पर, उतना ही सच जान ।

तबादलों की बात चली है तो पिछले वर्ष फतेहाबाद की पुलिस अधीक्षक संगीता कालिया की कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री अनिल विज से टकराव के चलते भोंडसी में ट्रांसफर कर दी गई थी क्योंकि विज गुस्से में यह कहकर बैठक छोड गये थे कि या एसपी रहेगी या मैं । आजकल संगीता कालिया भोंडसी का वनवास काटकर  रेवाड़ी में फिर से पुलिस अधीक्षक हैं ।

मजेदार बात यह है कि अब विज महोदय की मुख्यमंत्री ऑफिस में तैनात अधिकारियों से भी कम ही पटती है । एक आई ए एस अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के शिष्टमंडल से मुलाकात क्या कर ली , अब विज कह रहे हैं कि बैठकें भी वही अधिकारी ले लें, उनका क्या काम ?

राजनीति और नौकरशाही में टकराव के अनेक उदाहरण हैं । इनमें यूपी की एक महिला अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल का मामला भी खूब चर्चित रहा था । एक धार्मिक स्थल की दीवार गिराने के आदेश देने पर एक सपा नेता ने मुख्यमंत्री अखिलेश को  फोन कर आधे घंटे में ट्रांसफर करवा दिया था । यही नहीं महिला अधिकारी की नौकरी पर ही बन आई थी । आखिर पति-पत्नी नेता जाकर मुख्यमंत्री अखिलेश से माफी मांगी थी । बिल्कुल अंत में दुष्यंत कुमार के शब्दों में इतना ही कहना चाहूंगा…

दस्तकों का अब किवाड़ों पर असर होगा जरूर

हर हथेली खून से तर और ज्यादा बेकरार ।

लेखक कमलेश भारतीय हरियाणा ग्रंथ अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष हैं।

कासनी ने बनाया तबादलों का कीर्तिमन Reviewed by on . हरियाणा के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी प्रदीप कासनी ने तबादलों का ऐसा कीर्तिमान बना दिया है, जिसे शायद ही कोई अधिकारी तोड़ पाए । कासनी की 32 साल की नौकरी में यह 67 हरियाणा के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी प्रदीप कासनी ने तबादलों का ऐसा कीर्तिमान बना दिया है, जिसे शायद ही कोई अधिकारी तोड़ पाए । कासनी की 32 साल की नौकरी में यह 67 Rating: 0

Comments (1)

  • Kamlesh bhartiya

    हरियाणा खास डाॅट काॅम की प्रस्तुति के लिए आभार । यह अविक से अधिक लोगों तक अपनी वेबसाइट दूसरों की आवाज पहुंचा सके । अभिव्यक्ति का सही मंच व स्वर बन सके , यही कामना करते हुए, बधाई ।

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