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रक्षाबंधन – 7 अगस्त नै है सलोमण, हरियाणा मैं गाये जां हैं ये गीत

August 1, 2017 11:16 am by: Category: तीज तयोहार, साहित्य खास Leave a comment A+ / A-

सामण की पणवासी नै मनाया जा है सलोमण का त्यौहार। सलोमण यानि रक्षाबंधन यानि राखी। इस त्यौहार के समय हरियाणा में कई जगहों पर मेलों का तो कई जगह खेलों का आयोजन किया जाता है। बहनों को तो आप जानते ही हैं विशेष इंतजार इस दिन का रहता है। क्यों रहता है वैसे तो आप जानते हैं फिर भी पढिये इस गीत में

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सामण की रै सलोमण भाई पोंछी बांधूंगी

रे पोंछी बंधाई का नेग भाई भारया मांगूंगी

हे बांध दे बेबे बांध दे बेबे भारया बांध दे

हे पोंछी बंधाई का नेग बेबे भारया मांग ले

धोळी सिलवार सिळाइयां का जंफर मंगवा दे रे भाई

दिल्ली त रे मेरा लाल दुप्पट्टा मंगवा दे रे भाई

भाई बहन के प्रेम को दर्शाता और रक्षाबंधन के महत्व को दर्शाता यह गीत आपने पढा। वहीं कुछ ऐसे गीत भी हैं जो इसे थोड़ा और विस्तार देते हैं देखिये इस गीत में किस प्रकार एक बहन के दुख को दूर करने के लिये भाई अपनी जान की परवाह नहीं करता।

जोगिन्द्र पोंछी बंधवा ले रे तेरे बांधे मां जाई भाण

निरमला फेर बांधियो कॉलिज म्हैं हो रही देर

जोगिन्द्र पूठा आग्या हे कॉलिज की हो गई टाल

निरमला इब बांध दे बंधवावै मां जाया बीर

निरमला पूंछी बांधै हे पूंछी पै आंसू चार

निरमला साच बता दे हे तू क्यों रोई भाण

जोगिन्द्र पोंछिया का दिन स र तेरा जीजा काटै काद

निरमला रोइये मत ना ए बदळे म्हैं कटा द्यूं कैद

जोगिन्द्र सूळी चढग्या ए उनै देखै सारी संसार

निरमला इब क्यों ना मरगी ए बदले म्हैं खपा दिया बीर

निरमला पतियां की दुनिया रे ना पावै मां जाया बीर

दोनों ही गीत हमने लोकगीतों का बुगचा नामक पुस्तक से लिये हैं। इन गीतों को संकलित करने के लिये पुस्तक की लेखिका निर्मल हरियाणा के हर जिले के चुनिंदा गांवों में गई और महिलाओं से गीतों को सुन-सुन कर उन्हें पुस्तक में संकलित किया है।

रक्षाबंधन – 7 अगस्त नै है सलोमण, हरियाणा मैं गाये जां हैं ये गीत Reviewed by on . सामण की पणवासी नै मनाया जा है सलोमण का त्यौहार। सलोमण यानि रक्षाबंधन यानि राखी। इस त्यौहार के समय हरियाणा में कई जगहों पर मेलों का तो कई जगह खेलों का आयोजन किया सामण की पणवासी नै मनाया जा है सलोमण का त्यौहार। सलोमण यानि रक्षाबंधन यानि राखी। इस त्यौहार के समय हरियाणा में कई जगहों पर मेलों का तो कई जगह खेलों का आयोजन किया Rating: 0

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