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राम रहीम दोषी – आस्था सिर्फ बाबा में नहीं देश के कानून में भी रखें

August 25, 2017 4:56 pm by: Category: खबर खास Leave a comment A+ / A-

आखिरकार संत गुरमीत राम रहीम सिंह इंसा को साध्वी यौन शोषण मामले में सीबीआई की पंचकुला स्थित विशेष अदालत ने दोषी क़रार दे दिया है। भले ही देर से ही सही लेकिन पीड़िता को न्याय मिला है। हालांकि अब जो हालात पैदा हो सकते हैं उनसे पूरा हरियाणा सहमा हुआ है। रामपाल प्रकरण में अपना मुंह जला चुकी हरियाणा सरकार इस बार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।

सरकार से लेकर न्यायालय तक ने हालातों को नियंत्रण में रखने के निर्देश दिये हैं और शरारती तत्वों से सख्ती से निबटने की चेतावनी भी। सवाल यह है कि धारा 144 के बावजूद पंचकूला में लाखों डेरा प्रेमियों का जो जमघट लगा हुआ है उससे अब किस तरह निबटा जायेगा।

यह समय हरियाणा सरकार, प्रशासन और समस्त हरियाणा वासियों के लिये एक परीक्षा की घड़ी का है। अनुयायी कोई बाहर से नहीं हैं इसी प्रदेश के बासिंदे हैं। हाल में प्रदेश की राजधानी चंडीगढ़ में हुई छेड़खानी की घटना और दस साल की बच्ची के मां बनने पर इनमें से बहुत सारे लोग आरोपियों को फांसी पर लटकाने और पीड़िता को न्याय दिलाने के पक्ष में रहे होंगे लेकिन आज वही लोग एक दुष्कर्मी बाबा को बचाने के लिये उसकी ढ़ाल बने हुए हैं।

आखिर क्यों लोग अपनी आंखों से अंध श्रद्धा की पट्टी नहीं हटा पा रहे हैं। क्यों नहीं समझ पा रहे हैं कि कोई अपनी बदनामी का ढिंडोरा यों ही नहीं पीटता है। जब बात हद से गुजरती है तो ही हलक से चीख निकलती है।

साध्वियों के साथ दुष्कर्म हुआ और इसके दोषी गुरमीत राम रहीम हैं। अदालत ने यह कह दिया लेकिन एक बार के लिये मैं अनुयायियों को सही मान लेता हूं लेकिन क्या इसी मामले को लेकर साध्वी के भाई रणजीत की हत्या कोई इत्तफाक है। पूरा सच के संपादक रामचंद्र छत्रपति ने जिस प्रमुखता के साथ चिट्ठी को प्रकाशित कर मामले को उठाया उनकी हत्या होना क्या यह भी इत्तेफाक है?

किसी भूत प्रेत या विदेशी ताकत ने तो उनकी जान नहीं ली है? बाबा के कहने पर यह नहीं हुआ तो फिर किसने करवाया और क्यों करवाया? बाबा के अलावा जिसने भी करवाया हो उसके क्या स्वार्थ सिद्ध हो सकते हैं?

कुछ अनुयायी अक्सर यह कहते हैं कि बाबा आज के दिन एक बड़ा ब्रांड बन चुका है जिसकी विदेशी कंपनियां दुश्मन बन चुकी हैं। उन्हीं ताकतों का इसके पिछे हाथ है तो यह तर्क भी बेबुनियाद है क्योंकि बाबा ने अपना साम्राज्य तो उसके बाद ही अधिक फैलाया है। कुछ डेरे के खिलाफ साजिश बताते हैं। कहते हैं वह नशा छुड़वाते हैं इसलिये नशा बेचने वाली ताकतें उन्हें फसाना चाहती हैं। वीरेंदर भाटिया जी ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि डेरे के अनुसार 2017 में उनके 5 करोड़ अनुयायी हैं। केस 15 साल पहले 2002 का है। तब डेरे के अनुयायियों की संख्या कितनी थी, उनमें कुल कितने पुरुष थे, कितनी स्त्रियां और कितने बच्चे। उनमें भी नशा करने वालों की संख्या कितनी थी जिनका नशा छुड़वाया? तब डेरे के भक्तों की संख्या बहुत कम थी तो ऐसे में वह भला किसी को क्यों खटकेगा। तब से लेकर आज तक शराब का राजस्व बढा है और कई गुना बढ़ा है तो ऐसे में यह तर्क कि कोई और ताकत इसके पिछे है बेबुनियाद है। सीबीआई की गहन जांच का नतीजा है कि आज डेरामुखी गुरमीत राम रहीम दोषी करार दिये गये हैं।

सजा क्या होगी? कितनी होगी 28 अगस्त तक यह रहस्य बरकार रहेगा। लेकिन जानकारों के मुताबिक कम से कम सात साल की सजा होनी तो तय है।

वहीं डेरे के अनुयायी डेरा प्रमुख को दोषी करार दिये जाने के बाद बेकाबू हो चुके हैं। धड़ल्ले से सरकारी संपत्तियों को फूंका जा रहा है। पंजाब और हरियाणा के संवेदनशील हिस्सों भठिंडा, सिरसा, पंचकूला में अब तक कई घटनाएं हो चुकी हैं। मीडिया में आई खबरों के अनुसार 5 लोगों की मौत भी हो चुकी है संख्या और भी बढ़ सकती है। हमारी अपील है कि हरियाणा लगभग एक साल पहले आरक्षण आंदोलन के दंगों से अभी उभरा नहीं है। रामपाल प्रकरण के दौरान हुई हिंसा और मौतें भी सामने हैं। ऐसे में इस आग को और न बढ़ाएं। सीबीआई की इस अदालत का निर्णय अंतिम निर्णय नहीं है। शांति बनाये रखते हुए देश के कानून की पालना करें। न्यायालय के निर्णय का सम्मान करें।

राम रहीम दोषी – आस्था सिर्फ बाबा में नहीं देश के कानून में भी रखें Reviewed by on . आखिरकार संत गुरमीत राम रहीम सिंह इंसा को साध्वी यौन शोषण मामले में सीबीआई की पंचकुला स्थित विशेष अदालत ने दोषी क़रार दे दिया है। भले ही देर से ही सही लेकिन पीड़ आखिरकार संत गुरमीत राम रहीम सिंह इंसा को साध्वी यौन शोषण मामले में सीबीआई की पंचकुला स्थित विशेष अदालत ने दोषी क़रार दे दिया है। भले ही देर से ही सही लेकिन पीड़ Rating: 0

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