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रानी तालाब – यहीं करने आती थी जींद रियासत की रानी स्नान

तेरी दुनिया से हो के मजबूर चला गाना यहां फिल्माया गया

June 2, 2016 12:57 am by: Category: धरोहर खास Leave a comment A+ / A-

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तेरी दुनिया से होके मजबूर चला गाना तो आपने सुना ही होगा, देखा भी है क्या? देखा होगा तो गौर से नहीं देखा होगा। अब जब भी समय लगे तो जरुर गौर से देखियेगा। दरअसल हम आपसे इतना अनुरोध इसलिये कर रहे हैं क्योंकि इस गीत को जहां फिल्माया गया वह जगह कहीं और नहीं बल्कि हमारे अपने प्रदेश हरियाणा के लगभग मध्य में स्थित और एक समय पर रियासत रहे जींद जिले की है। जींद के भी सिटी सिंबल माने जाने वाले रानी तालाब पर यह गीत फिल्माया गया था। निर्माता-निर्देशक राजेंद्र भाटिया के निर्देशन में बनी फिल्म पवित्र-पापी का यह गाना था जो कि 1970 में बनी थी। उस दौर में यह तालाब फिल्मकारों को अपनी ओर आकर्षित करता था। तालाब में भगवान शिव का मंदिर है जिसे कैलाश मंदिर और भूतेश्वर मंदिर भी कहा जाता है।

जींद रियासत के राजा ने बनवाया था रानी तालाब

जींद रियासत के राजा रघुबीर सिंह ने श्री हरि कैलाश मंदिर यानि भूतेश्वर मंदिर का निर्माण अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की तर्ज पर करवाया था। कहा जाता है कि इस तालाब में रानी सुरंग के रास्ते से स्नान व पूजा करने आती थी इसी कारण इसे बाद में रानी तालाब कहा जाने लगा। इसे शाही परिवार का पूल भी कहा जाता था।

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सूखा दिया तालाब

एक समय था जब इस तालाब पर काफी चहल पहल रहती थी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र भी यह होता था। लेकिन वक्त के साथ-साथ तालाब को भी सूखाया जाने लगा। दरअसल आस्था और पर्यटन के इस केंद्र पर फिल्माये गये गाने ‘तेरी दुनिया से होके मजबूर चला’वाले मूड में जिंदगी से निराश, हताश और हारे हुए लोग साल दर साल इसमें कूद कर मौत को गले लगाते रहे। हर साल इन निराश, सामाजिक उपेक्षा के शिकार, समाज के डर से इस तालाब में समाने वालों की संख्या भी बढ़ती गई। नतीजन तालाब सूखा दिया गया। यह तालाब बच्चों के लिये क्रिकेट का मैदान बन गया। आवारा पशुओं की शरणस्थली बन गया।

 

सौंदर्यीकरण के लिये मिले 6 करोड़ लग भी गये पर नजर नहीं आते

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मुख्यमंत्री रहते 2012 में रानी तालाब के सौंदर्यीकरण के लिये 6 करोड़ रुपये की घोषणा की थी। पैसा खर्च भी हुआ लेकिन अभी तक रानी तालाब अपने शबाब पर नहीं आया है। अभी भी लोगों को पास से गुजरते एक कसक महसूस होती है। लगभग पिछले दस साल से सूखा पड़े तालाब को पिछले चार से एक उम्मीद बंधी थी लेकिन काम है कि खत्म ही नहीं होने को आ रहा। कभी कोई चीज अटक जाती है कभी कोई। हालांकि तैयारियां अब जोरों पर हैं लेकिन तालाब तो तभी तालाब होता है जब उसमें पानी भरा हो।

 

 

रानी तालाब – यहीं करने आती थी जींद रियासत की रानी स्नान Reviewed by on . तेरी दुनिया से होके मजबूर चला गाना तो आपने सुना ही होगा, देखा भी है क्या? देखा होगा तो गौर से नहीं देखा होगा। अब जब भी समय लगे तो जरुर गौर से देखियेगा। दरअसल हम तेरी दुनिया से होके मजबूर चला गाना तो आपने सुना ही होगा, देखा भी है क्या? देखा होगा तो गौर से नहीं देखा होगा। अब जब भी समय लगे तो जरुर गौर से देखियेगा। दरअसल हम Rating: 0

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