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‘सतरंगी’ में यशपाल शर्मा के साथ काम करना सपने के सच होने जैसा: सचिन शौकिन

August 17, 2016 1:17 pm by: Category: मनोरंजन खास Leave a comment A+ / A-

हरियाणा में एक साल में दो फिल्में रीलिज होना, दोनों को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना हरियाणवी सिनेमा के लिये काफी सुखद और नई उम्मीदों की आहट जैसा लग रहा है। पगड़ी के बाद सोशल मीडिया से लेकर संस्कृतिकर्मियों के बीच सतरंगी भी चर्चित हो रही है। 26 अगस्त को यह फिल्म रीलिज़ हो रही है। हरियाणा खास के संस्थापक संपादक से फिल्म के अभिनेता सचिन शौकीन ने बातचीत की है। अपनी बातचीत में सचिन ने फिल्म के बारे में काफी रोचक जानकारियां दी हैं लेकिन आइये पहले जानते हैं सचिन के बारे में…

sachin sokin

कौन हैं सचिन शौकिन

सचिन शौकिन की उम्र फिलहाल 23 साल है। अपनी इस छोटी सी उम्र में उन्होंनें हरियाणा के युवाओं के लिये खास तौर पर जो कला जगत से जुड़े हैं एक नई उम्मीद जगा दी है। सचिन का जन्म दिल्ली के पीरागढ़ी गांव में हुआ है और दिल्ली के ही गुरु गोबिंद सिंह इंद्रपस्थ विश्वविद्यालय से उन्होंनें ग्रेजुएशन किया है इसके बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातकोत्तर यानि मास्टर्स डिग्री भी हासिल की है। अपनी पढ़ाई पूरी कर सचिन ने हरियाणा के ही प्रसिद्ध चैनल ए1 तहलका हरियाणा में बतौर एंकर भी लगभग ढाई साल तक अपनी सेवाएं दी। उनका भरा पूरा परिवार है जिनमें भाई-बहनों की बात करें तो ये चार भाई-बहन हैं जिनमें सचिन तीसरे नबंर पर हैं सबसे बड़ी बहन है और उनके बाद इनके बड़े भाई फिर ये खुद और एक छोटा भाई भी है। सचिन के पिता भी सुनील शौकिन भी कई हरियाणवी एलबम व हास्य नाटिकाओं में अपने अभिनय का लोहा मनवा चुके हैं। खुद सचिन भी सतरंगी से पहले कई विज्ञापनों में काम कर चुकें हैं। पेश है उनके साथ हुई बातचीत के ये अंश….

जगदीप: सचिन आपकी पहली फिल्म को ही राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है सबसे पहले तो आपको व सतरंगी की पूरी टीम को इसके लिये बहुत-बहुत बधाई।

सचिन शौकिन:  धन्यवाद

जगदीप:  एंकर से एक्टर बनने के सफर की शुरुआत कैसे हुई?

सचिन:  एक्टिंग का शौक तो कॉलेज के समय से ही था.. कॉलेज की सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेता था, लेकिन पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान हुआ तो एवन तहलका पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला फिर उनके बात जब सतरंगी के बारे में पता चला तो मैनें ऑडिशन दिया और निर्देशक संदीप शर्मा को मेरा काम अच्छा लगा और उन्होंनें मुझे यह मौका दिया।

जगदीप: आप बता रहे हैं कि अभिनय का शौक आपको पहले से था, इस क्षेत्र में अपना गुरु किसे मानते हैं?

सचिन:  पहले मैं मंच पर छोटी मोटी प्रस्तुतियों में अपने शौक के कारण शामिल तो होता था लेकिन अभिनय की बारीकियों से अंजान ही रहा… सतरंगी के सैट पर जो कुछ भी मुझे संदीप सर से सीखने को मिला वह बहुत ही अद्भुत अनुभव है इसलिये मैं अभिनय के क्षेत्र में उन्हें ही अपना पहला गुरु मानता हूं।

जगदीप: आपने फिल्म पूरी कर ली, राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला, 26 अगस्त को उम्मीद है हरियाणा के दर्शक भी इसे पसंद करें, कोई खास बात फिल्म की बताना चाहेंगें?

सचिन: सतरंगी बाप बेटी के खूबसूरत रिश्ते की कहानी तो कहती ही है लेकिन युवाओं के लिये इसमें रोमांटिक नजरिये से भी बहुत कुछ देखने लायक है… फिल्म में किसी प्रकार का भौंडापन नहीं है… यह एक पारिवारिक फिल्म है जिसे पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सकता है। दूसरा निर्देशक संदीप शर्मा, मेरी और अभिनेत्री नरगिस नांदल की यह पहली फिल्म है। हमारे पहले प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया इससे खुशी भी बहुत है और उम्मीद भी है कि लोगों को भी यह पसंद आयेगी।

जगदीप: फिल्म में यशपाल शर्मा जो कि एक बड़ा नाम हैं बॉलीवुड में; उनके साथ काम करना कैसा लगा?

सचिन: यशपाल शर्मा सर का मैं बचपन से बहुत बड़ा प्रशंसक रहा हूं और उनके साथ फिल्म करने मौका मिला तो आप मेरी खुशी का अंदाजा लगा सकते हैं मैं अपनी खुशी को बयां नहीं कर सकता, मेरे लिये यह किसी सपने के सच होने जैसा है। यशपाल जी के साथ-साथ हरियाणवी सिनेमा जगत की बड़ी हस्ती नवीन ओहल्याण जी एवं मशहूर लोक कलाकार महाबीर गुड्डू जी भी फिल्म में अहम भूमिका निभाते नजर आयेंगें उनके साथ काम करने को भी मैं अपना सौभाग्य मानता हूं।

जगदीप:  हरियाणा में कलाकारों का उपहास किया जाता है उन्हें गाने बजाने नाचने कूदने वाले या कहें भांड बोला जाता है… आपके परिवार का कैसा रुख था आपके फिल्मी दुनिया में जाने को लेकर?

सचिन: पिता जी हमेशा कहते हैं कि काम वही करो जिसमें दिल लगे, लेकिन एक बार कोई काम शुरू कर दो तो उसे बीच में मत छोड़ो इसलिये मां बाप का पूरा सपोर्ट मिला।

जगदीप:  आपने एक्टिंग और एंकरिंग दोनों कर के देख ली हैं, दोनों में से किसे बेहतर मानते है?

सचिन: एंकरिंग और एक्टिंग दो अलग चीज़ें हैं, दोनों की तुलना करना गलत होगा लेकिन मैं मानता हूं दोनों ही काम चुनौतिपूर्ण हैं।

जगदीप:  आपने बताया कि फिल्म रोमांटिक है…. और युवाओं के लिये इसमें काफी कुछ है… आप बताइये आपने रोमांस सिर्फ पर्दे पर किया है या पर्दे के पीछे नीजि जीवन में भी कुछ चल रहा है?

सचिन:  हा हा हा…. जी नहीं, देखिये रोमांस अभी पर्दे पर दिख रहा है तो वहीं ठीक है… जीवन में तो फिलहाल अपने करियर पर ही ध्यान है।

जगदीप:  फिल्म के बारे में बताईये कितने दिन तक शूट चला और शूटिंग हरियाणा में ही हुई या कहीं बाहर?

सचिन: पूरी फिल्म की शूटिंग तीन जगहों पर की गई है… जींद शहर के दृश्य आपको दिखाई देंगें इसके अलावा जींद के कालवा गांव में और कुछ सीन करनाल में शूट किये गये हैं….. एक गाने की शूटिंग गोहाना में भी की गई थी। शूटिंग का पूरा शेड्यूल 20 दिन का था।

जगदीप: आपकी पहली फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया बड़ी खुशी की बात है अब अगला मुकाम क्या है?

सचिन:  देखिये किसी भी कलाकार का सपना होता है कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में काम करें और अपना नाम कमाये… मेरा भी अगला लक्ष्य वही है लेकिन हरियाणा हमेशा मेरी प्राथमिकता में रहेगा और कोशिश करुंगा कि ज्यादा से ज्यादा हरियाणा के लिये कुछ कर सकूं…. हरियाणा के लोगों को एंटरटेन कर सकूं।

जगदीप: आप तो दिल्ली में पले बढ़े हैं फिर हरियाणा के प्रति लगाव की वजह?

सचिन:  मैं सिर्फ दिल्ली में पला बढ़ा हूं मेरी रगों में भी हरियाणा का खून समानांतर रुप से दौड़ता है, मेरी मां व दादी दोनों हरियाणा से हैं…. दो बुआ हैं दोनों हरियाणा मैं ब्याह रखी हैं। बहन हैं उनकी शादी भी हरियाणा में ही हुई है। पापा की पूरी पढ़ाई हरियाणा से है। मेरे दोस्त अधिकतर हरियाणा से हैं जिनमें से एक आप भी हैं….।

जगदीप: हर साल इक्का दुक्का फिल्मे ही हरयाणवी में बन रही है वे भी व्यावसायिक रूप से कोई खास कमाल नहीं कर पाती, जब की बॉलीवुड हरयाणवी को इस्तेमाल कर खूब पैसा बटोर रहा है क्या कारण लगते है

सचिन:  सबसे पहला कारण तो हरियाणवी फिल्मों का न बनना ही है… कई सालों में एक फिल्म आती है वह भी अप टू द मार्क नहीं होती… लेकिन अब एक साल में 2 फिल्में आयी हैं पगड़ी और सतरंगी तो इसे एक अच्छी शुरुआत माना जा सकता है। लोग भी अब मानने लग गये हैं कि हरियाणवी में अच्छी फिल्में बनने लगी हैं।

जगदीप: फ़िलहाल आपके पास किसी और फिल्म का ऑफर भी है या फिल्म के रिलीज़ होने का इन्तजार है?

सचिन:  देखिये बातचीत तो चल रही है…. कोई खबर आयी तो आपको जरुर बतायेंगें…. फिलहाल तो फिल्म के रिलिज़ का इंतजार और फिल्म के प्रोमोशनल इवेंट में थोड़ा व्यस्त चल रहा हूं…।

जगदीप: चलिये सचिन फिल्म के रीलिज़ होने का इंतजार सिर्फ आपको ही नहीं पूरे हरियाणा को है….एक बार फिर आपको व सतरंगी की पूरी टीम को बधाई इसी उम्मीद के साथ की सतरंगी हरियाणा के लोगों को भी अपने रंग में रंग लेगी। हमसे बात करने के लिये बहुत-बहुत शुक्रिया।

‘सतरंगी’ में यशपाल शर्मा के साथ काम करना सपने के सच होने जैसा: सचिन शौकिन Reviewed by on . हरियाणा में एक साल में दो फिल्में रीलिज होना, दोनों को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना हरियाणवी सिनेमा के लिये काफी सुखद और नई उम्मीदों की आहट जैसा लग रहा है। पगड़ी के हरियाणा में एक साल में दो फिल्में रीलिज होना, दोनों को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना हरियाणवी सिनेमा के लिये काफी सुखद और नई उम्मीदों की आहट जैसा लग रहा है। पगड़ी के Rating: 0

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