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समाजवादी एंबुलैंस पर आयोग: बड़ी देर की हुजूर आते-आते

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017

February 28, 2017 11:58 pm by: Category: खबर खास Leave a comment A+ / A-

आखिरकार चुनाव आयोग की कुंभकर्णी नींद खुल ही गई, जब उसने चुनाव प्रचार में नेताओं के भड़काऊ भाषण का नोटिस लेते हुए न केवल अपनी नाराजगी जाहिर की बल्कि ये निर्देश भी दिए हैं कि ऐसी भाषा का प्रयोग करने से बचें, जो धार्मिक आधार पर समाज को बांटते हों। धर्म और जाति को लेकर दिए गए भड़काऊ भाषण पर संयम बरतने के निर्देश भी दिए हैं। पंजाब, उत्तराखंड, गोवा में मतदान हो चुका। आधे से ज्यादा उत्तर प्रदेश में भी मतदान हो चुका। अब जाकर चुनाव आयोग जागा तो यही कह सकते हैं:-

बड़ी देर से ये आंखें लगी थी,

हुजूर आते-आते बहुत देर कर दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक रमजान और दीवाली पर बराबर बिजली देने और श्मशान बने तो कब्रिस्तान भी बने, जैसी समाज को बांटने वाली बात भाषण में उठा चुके। अमित शाह ने कसाब में कांग्रेस, सपा व बसपा को देखा तो मायावती ने सीधे-सीधे हमला किया। अब गधा पच्चीसी की बात ही क्या करें? अब माकपा की बृंदा करात ने भी अपना योगदान देते हुए कह दिया कि गधे ने पलट कर प्रधानमंत्री से कहा कि मैं गधा जरूर हूं, पर बेवकूफ नहीं हूं। क्या कहेंगे गधा प्रकरण पर? हर खबरिया चैनल पर गधा कवि सम्मेलन होने लगे। वाह, गंधर्वराज कवियों को भी दिला दिया रोजगार।

नारों की क्या कहें? नारा चल रहा है- विकास की चाबी, डिंपल भाभी और डिंपल यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के कब्रिस्तान व श्मशान, दीवाली पर रमजान पर कहा कि बताओ, अब मोदी ने बिजली को भी बना दिया हिंदू-मुसलमान। चुनाव आयोग को बहुत देर बाद याद आया कि समाजवादी एंबुलेंस से समाजवादी को हटाना है। मोबाइल एंबुलेंस से समाजवादी शब्द को हटाया या ढंका जा रहा है, जैसे पिछली बार बसपा के चुनाव चिन्ह हाथी के चिन्ह को ढंका गया था। अखिलेश यादव इन मूर्तियों के कारण ही पत्थर वाली सरकार कहते हैं मायावती की सरकार को। डिंपल के कार्यकर्ताओं के हुड़दंग को लेकर बसपा ने नारा दे दिया- भाभी को सुरक्षा का अहसास कराने को, बहनजी को आने दो। अखिलेश ने झट से इसका जवाब दिया कि भाभी अगर भैया से शिकायत नहीं करेगी तो किससे करेगी? साथ ही जोड़ दिया कि पता नहीं किससे बुआ जी परचे लिखवाकर लाती है कि सभा में आधे से ज्यादा लोग सोते हुए पाए जाते हैं।

सबके अपने-अपने मजेदार जवाब हैं। अमेठी में दो रानियां आमने-सामने हैं। भाजपा ने गरिमा सिंह को तो कांग्रेस ने अमिता सिंह को मैदान में उतारा। गठबंधन के बावजूद सपा के दागी मंत्री गायत्री प्रजापति डटे हैं। गरिमा सिंह अपने परिवार को मुद्दे पर इंसाफ मांगने निकली हैं और यह भी कहा जा रहा है कि वे अपने को महारानी कहलाना पसंद करती हैं। खुद राजा संजय सिंह रानी अमिता के साथ वोट डालने पहुंचे और कहा कि यह चुनाव है, इंसाफ पाना है तो न्यायालय जाएं।

उत्तर प्रदेश दागी, बागी और परिवारवादी प्रत्याशी सभी दलों में हैं, फिर भी एक-दूसरे पर इनके आरोप जारी हैं। अखिलेश यादव ने मुख्यतार अंसारी की कौमी एकता पार्टी का विलय रद्द करवाया तो मायवती ने अपनाया। बसपा के टिकट देने की क्या मजबूरी थी। टिकट दिया तो अमेठी जाने की क्या जरूरत थी? एफआईआर गायत्री के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दर्ज हो गई, पर गिरफ्तारी क्यों नहीं?

चुनाव में गठबंधन के बाद कांग्रेस की शीला-दीक्षित ने भी कमाल का बयान दिया कि राहुल को परिपक्व होने का समय दें और अखिलेश ने ‘द हिंदू को कहा कि पारिवारिक विवाद के चलते कांग्रेस से गठबंधन मजबूरी थी। राज बब्बर ने कहा कि वे जरूरी कह रहे होंगे। अभी दो चरण तक क्या-क्या कहा जाएगा? नेता क्या-क्या बोल रहे, हे रामजी।

लेखक परिचय

लेखक कमलेश भारतीय हरियाणा ग्रंथ अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष रहे हैं। इससे पहले खटकड़ कलां में शहीद भगतसिंह की स्मृति में खोले सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ग्यारह साल तक हिंदी अध्यापन एवं कार्यकारी प्राचार्य।  फिर चंडीगढ से प्रकाशित दैनिक ट्रिब्यून समाचारपत्र में उपसंपादक,  इसके बाद हिसार में प्रिंसिपल रिपोर्टर । उसके बाद नवगठित हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष बने। कथा समय मासिक पत्रिका का संपादन। मूल रूप से पंजाब के नवांशहर दोआबा से, लेकिन फिलहाल रिहाइश हिसार में। हिंदी में स्वतंत्र लेखन । दस संकलन प्रकाशित एवं एक संवाददाता की डायरी को प्रधानमंत्री पुरस्कार।

समाजवादी एंबुलैंस पर आयोग: बड़ी देर की हुजूर आते-आते Reviewed by on . आखिरकार चुनाव आयोग की कुंभकर्णी नींद खुल ही गई, जब उसने चुनाव प्रचार में नेताओं के भड़काऊ भाषण का नोटिस लेते हुए न केवल अपनी नाराजगी जाहिर की बल्कि ये निर्देश भ आखिरकार चुनाव आयोग की कुंभकर्णी नींद खुल ही गई, जब उसने चुनाव प्रचार में नेताओं के भड़काऊ भाषण का नोटिस लेते हुए न केवल अपनी नाराजगी जाहिर की बल्कि ये निर्देश भ Rating: 0

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