Friday , 22 September 2017

पौष मास – पोह का म्हिना रात अंधेरी

पौष मास – पोह का म्हिना रात अंधेरी

किसान के दुख की कथा कहती यह हरियाणवी रागनी/कविता पढ़ें जिसे लिखा है डॉ रणबीर सिंह दहिया ने। पोह का म्हिना रात अन्धेरी, पड़ै जोर का पाळा सारी दुनिया सुख तैं सोवै मेरी ज्यान का गाळा ...

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किसान नै के ठाया रै

किसान नै के ठाया रै

नोटबंदी पर किसानों के दुख को व्यक्त करती डॉ रणबीर सिंह दहिया की हरियाणवी कविता - किसान नै के ठाया रै   किसान नै मनै खोल बतादे यो थारा के ठा राख्या रै।। खेती करनी मुश्किल करदी ...

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नोटबंदी पर मोदी विरोधी की कविताएं

नोटबंदी पर मोदी विरोधी की कविताएं

  1 भक्त मार रहे रूक्के मोदी नै बोल्ड स्टैप उठाया है मैं कहूं इस एक कदम नै पूरा देश रंभाया है वें मारैं सैं रूके इसतै काळा धन काबू आ ज्यागा मैं कहूं काळा धोळा हो लिया इब बता ...

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नोटबंदी – रै मोदी.. तनै आच्छी गोभी खोदी

नोटबंदी – रै मोदी.. तनै आच्छी गोभी खोदी

रै मोदी तनै आच्छी गोभी खोदी कवि इंद्रजीत की यह कविता फेसबुक से लेकर व्हट्सएप तमाम सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई.... कुछ ने तो इस कविता को अपने नाम तो कुछ ने अज्ञात नाम से ही प्रका ...

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सपने म्हं नेता

सपने म्हं नेता

(हरियाणा में सपनों के दो बड़े कवि माने जाते हैं दोनों ही गुरु शिष्य हैं। फौजी (जाट) मेहर सिंह और कृष्णचंद। इनके सपनों में सौंदर्य का वर्णन हैं, ससुराल का वर्णन है, एक भरा पूरा ग्र ...

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एजी एजी देश में रब्ब का रुप सरकार

एजी एजी देश में रब्ब का रुप सरकार

  हरियाणा में एक से एक बढकर कवि हैं कैथल जिले में रहने वाले एक वयोवृद्ध चिंतक श्री मान सिंह धारीवाल जी जो कि समाजसेवी सुनीता धारीवाल जी के ससुर भी हैं, सुनीता धारीवाल जी की फ ...

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किसने किया हरियाणा की संस्कृति का भट्ठा गोळ

किसने किया हरियाणा की संस्कृति का भट्ठा गोळ

  इन दिनों सपना चौधरी डांसर मामले ने एकाएक वर्तमान गायकों द्वारा मंच पर परोसी जाने वाली फूहड़ता की ओर भी लोगों का ध्यान आकर्षण किया है। कुछ कलाकार संस्कृति के नाम पर अश्लील ग ...

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नशा नाश की जड़

नशा नाश की जड़

नशा नास की जड़ हो तू मतन्या लोवै लागै बूरी नशे की लाग भगत क्यूं घर कूणबे नै त्यागै   कदे मोटी सामी होया करदा आज बाळक रुळ रे रेत मैं कदे ट्रैक्टर चाल्या करदे आज बोर्ड गढ रे खे ...

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प्रेमी प्रेमिका संवाद

प्रेमी प्रेमिका संवाद

शहर के एक बड़े उद्यान में प्रेमी ने कहा प्रेमिका के कान में चलो प्रिये कहीं और चलते है जहाँ पर मोहोब्बतो के दौर चलते है यहाँ प्यार करना आसान नहीं है इस पार्क में कोई जगह सुनसान नह ...

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हरियाणवी कविता – थूल्ली

हरियाणवी कविता – थूल्ली

खेल्या हामनै डंडा सौलिया कदे बगाई लाल मैं गुल्ली लुकमी चाई, पकड़म पकड़ाई भाजे-रूकगे फेर खाई थुली.... शक्कर भीजी, नुणियां घण्टी फिटो, घूते, कदे गुलर बरबंटी बिजो, बरफी, राम के खाने कद ...

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