Saturday , 25 November 2017

रूमान और इंकलाब के बेजोड़ शायर थे फैज

रूमान और इंकलाब के बेजोड़ शायर थे फैज

  मुझसे पहली सी मोहब्बत मेरे महबूब न मांग                और भी दुख हैं जमाने में मोहब्बत के सिवा फ़ैज़ अहमद फ़ैज़। शायरी की दुनियां का वो नाम जिनकी रचनाओं में इंक़लाबी और रूम ...

Read More »
शायर-ए-मशरीक़ सर मुहम्मद इक़बाल

शायर-ए-मशरीक़ सर मुहम्मद इक़बाल

  यूनान-मिस्र-रोमा सब मिट गए जहाँ से अब तक मगर है बाक़ी नामो-निशाँ हमारा कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा देशभक्ति और राष्ट्रीय एकत ...

Read More »
scroll to top