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टैडी डे: जानें कैसे चलन में आये प्यारे टेडी बीयर

February 10, 2017 1:29 am by: Category: खबर खास, तीज तयोहार Leave a comment A+ / A-

वैलेंटाइन वीक का चौथा दिन टेडी डे जो कि 10 फरवरी को होता है। टैडी बहुत क्यूट, बहुत सोफ्ट, बहुत प्यारे होते हैं। वैसे तो टैडी बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को अच्छे लगते हैं लेकिन लड़कियों का टैडी के प्रति कुछ विशेष लगाव देखने में आता है। हालांकि इसके कई सारे रिज़न हो सकते हैं कि लड़कियों को टैडी बियर क्यों अच्छे लगते हैं?

इनमें से एक मुख्य कारण तो यही है कि लड़कियां बहुत ही भावुक होती हैं और प्रेम से जो भी चीज़ उन्हें दी जाती है उनका उसके प्रति विशेष रूप से भावनात्मक जुड़ाव हो जाता है। ऐसे में किसी प्रेमी द्वारा टैडी मिलने पर तो वह टैडी उनके लिये अपने प्रेमी का प्रतिरूप ही हो जाता है। बल्कि प्रेमी के सामने तो हो सकता वे खुलकर सामने भी न आयें लेकिन टैडी से खूब बतिया लेंगी। उसे चूम सकती हैं, गले लगाकर सो सकती हैं। दरअसल बिना विवाह के भारतीय समाज में स्वतंत्र जीवन की सामाजिक स्वीकार्यता फिलहाल नहीं है और बाज़ार का प्रभाव दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है। एक और बाज़ार उन्हें आधुनिक बना रहा है तो दूसरी और सामाजिक परंपराएं उन्हें खुलकर जीने से रोकती भी हैं ऐसे में टैडी से विकल्प जिनमें वह अपने स्वतंत्र जीवन को आभासी रूप में जी लेती हैं। टैडी आर्थिक रूप से भी हर किसी की पहुंच में शामिल हैं और बतौर उपहार चलन में रहता है इस कारण पूरी दुनिया में टैडी का बाज़ार दिन ब दिन फलता फूलता जा रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं टैडी बियर की उपज कैसे हुई? तो आइये टैडी डे पर इस कहानी को जानते हैं।

दरअसल टैडी बियर का चलन होने लगा अमेरिका के 26वें राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट के समय से। किस्सा कुछ यूं है कि एक बार रूजवेल्ट मिसीसिपी किसी विवाद को सुलझाने के लिये गये हुए थे। उन्हें शिकार करना अच्छा लगता था। तो खाली समय में वे निकल लिये शिकार को रास्ते में क्या देखते हैं कि एक घायल भालू को पेड़ से बंधा हुआ पाते हैं। उनके साथ वालों ने सलाह दी कि शिकार सामने है शौक पूरा करो और वापस चलो। लेकिन उन्होंने कहा कि जो पहले से मृत प्राय हो उसका क्या शिकार करना। हालांकि उन्होंने उस भालू को मरवाया भी लेकिन शिकार के लिये नहीं बल्कि इसलिये कि उसे दर्द से छुटकारा मिल सके। उनके इस किस्से को वहां के अखबारों ने हाथों हाथ लिया। उन दिनों क्लिफोर्ड बेरीमेन नाम के कार्टूनिस्ट काफी चर्चित कार्टूनिस्ट थे। उन्होंने वॉशिंगटन पोस्ट के लिये एक कार्टून बनाया जिसमें रूजवेल्ट को भालू के साथ दिखाया गया था। यह काफी चर्चित हुआ। उनके भालू के कार्टून को देखकर एक खिलौनों की दुकान चलाने वाले मॉरिस मिचटॉम ने एक वैसा ही खिलौना बनवाने की सोची। मॉरिस की पत्नी इस काम में माहिर थी। तो उन्होंने उस कार्टून को देखकर भालू जैसा छोटा खिलौना बनाया। अब मॉरिस को कार्टून में रूजवेल्ट और भालू दिखाई दे रहे थे। रूजवेल्ट का निकनेम टैडी होता था तो मॉरिस ने इस खिलौने का नाम टैडी बियर रखने की सोची। फिर वे अपने खिलौने को लेकर रूजवेल्ट के पास पंहुचे और उनसे यह नाम रखने की इजाजत मांगी। रूजवेल्ट बहुत खुश हुए और खुशी खुशी इसकी इजाजत दे दी। फिर क्या था दुनिया को उसका प्यारा सा क्यूट सा टेडी बियर मिल चुका था।

इसके बाद तो इसे लोगों ने हाथों हाथ लेना शुरु कर दिया और तब से लेकर आज तक टेडी के कई रूप सामने आ चुके हैं। अब तो बाजार में हाईटेक टेडी तक मौजूद हैं। इतना ही नहीं टेडी की लोकप्रियता को देखते हुए ही 1984 में इंग्लैंड के पीटरफील्ज हैंपियर में दुनिया का पहला टेडीबीयर संग्रहालय स्थापित हुआ। अमेरिका सहित कई देशों में टेडीबीयर के उत्सव काफी पॉपुलर हैं।

तो टेडी डे पर आपको भी अपने साथी से कोई प्यारा सा कोमल सा टेडी उपहार स्वरूप मिले इन्हीं शुभकामनाओं के साथ हरियाणा खास की ओर से टेडी डे व वैलेंटाइन्स वीक की हार्दिक शुभकामनाएं।

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