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अनुभवहीनता कहो या अनदेखी, सड़कों पर उतरी जनता

September 20, 2016 3:56 pm by: Category: खबर खास Leave a comment A+ / A-

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जब प्रशासन के बेरूख रवैये की अति हो जाए, जब जनता की बात नजरअंदाज की जाने लगे, जब जनहित कि बजाय सियासी हित ही सरकारों पर हावी होने लगे तो जनता भी आखिर बगावत पर उतर आती है। भारी भरकम बिजली के और पानी के बिलो के खिलाफ आखिर गांव टीक के ग्रामीणों का गुस्सा फूट ही गया। गांव टीक में बिजली व पानी के अधिक राशि के बिल आने पर ग्रामीणों के सब्र का पैमाना आखिर झलक ही उठा। इसे लेकर गुस्साए ग्रामीणों ने कैथल कुरुक्षेत्र मार्ग पर सड़क के बीचोंबीच बैठकर जमकर नारेबाजी कर रोष जताया। जिस कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर दोनों विभागों द्वारा भेजे गए भारी भरकम बिलों को ठीक नहीं किया गया तो दोबारा सड़कों पर उतरने पर विवश होंगे। जिसकी सारी जिम्मेवारी विभाग की होगी।

क्या कहते हैं ग्रामीण

ग्रामीण विक्रम सिंह, गेजा राम, सोनू राम, चरण सिंह, काला राम, शंटी, साधू राम, करनैल सिंह, शांति देवी, गुड्डी देवी, सुरेश, राम सिंह, रेखा, सतपाल, संजू, कृष्ण कुमार, राजेंद्र, रानी देवी, शकुंतला, कमला, चमेली, मुनीष कुमार, महेंद्र सिंह आदि ने आरोप लगाया कि पहले बिजली विभाग द्वारा गुमराह करके गांव में जगमग योजना के नाम पर घरों के बाहर मीटर लगा दिए और अधिक राशि के बिल भेजने के साथ भारी जुर्माने भी किए गए  और अब जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा पानी के बिल अधिक राशि के भेजे गए है। जो ग्रामीणों के साथ सरासर अन्याय है। जिससे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि योजना लागू होने के बाद भी गांव में पर्याप्त मात्रा में बिजली की आपूर्ति नहीं दी जा रही है जबकि निगम द्वारा बिल अधिक राशि के भेजे जा रहे है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से पुरजोर मांग की है कि अधिक राशि के भेजे गए बिजली व पानी के बिलों में ग्रामीणों को राहत दी जाए, नहीं तो कठोर कदम उठाने पर बाध्य होंगे।

क्या कहते हैं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी

सम्पर्क करने पर कैथल जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता बिक्रम सिंह ने बताया कि जैसे आदेश उच्च अधिकारियों की तरफ से आये थे उन्ही के अनुसार ही लोगों के बिल भेजे हुए हैं। अगर विभाग किसी को जलसेवाएं दे रहा है तो उसके लिए सभी को कीमत चुकानी होगी चाहे वो ग्रामीण इलाके में है या शहरी इलाके में।  अगर किसी भी उपभोक्ता के सम्बन्ध में कोई दिक्क्त परेशानी है तो वे हमसे सीधे तौर पर मिल सकते हैं।

गांव में भय और अशांति का माहौल : सुरजेवाला

उधर गत दिनों कांग्रेस के दिग्गज नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान प्रदेश की खट्टर सरकार द्वारा ग्रामीण इलाको में भेजे जा रहे बिजली के भारी भरकम बिल और लगाए गए जुर्माने पर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सरकार पर बरसते हुए कहा था कि बिजली की अवैध तरीके से की जा रही बिल वसूली, जुर्माने लगाने की कार्रवाई और छापेमारी दस्ते की कार्रवाही से लोगों में खासकर ग्रामीण इलाकों में भय और अशांति का माहौल है। लोगों को हजारों के बिल और जुर्माने भेजे जा रहे हैं। उन्होनें कहा कि खट्टर सरकार के अनुभवहीनता का शिकार भोली जनता को होना पड़ रहा है। फ़िलहाल ग्रामीणों ने सरकार से उन्हें बिजली और पानी के भारी भरकम बिलों से निजात दिलाने की मांग की है।

-पूंडरी से पत्रकार कृष्ण प्रजापति की रिपोर्ट पर आधारित

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