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गुरमीत राम रहीम के दस रूप

September 27, 2017 1:39 pm by: Category: खबर खास Leave a comment A+ / A-

गुरमीत राम रहीम की ख़बरों से अखबार अटे पड़े मिलते हैं। टीवी चैनल 24 घंटे गुरमीत राम-रहीम व डेरे से जुड़ी जानकारियों को ख़ोज कर ला रहे हैं। कुल मिलाकर अभी तक आप इनके बारे में काफी कुछ जान चुके हैं। लेकिन कहते हैं कि कुछ व्यक्तित्व, कुछ कृतित्व ऐसे होते हैं जिन्हें जितनी बार जाना जाये, जितनी बार देखा जाये, जितनी बार पढ़ा जाये हर बार कोई नया एंगल निकल आता है। ऐसे ही करिश्माई व्यक्तित्व के धनी हैं बलात्कार के अपराध में 20 साल की सजा काट रहे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम। इस लेख में हम आपको बता रहे हैं उनके बारे में वो दस बातें जिन्हें आप जानते तो खूब हैं लेकिन हो सकता है अच्छे से नहीं जानते हों। आइये जानते हैं बहुमुखी प्रतिभा के धनी गुरमीत राम रहीम के दस रूपों के बारे में।

अभिनेता गुरमीत – मैसेंजर ऑफ गॉड से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाले राम-रहीम की फिल्म तो आपने देखी होगी। डेरा प्रेमियों के अनुसार फिल्म ने कमाई भी काफी की है जिससे फिल्म हिट साबित होती है। फिल्मी प्रचार के तो रिकॉर्ड तक कायम हुए हैं, विश्व रिकार्ड कायम किये हैं। लेकिन एमएसजी से लेकर जट्टू इंजीनियर तक बाबा डॉयलोग बोलते जरूर नज़र आते हैं लेकिन अभिनय क्या होता है? कैसे किया जाता है? यह शायद उन्हें सीखने की जरूरत है। वे जिस तरह अभिनय करते हैं, जिस तरह संवाद बोलते हैं उससे इन्हें एक नकली अभिनेता या कहें सी और डी ग्रेड अभिनेता कहा जा सकता है।

संगीतकार – अभिनय ही नहीं संगीत के मामले में इनका यही हाल है। अपने आप को जहां लोक संगीत से लेकर पाश्चात्य संगीत में पारंगत बताते हैं वहीं जब इनके गाने सुनते हैं तो लगता है ढिंचक पूजा और बोल ना आंटी आंऊ वाले ओम मिश्रा के प्रेरणा स्त्रोत यही हैं।

डांसर (नृतक) – अभिनय करने, गाना गाने के अलावा इन्होंने नाचने के मामले में भी नये आयाम स्थापित किये हैं। एक इंटरव्यू में ये स्वयं डांस की कई फोर्म को जानने का दावा करते हैं। साथ ही अपनी फिल्मों में संगीत के साथ-साथ कोरियोग्राफी भी स्वयं ही करते हैं। लेकिन जब इनका नृत्य देखते हैं तो इन पर हंसने से स्वयं को रोक नहीं सकते साथ ही दुख भी होता है कि अपने आपको संत कहने वाला ऐसे कैसे कर सकता है? इतना ही नहीं अभिनेता, गीतकार, संगीतकार, कोरियोग्राफर के साथ साथ ये फिल्म के निर्माता, निर्देशक, राइटर सब स्वयं ही हैं इस मामले में भी इन्होंने कीर्तिमान स्थापित किया है।

इंजीनियर – बाबा जी भले ही 9वीं कक्षा में नॉन मेडिकल की पढ़ाई कर चुके हों, दसवीं में फेल हुए हों, भले ही स्कूल में भी लड़कियों को छेड़ने के आरोप इन पर लगे हों लेकिन ये स्वघोषित इंजीनियर भी हैं। दावा करते हैं कि जितनी भी गाड़ियां इनके पास हैं वो इन्होंने स्वयं डिजाइन की हैं। डेरे में निर्माण संबंधी जितने कार्य किये जा रहे हैं वो सब इनकी इंजीनियरिंग का कमाल है। इन्होंने तो यहां तक दावा किया है कि पढ़े लिखे डिग्री धारक इंजीनियर तक उनके काम से प्रेरणा लेते हैं। इंजीनियरिंग वाली इंजीनियरी में बाबा कितने कमाल के हैं यह तो नहीं कह सकते हैं लेकिन लोगों को फांसने की इंजीनियरिंग में ये कामयाब जरूर हुए हैं।

खिलाड़ी – कला एवं इंजीनियरिंग के मामले में ही नहीं बल्कि खेल की दुनिया का भी वे खुद को बेताज बादशाह मानते हैं। खो-खो, कब्बडी से लेकर कई प्रकार के खेलों का खिलाड़ी नंबर वन मानते हैं। हालांकि सच्चाई यह है कि ये सिर्फ जुर्म की दुनिया के खिलाड़ी हैं और लोगों की जिंदगी, भक्तों की भावना से इन्हें अच्छी तरह से खेलना आता है।

व्यापारी – गुरमीत राम रहीम भी रामदेव के नक्शेकदम पर चलते हुए व्यापारी जगत में शामिल हुए हैं। सिरसा में इन्होंने सच नाम से पूरी मार्केट ही तैयार कर रखी है। इसके अलावा जगह-जगह पंतजलि की तरह एमएसजी प्रोडक्ट के स्टोर भी खुले हुए हैं। हालांकि संतों ने हमेशा सच्चा सौदा किया है लेकिन गुरमीत राम रहीम ने तो सच का ही सौदा कर अपना नाम कमाया है।

घरबारी – नाम के आगे भले ही संत लगता हो, बाबा लगता हो लेकिन इनका भरा पूरा परिवार भी है ये घरबारी बाबा हैं। पत्नी है, बेटा है, बेटी भी है और एक मुंहबोली बेटी भी। लेकिन सगे बेटा-बेटी बाबा के साथ कैमरे के फ्रेम में कभी दिखाई न दिये हों लेकिन मुंहबोली बेटी हनीप्रीत हर मौके पर परछाई की तरह नज़र आई है। जेल के कारण बाबा को जुदाई का जो दर्द सहन करना पड़ रहा है उसकी पीड़ा कई बार झलक चुकी है।

रिकार्डधारी – गुरमीत राम रहीम के नाम अनेक विश्वरिकार्ड गीनिज़ बुक, लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड आदि में दर्ज हैं। दरअसल बाबा की भावना जनसेवा की कम सुर्खियों में आने की ज्यादा रही है। बल्कि यूं कहा जाये कि अपने कुकृत्यों को छुपाने के लिये उन्होंने जन कल्याण रूपी चादर को ओढ़ रखा था। लेकिन जो भी हो बाबा ने रिकार्ड खूब बनाये हैं। यहां तक कि जेल में रहते हुए वे किसी न किसी रिकॉर्ड को बनाने के लिये प्रयासरत होंगे।

प्रवचनकर्ता – बाबा प्रवचन बहुत अच्छे करते हैं। गुरमीत राम-रहीम के प्रवचन भी काफी प्रचलित रहे हैं। बड़ी ही ज्ञान की बातें अपने भक्तों को बताते हैं। अपने अनुयायियों को प्रभु का जो नाम वे देते हैं उसके साथ कुछ वचन भी उनसे लेते हैं कि पराई स्त्री को अपनी बहन, बेटी के समान समझना, नशा नहीं करना, मांस-मंछली नहीं खाना आदि। लोगों को ज्ञान देना अलग बात है और ज्ञान की बातों को जीवन में धारण करना दूसरी। यही कारण है कि आज दुष्कर्म के मामले में राम-रहीम जेल में है।

संत – कहने को तो गुरमीत के नाम के पहले और बाद में संत व राम रहीम इंसा लगे हैं लेकिन उनके कृत्यों से न वे संत नज़र आते हैं। न ही राम सा आदर्श उनमें है ना ही रहीम सी कल्याण की भावना, इंसा तो उनकी खुद की इज़ाद थी लेकिन वे इसके साथ भी न्याय नहीं कर सके और इंसानियत के नाम पर हैवानियत की दुकान चलाते रहे। कुल मिलाकर राम रहीम किसी भी लिहाज से संत कहलाने लायक नहीं है। बल्कि वह दुष्कर्मी है और हत्यारोपी है।

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