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वैलेंटाइन डे हरियाणवी पोएट्री

February 13, 2017 11:43 pm by: Category: खबर खास, तीज तयोहार, साहित्य खास Leave a comment A+ / A-

 

वैलेंटाइन डे पर पेश है आप सब के लिये हरियाणवी कविता जो एकतरफा प्यार करने वाले एक आशिक का अपने प्यार का इजहार और हरियाणवी लड़की के खतरनाक इंकार को बयां करती है।

आशिक वचन –

पूरा मैं एतबार करूं सूं

भगतणी तेर तै प्यार करूं सूं

तेरे मारे लिकड़ूं बखत तै

तेरी खातर वार करूं सूं

कहणा चाहूं था घणे दिनां तै

इब जाकै इजहार करूं सूं

सहम चढ़ै तेरी आंख देख कै

डरूं तेरे तै स्वीकार करूं सूं

हरियाणवी छोरी का जवाब

डट बणाऊं तनै मैं शेरूखान इब

सलमान काढ़ तेरा बाहर धरूं सूं

भूंडे थूण से गोळी होले

ना तेरे हूड पै चार धरूं सूं

शब्दार्थ: भगतणी – प्रेमिका के लिये प्रयोग किया एक शब्द, अंग्रेजी मैं बीलवड समझल्यो, लिकड़ूं – निकलना, खातर – लिये, वार – देर, घणे –  बहुत अधिक, इब – अब, शेरूखान – शाहरूख, काढ़ – निकालना, धरूं – रखना, भूंडे – गंदा, थूण – जिसे देखने से ही नकारात्मकता महसूस होती हो, गोळी होना – गोली की गति से दौड़ना, हूड – मुंह

 

 

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