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पाई के विक्रम ने बनाया नेशनल रिकोर्ड

साइकिल से तय की कन्याकुमारी से लद्दाख तक की यात्रा

August 4, 2016 9:41 am by: Category: खबर खास Leave a comment A+ / A-

विक्रम पाई

 

कहा जाता है की “पूत के पाँव तो पालने में ही दिख जाते हैं” इस कहावत को चरित्रार्थ करते हुए विक्रम पांचाल ने कुछ ऐसा कर दिखाया की नैशनल रिकॉर्ड बना दिया। विक्रम पांचाल ने कन्याकुमारी से लेह लद्दाख़ तक की लगभग साढ़े चार हजार किलोमीटर की साइकिल यात्रा 39 दिन में पूरी कर दी। उसने यह यात्रा वाइल्ड लाइफ सेविंग  के लिए की। पूंडरी पहुँचने पर ग्रामीणों ने विक्रम का स्वागत बड़े जोर शोर से किया और फूल मालायें पहनाकर उसका मान बढ़ाया।

 

कौन है विक्रम और क्यों की यह यात्रा

विक्रम पांचाल पूंडरी हल्के के गाँव पाई का एक गरीब परिवार का बच्चा है। उसका परिवार लकड़ी का काम करके गुजारा करता है लेकिन विक्रम ने उस अपने पुस्तैनी काम के साथ कुछ न कुछ करने की ठानी। विक्रम ने मौन्टैनरिंग की ट्रेनिंग ली और फिर साल 2015 में उसका चयन इंटरनेशनल माउंट एवेरेस्ट पर्वतारोही की टीम में हो गया। इसके लिए लगभग 25 लाख रूपये की जरूरत थी लेकिन एक गरीब परिवार का बच्चा होने की वजह से वह इतना खर्च वहन नही कर सकता था। उसने कई निजी कंपनियो,  हरियाणा सरकार और भारत सरकार के मंत्रियों से भी मदद मांगी लेकिन उसका यह सपना अधूरा ही रह गया। लेकिन इतना हो जाने के बावजूद भी उसने हार नही मानी और कुछ कर गुजरने की चाह लेकर निकल पड़ा कुछ करने के लिए। उसने एक टीम बनाई व कन्याकुमारी से लेहलद्दाख तक साइकिल यात्रा करने का विचार बनाया लेकिन किसी कारणवश पूरी टीम नही जा सकी। 22 जून को कन्याकुमारी से विक्रम ने अकेले ही साइकिल यात्रा शरू की और लगभग साढ़े चार हजार किलोमीटर की यात्रा उसने 30 जुलाई को पूरी कर ली।

विक्रम

 

विक्रम ने बनाया नेशनल रिकॉर्ड

39 दिन में अपनी यात्रा पूरी कर विक्रम अपने आखिरी पड़ाव लेह लद्दाख़ से भी 40 किलोमीटर ऊपर खरदुंगला टॉप पर पहुंचा जो की दुनिया का हाईएस्ट मोटोरेबले टॉप है। उसने वहाँ पर भारत का राष्ट्रीय ध्वज फहराया और यात्रा को पूर्ण किया। इसके साथ ही इतनी दूरी की यात्रा करने का नेशनल रिकॉर्ड भी विक्रम के नाम हो गया। इससे पहले इतनी ही दूरी की यात्रा 45 दिन में पूरी की गई थी।

 

वन्य प्राणी संरक्षण और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने का दिया संदेश

विक्रम ने अपनी इस यात्रा को सिर्फ एडवेंचर के लिये पूरा नहीं किया बल्कि इस यात्रा के जरिये उसने लोगों को वन्य प्राणियों के सरंक्षण का संदेश दिया। साथ ही बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिये यातायात के नियमों का पालन करने का संदेश भी इस यात्रा के जरिये विक्रम ने दिया। साढ़े चार हजार किलोमीटर लंबी इस यात्रा में हजारों लोगों तक विक्रम ने अपनी बात पंहुचाई।

 

माउंट एवरेस्ट पर भी तिरंगा लहराना चाहता है विक्रम

विक्रम अपनी इस यात्रा के पूरी होने से काफी उत्साहित है उसका कहना है कि अगर कुछ करने की लग्न हो तो किसी भी बाधा को पार कर सकते हैं। उसने युवाओं को अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसको पूरा करने के लिए प्रेरित किया। अब विक्रम का अगला लक्ष्य दुनिया की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवेरेस्ट पर भारत का तिरंगा झंडा लहरा कर देश का गौरव बढ़ाना है।

 

पाई के विक्रम ने बनाया नेशनल रिकोर्ड Reviewed by on .   कहा जाता है की "पूत के पाँव तो पालने में ही दिख जाते हैं" इस कहावत को चरित्रार्थ करते हुए विक्रम पांचाल ने कुछ ऐसा कर दिखाया की नैशनल रिकॉर्ड बना दिया। व   कहा जाता है की "पूत के पाँव तो पालने में ही दिख जाते हैं" इस कहावत को चरित्रार्थ करते हुए विक्रम पांचाल ने कुछ ऐसा कर दिखाया की नैशनल रिकॉर्ड बना दिया। व Rating: 0

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